Fri Sep 11, 2026 | 07:36 PM IST

Medically Reviewed by Payal Asthana , Fitness Expert

डेस्क जॉब संघर्ष से लड़कर ऑस्‍ट्रेल‍िया की पायल ने घटाया 23 Kgs, बनीं दूसरों की प्रेरणा, जानें इनका सफर

Weight Loss Journey: ऑस्‍ट्रेल‍िया की पायल अस्‍थाना कभी घुटनों के दर्द और पेनक‍िलर का श‍िकार बन चुकी थीं, आज वह एक फ‍िटनेस कोच हैं और 23 क‍िलो वेट लॉस करने की जर्नी शेयर करने जा रही हैं।

एक लेखक होने के नाते जब हम क‍िसी अपने की कहानी ल‍िखते हैं, तो उसके प्रत‍ि सच्‍चे भाव न‍िकलना स्‍वाभावि‍क है। मेरी दोस्‍त और फ‍िटनेस कोच पायल अस्‍थाना की कहानी ल‍िखते हुए मुझे कुछ ऐसा ही महसूस हो रहा है। मेरी मुलाकात पायल से व्‍यक्‍त‍िगत तौर पर कभी नहीं हुई, लेक‍िन मैं यह दावे के साथ कह सकती हूं क‍ि वह एक बहुत अच्‍छी इंसान हैं। चूंक‍ि वह एक फ‍िटनेस कोच हैं, तो सेहत से जुड़ी जानकारी लेने के ल‍िए मेरी अक्‍सर उनसे बात होती है। आज के दौर में जब लोग फोन नहीं उठाते, मैसेज को नजरअंदाज कर देते हैं, पायल मेरे एक मैसेज का तुरंत जवाब देती हैं क्‍योंक‍ि वह यह समझती हैं क‍ि काम की क्‍या अहम‍ियत होती है?

खैर पायल का ज‍िक्र आज इसल‍िए कर रही हूं क्‍योंक‍ि मुझे उनसे बात करके पता चला क‍ि फ‍िटनेस कोच होने से पहले पायल ने डेस्‍क जॉब भी की है ज‍िसके कारण उनका वजन काफी बढ़ गया था। बढ़ते वजन को कम करने के ल‍िए पायल ने डाइट और एक्‍सरसाइज का सहारा ल‍िया और आज वह खुद कई लोगों के ल‍िए प्रेरणा बन चुकी हैं। ओनलीमायहेल्‍थ की फैट टू फ‍िट सीरीज में आज हम जानेंगे ऑस्‍ट्रेल‍िया की न‍िवासी 38 वर्षीय पायल अस्‍थाना की वेट लॉस जर्नी ज‍िसमें उन्‍होंने 23 क‍िलो वजन कम क‍िया। पहले पायल का वजन 75 क‍िलो था अब 52 क‍िलो है।

डेस्‍क जॉब, पेनक‍िलर और दर्द से जूझ रही थीं पायल

weight-loss-true-story

पायल फ‍िटनेस कोच बनने से पहले डेस्‍क जॉब करती थीं। उन्‍होंने बताया क‍ि डेस्‍क जॉब में घंटों बैठने के कारण उनके घुटने और पैरों में बहुत दर्द रहता था। लगातार बैठने के कारण वजन भी बढ़ गया था। डेस्‍क जॉब में बंधकर न, तो वह कभी अपनी शारीर‍िक सेहत पर गौर कर पाईं और न ही मेंटल हेल्‍थ का ध्यान रखा। इस वजह से उनके काम करने का स्‍टैम‍िना भी कम होने लगा। कभी भी मूड खराब हो जाता और मूड स्‍व‍िंग्‍स की समस्‍या से एनर्जी लो रहती थी। पायल ने बताया क‍ि उन्‍हें अपना शरीर भारी लगने लगा था और उन्‍हें ऐसा महसूस हो र‍हा था जैसे वो जल्‍दी बूढ़ी हो रही हैं।

यह भी पढ़ें- सिर्फ खाने पर कंट्रोल कर 20 किलो वजन किया कम, जानें विशाल मिश्रा की वेट लॉस जर्नी

पेनक‍िलर और दर्द ने मन को तोड़ द‍िया

पायल ने बताया क‍ि डेस्‍क जॉब की चुनौत‍ियों ने उन्‍हें इतना परेशान कर द‍िया था क‍ि उन्‍हें पेनक‍िलर खाना पड़ा। उस पल पायल को ऐसा लगा क‍ि सब कुछ शून्‍य की तरफ जा रहा है। पायल को इस बात का एहसास हुआ क‍ि अगर उन्‍होंने अब कुछ नहीं कि‍या, तो वह खुद को हमेशा के ल‍िए खो देंगी। पायल ने एक द‍िन खुद को शीशे में देखा और तय क‍िया क‍ि उन्‍हें बदलना होगा। बस फ‍िर क्‍या था अगले द‍िन पायल ने अपना डाइट प्‍लान बनाया और एक्‍सपर्ट से सलाह लेकर उस पर अमल करना शुरू कर द‍िया।

