बाह्य प्राणायाम रोज करने से मिलते हैं ये 9 फायदे, जानें इसे करने का तरीका

नियमित रूप से बाह्य प्राणायाम करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। चलिए जानते हैं इस प्राणायाम के फायदे और करने का तरीका

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 07, 2021
बाह्य प्राणायाम रोज करने से मिलते हैं ये 9 फायदे, जानें इसे करने का तरीका

योग स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। अगर आप नियमित रूप से योगासन या प्राणायाम करते हैं, तो आप एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं (Pranayama for Healthy Life)। कोरोना काल में स्वस्थ रहने के लिए हमने कई तरह के योग या प्राणायाम (कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका) को अपनी जीवनशैली में शामिल किया है। लेकिन आप चाहें तो बाह्य प्राणायाम (Bahya Pranayama) को भी नियमित रूप से कर सकते हैं। इसे भी दूसरे प्राणायामों की तरह ही आसानी से किया जा सकता है। बाह्य प्राणायाम करने से भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं (Health Benefits of Behya Pranayama)। बाह्य प्राणायाम को एक्सटर्नल रिटेंशन (External Retention) भी कहा जाता है। इसे उदर रोगों को ठीक करने के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। योगा एक्सपर्ट दीपक झा से जानें बाह्य प्राणायाम के फायदे और इसे करने का तरीका- 

yoa

बाह्य प्राणायाम करने का तरीका (How to Do Bahya Pranayama)

  • - बाह्य प्राणायमाम करने के लिए सबसे पहले किसी शांत और साफ जगह पर एक मैट बिछा लें।
  • - इस पर सुखासन या पद्मासन में बैठ जाएं।
  • - लंबी गहरी सांस लें। 
  • - सांस छोड़ते हुए पेट पर जोर दें और पेट को अंदर की तरफ खीचें।
  • - अब धीरे-धीरे अपनी ठोड़ी को छाती पर लगाने की कोशिश करें।
  • - इस अवस्था में कुछ देर तक रुकें।
  • - आप इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहरा सकते हैं। धीरे-धीरे इसकी समय सीमा को बढ़ाया जा सकता है। 

बाह्य प्राणायाम के फायदे (Benefits of Bahya Pranayama)

बाह्य प्राणायाम को नियमित रूप से किया जाए, तो स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। आपको भी इस प्राणायाम को अपने जीवनशैली में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे आपके पेट से जुड़े सभी रोग दूर होंगे, साथ ही बाह्य प्राणायाम मन और दिमाग को शांत करने में भी लाभकारी होता है।

इसे भी पढ़ें - धूम्रपान छोड़ने के लिए रोज करें ये 4 योगासन, जानें इन्हें करने का तरीका

1. पेट के रोग दूर करे (Good for Stomach)

पाचन तंत्र के सही से काम न करने से पेट के कई रोग जन्म ले लेते हैं। ऐसे में पेट के रोगों को दूर करने के लिए आप बाह्य प्राणायाम कर सकते हैं। इसे रोज करने से पेट में गैस और एसिडिटी की समस्या ठीक होती है। साथ ही यह कब्ज और अपच से भी राहत दिलाता है। बाह्य प्राणायाम अल्सर से भी फायदेमंद माना जाता है। अगर आपको भी पेट से जुड़ा कोई रोग है, तो इस प्राणायाम को जरूर करें। वहीं अगर कोई रोग नहीं है तो भी आप इसे कर सकते हैं। इससे आपको भविष्य में कभी पेट के रोगों की समस्या नहीं होगी। 

2. एकाग्रता बढ़ाए (Increase Concentration)

yoa

अपनी एकाग्रता बढ़ाने के लिए आपको नियमित रूप से बाह्य प्राणायाम जरूर करना चाहिए। यह मन और दिमाग (Mind) को शांत रखने में मदद करता है, जिससे एकाग्रता बढ़ती है। मन की बेचैनी को दूर करने के लिए आप इस प्राणायाम को कर सकते हैं। अगर आपका किसी काम में मन नहीं लगता है, तो आपको इसे रोज करना चाहिए। इससे धीरे-धीरे आपकी एकाग्रता बढ़ेगी और काम में मन लगेगा।

3. डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद (beneficial for Diabetics)

डायबिटीज या मधुमेह के रोगियों के लिए भी बाह्य प्राणायाम बेहद लाभदायक होता है। डायबिटीज में रोगी के शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जिससे उसे काफी परेशानी होती है। ऐसे में आप इसे कंट्रोल में रखने के लिए इसे रोज कर सकते हैं। इससे आपको काफी फायदा मिलेगा।