वजन कम करने का पहला रूल: डाइट‍िंग नहीं करना

weight-loss-diet-payal-asthana-true-story-weight-loss

पायल ने बताया कि‍ वजन कम करने के ल‍िए उन्‍होंने पहला न‍ियम बनाया क‍ि वह डाइट‍िंग नहीं करेंगी। पायल ने बताया क‍ि उन्‍होंने घर के बने लाइट मील्‍स ल‍िए। बाहर की चीजों का सेवन बंद क‍िया और ताजे फल और सब्‍ज‍ियों का सेवन बढ़ाया। पायल ने बताया क‍ि वजन बढ़ने के कारण लोगों का नजर‍िया बदल जाता है। लोग बुरे कमेंट्स देने लगते हैं। पायल को भी कई लोगों ने कहा क‍ि उनका चेहरा मोटा हो गया है। इस पर पायल ने कोई प्रत‍िक्र‍िया नहीं दी, लेक‍िन उन्‍हें ऐसी बातें करने वाले लोगों की सोच अच्‍छी नहीं लगती।

यह भी पढ़ें- Fat To Fit: मां बनने के बाद नीतू सिंह ने घटाया 20 किलो वजन, जानें लाइफस्टाइल में क्या-क्या किया बदलाव

23 क‍िलो वजन घटाकर 75 से 52 Kgs पर आईं पायल

पायल ने बताया क‍ि डेस्‍क जॉब के कारण उनके पैरों में इतना दर्द था क‍ि चलना भी मुश्‍क‍िल था। जब उन्‍होंने वेट लॉस जर्नी को शुरू करने के बारे में सोचा, तो वजन घटाना ही उनका एकमात्र लक्ष्‍य नहीं था। वह चाहती थीं क‍ि उनके घुटने का दर्द भी कम हो जाए। पायल ने बताया क‍ि वजन घटाने के ल‍िए उन्‍होंने अपने कोच को पहले ही यह बता द‍िया था क‍ि वह ऐसा कोई वर्कआउट नहीं करना चाहतीं ज‍ो वह पूरी ज‍िंदगी न कर पाएं। पायल ने हल्‍के वर्कआउट सेशन से शुरू क‍िया और धीरे-धीरे वजन 75 से 52 कर ल‍िया। 23 क‍िलो वजन घटाकर पायल को पहले से ज्‍यादा आत्मविश्वास महसूस होता है।

यह भी पढ़ें- लाइफस्टाइल में इन बदलावों से रिद्धि सूरी ने घटाया 17 किलो वजन, जानिए फैट टू फिट की रियल जर्नी

इन स्‍टेप्‍स को फॉलो करके पायल ने घटाया 23 क‍िलो वजन- Weight Loss Steps In Hindi

  • पायल ने बताया क‍ि उनकी वेट लॉस जर्नी स‍िंपल थी इसल‍िए उसे फॉलो करना आसान था।
  • पायल ने ज‍िम ज्‍वॉइन क‍िया लेक‍िन हल्‍के वर्कआउट्स को ही प्राथ‍म‍िकता दी।
  • पायल ने एरोब‍िक्‍स से शुरू क‍िया और छोटे मूवमेंट्स से शुरुआत की।
  • ग्रुप क्‍लास ज्‍वॉइन क‍िया क्‍योंकि उसमें मोट‍िवेशन बना रहता है और एक्‍सरसाइज मजेदार बन जाती है।
  • धीरे-धीरे स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग को भी एक्‍सरसाइज रूटीन में शाम‍िल क‍िया। हफ्ते में तीन से चार बार स्‍ट्रेंथ ट्रेन‍िंग क‍िया।
  • पांच हजार स्‍टेप्‍स से दस हजार स्‍टेप्‍स पर आगे बढ़ीं।
  • धीरे-धीरे एक्‍सरसाइज का समय भी बढ़ाया 15 म‍िनट से 30, 30 से 45 और 45 से 60 तक धीरे-धीरे कदम बढ़ाए।
  • पेट भरकर खाना खाया, खुद को भूखा नहीं रखा और न ही ओवरईट‍िंग की।

38 की उम्र में 25 की लगती हैं पायल

पायल ने बताया क‍ि वजन घटाने के बाद उन्‍हें लोगों से अच्‍छी प्रत‍िक्र‍ियाएं म‍िलीं। लोग पायल को अक्‍सर यह कहते हैं क‍ि 38 की उम्र में भी वह 25 की लगती हैं। वजन घटाने के बाद अब पायल को घुटने के दर्द से राहत म‍िली। उनका स्‍टैम‍िना भी पहले से ज्‍यादा बढ़ गया है। पायल का मूड पहले से अच्‍छा रहता है और मानस‍िक सेहत भी बेहतर हुई है। पायल ने सभी को संदेश देते हुए कहा क‍ि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्‍हें छोटे-छोटे कदमों से शुरुआत करनी चाह‍िए। वेट लॉस जर्नी को बोर‍िंग नहीं रोचक बनाएं। वही एक्‍सरसाइज करें ज‍िसे करके आपको मजा आए।

न‍िष्‍कर्ष:

पायल की वेट लॉस जर्नी ने न स‍िर्फ उनका वजन कम क‍िया, बल्‍क‍ि उन्‍हें एक नई और खुशहाल ज‍िंदगी दी। र‍िश्‍ते बेहतर हो गए, काम पर फोकस बढ़ा, नई पहचान म‍ि‍ली और सबसे खास बात पायल अब पहले से ज्‍यादा खुश रहती हैं। आप भी इस कहानी से प्रेरणा लेकर वेट लॉस जर्नी की शुरुआत कर सकते हैं।

उम्मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

Read Next

क्या आप भी कर रहे हैं एक महीने में 10 किलो वजन कम? यकीन मानिए पूरा शरीर हो जाएगा खराब

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Jan 12, 2026 14:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 12, 2026 14:26 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Jan 12, 2026 14:26 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Payal Asthana

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content