4. रक्त की आपूर्ति करे (Blood Supply)

बाह्य प्राणायाम शरीर के विभिन्न हिस्सों में रक्त की आपूर्ति करने में मदद करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे कई तरह के रोग खुद ही खत्म हो जाते हैं। अपने शरीर में रक्त प्रवाह को बढ़ाने के लिए आप इस प्राणायाम को जरूर करना चाहिए।

5. मांसपेशियों की ताकत बढ़ाए (Increase Muscle Strength)

पेट की मांसपेशियों को मजबूत और ताकतवर बनाने के लिए भी आप बाह्य प्राणायाम जरूर करना चाहिए। इससे पेट की मांसपेशियां काफी मजबूत बनती हैं। साथ ही इससे मांसपेशियों का लचीलापन भी बढ़ता है। आपको भी इसे अपनी जीवनशैली में जरूर शामिल करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें - अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोज करें ये 4 योग मुद्राएं

6. पाचन शक्ति मजबूत बनाए (Strong Digestion)

yoga

जब पाचन तंत्र के सही तरीके से कार्य करता है, तो हम एकदम स्वस्थ रहते हैं। लेकिन पाचन में थोड़ी सी भी गड़बड़ी हमें बीमार कर सकती है। ऐसे में इसे मजबूत बनाना बहुत जरूरी होता है। आप अपने पाचन तंत्र या शक्ति को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से बाह्य प्राणायाम कर सकते हैं। पाचन तंत्र के मजबूत रहने पर खाना अच्छे से डायजेस्ट होता है, जिससे हमें उसका पूरा न्यूट्रीशन मिलता है। 

7. मूत्रमार्ग के रोग दूर करे (Cure Urinary Tract Diseases)

नियमित रूप से बाह्य प्राणायाम करने से मूत्रमार्ग के रोगों को दूर किया जा सकता है। इसके रोजाना अभ्यास से आपको मूत्रमार्ग से जुड़ी सारी समस्याएं ठीक हो सकती है। अगर आपको मूत्राशय के संक्रमण को भी दूर किया जा सकता है। अगर आप रोज इस प्राणायाम को करते हैं, तो इससे आपको इन समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा।

8. हर्निया के रोग में लाभकारी (Beneficial in Hernia Disease)

हर्निया के रोगियों के लिए बाह्य प्राणायाम बेहद फायदेमंद होता है। नियमित रूप से हर्निया के मरीज इस प्राणायाम को करेंगे, तो उन्हें इसमें काफी फायदा मिल सकता है। अगर आप इसे रोजाना करते हैं, तो आपको हर्निया की समस्या कभी नहीं होगी। लेकिन इस समस्या में आपको हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही इस प्राणायाम को करना चाहिए।  

9. शरीर को फुर्तीला बनाए (Make Body Fit)

बाह्य प्राणायाम करने से शरीर की पूरी थकान दूर होती है। इससे शरीर एकदम फुर्तीला बनता है। यह शारीरिक थकान के साथ ही मानसिक थकान दूर करने में भी लाभकारी होता है। अगर आपको कोई भी काम करने के बाद जल्दी-जल्दी थकान लग जाता है, तो इस प्राणायाम को नियमित रूप से करना शुरु कर दें।

बाह्य प्राणायाम करते हुए सावधानियां (Bahya Pranayama Precautions)

किसी भी योगासन या प्राणायाम को पूरी विधि के साथ किया जाए, तो इसके पूरे फायदे मिलते हैं। साथ ही इसे करते वक्त कुछ सावधानियों को भी ध्यान में रखना जरूरी होता है। 

  • - बाह्य प्राणायाम को हमेशा सुबह खाली पेट ही करना चाहिए।
  • - हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी इस प्राणायाम को करने से बचना चाहिए।
  • - हृदय और सांस संबंधी रोगियों को बाह्य प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
  • - अगर आप गर्भवती हैं, तो भी इसे करने से बचें। महिलाओं को पीरियड्स के समय भी इसे नहीं करना चाहिए।
  • - अगर आपके पेट में दर्द है, तो इस दौरान भी इसे करने से बचें।

अगर आपको कोई गंभीर समस्या है, तो आप योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही इसे करना चाहिए। क्योंकि इसे सही तरीके से करना बहुत जरूरी होता है, अन्यथा इसके फायदों की जगह नुकसान हो सकता है। 

Read More Articles on Yoga in Hindi

Disclaimer