इस डिजिटल वर्ल्ड में पुरुष और महिला दोनों ही 8-10 घंटे एक ही डेस्क पर बैठकर काम करते हैं। जब कोई शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं होता है और अपना अधिकतर समय बैठकर बिताता है, तो इसे सेडेंटरी लाइफस्टाइल कहते हैं। बहरहाल, विशेषकर, हम उन महिलाओं की बात करें जो अक्सर बैठकर काम करती हैं, उन्हें अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए,क्योंकि इस तरह काम करने से मोटापे का रिस्क बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यहां सवाल जरूर मन में उठता है कि क्या दिनभर बैठकर काम करने वाली महिलाओं की डाइट अलग होनी चाहिए? आइए, जानते हैं Divya Gandhi's Diet & Nutrition Clinic की डायटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी से।
क्या दिनभर बैठकर काम करने वाली महिलाओं की डाइट अलग होती है?
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जो महिलाएं शारीरिक रूप से सक्रिय रहती हैं, उनका मेटाबॉलिज्म दुरुस्त होता है और उनमें मोटापे का जोखिम भी कम होता है। ऐसी महिलाएं अक्सर फिट होती हैं, जिन्हें हार्मोनल असंतुलन का सामना भी कम करना पड़ता है। वहीं, दिनभर बैठकर काम करने वाली महिलाओं की बात करें, तो उन्हें अपने खानपान को लेकर काफी सावधानी बरतनी चाहिए। इस संबंध में एक्सपर्ट सलाह देती हैं-
1. कैलोरी का रखें ध्यान
अक्सर बैठकर काम करने वाली महिलाओं को इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या खा रही हैं और कितनी मात्रा में खा रही हैं? विशेषकर, रोजाना की कैलोरी इनटेक पर अच्छी नजर होनी चाहिए। न्यूट्रिशनिस्ट दिव्या गांधी बताती हैं कि सेडेंटरी लाइफस्टाइल जीने वाली महिलाओं को 1500 से 1800 कैलोरी रोजाना की लेनी चाहिए। हालांकि, यह मात्रा पूरी तरह से उनकी हाइट और वजन पर निर्भर करती है।
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2. प्रोटीन है जरूरी
दिनभर बैठकर काम करने वाली महिलाओं को प्रोटीन इनटेक पर भी ध्यान देना चाहिए। दरअसल, प्रोटीन का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर भी संतुलित रहता है। इसके लिए उन्हें अपनी डाइट में मीट, पनीर, टोफू जैसी चीजों को शामिल करना चाहिए। आपको बता दें कि प्रोटीन लीन मसल मास (स्वस्थ मांसपेशियों) को बनाए रखता है और मेटाबॉलिज्म में सुधार करता है। यही नहीं, शारीरिक रूप से सक्रिय न रहने के कारण शरीर स्वाभाविक रूप से कम कैलोरी बर्न करता है, ऐसे में पर्याप्त प्रोटीन का सेवन करने से मांसपेशियों को नुकसान कम होता है और क्रेविंग्स को भी कम करने में मदद करता है।
3. बार-बार करें भोजन
जो महिलाएं घंटों एक ही जगह बैठकर काम करती हैं, उन्हें हैवी मील लेने से बचना चाहिए। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन महिलाओं को दिन भर में 4 से 5 बार छोटे और लाइट मील (Light meal) लेने चाहिए। इससे पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता है और मेटाबॉलिज्म भी सक्रिय रहता है। अपने छोटे-छोटे मील में भी सब्जियों की मात्रा अधिक रखें।
4. फाइबर को महत्व दें
जब महिलाएं पूरा दिनभर बैठकर काम करती हैं, तो उन्हें अक्सर पाचन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस तरह की स्थितियों से निपटने के लिए जरूरी है कि महिलाएं अपनी डाइट में फाइबर को जरूर जोड़ें। वैसे भी शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण आंतों की गतिविधि धीमी हो जाती है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और कब्ज की समस्या आम हो जाती है। वहीं, फाइबर से भरपूर चीजें जैसे ओट्स, दलिया, ब्रोकली, हरी पत्तेदार सब्जियां और सेब जैसे फल खाने से पाचन क्रिया में सुधार होता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी संतुलित रहता है।
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5. विटामिन डी और कैल्शियम पर जोर दें
दिनभर बंद कमरे और एसी केबिन में बैठने के कारण महिलाओं को जरूरतर भर का विटामिन डी नहीं मिल पाता है। ऐसे में उनके शरीर में इसकी कमी हो जाती है, जिसकी वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और उन्हें कमर दर्द, पीठ दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे कैल्शियम युक्त चीजों का सेवन अधिक करें और पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी भी लें। इसके लिए डाइट में कम फैट वाले डेयरी उत्पाद (जैसे स्किम्ड मिल्क, दही, पनीर), रागी, और बादाम आदि का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें। अगर शरीर में विटामिन डी3 और बी12 की कमी काफी ज्यादा है, तो डाॅक्टर की सलाह पर इनके सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
6. लो-ग्लाइसेमिक फूड्स लें
जो महिलाएं डेस्क जॉब करती हैं और शारीरिक रूप से पूरी तरह निष्क्रिय रहती हैं, उनकी मांसपेशियां प्रभावी तरीके से ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पाती हैं। ऐसे में इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या होने लगती हैं। ऐसी समस्या आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं लंच में सफेद चावल, मैदा, या पास्ता जैसी हाई-ग्लाइसेमिक चीजें खाने से बचें। इस तरह की चीजें खाने से सुस्ती और नींद भी आने लगती है। महिलाओं को चाहिए कि इस समय साबुत अनाज जैसे ब्राउन राइस, किनोआ, और मल्टीग्रेन आटे का सेवन करें। ये चीजें धीरे-धीरे पचती हैं, जिससे लंबे समय तक शरीर में ऊर्जा बनी रहती हैं और ब्लड शुगर का स्तर भी स्थायी रहता है।
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7. तरल पदार्थ का सेवन करें
डेस्क जॉब करना और 8-10 घंटे एसी में रहने के कारण अक्सर महिलाएं पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भूल जाती हैं। सेडेंटरी लाइफस्टाइल जीने वाली महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है कि वे दिन भर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डेस्क जॉब करते हुए महिलाएं अपने टेबल पर एक पानी की बोतल रख सकती हैं। इस तरह पानी पीना याद रहता है। आप चाहें, तो दिनभर में हर्बल टी, छाछ, नारियल पानी या नींबू पानी का विकल्प चुन सकते हैं। इससे शरीर अंदर से डिटॉक्सिफाई होता है।
निष्कर्ष
डेस्क जॉब करने वाली महिलाओं को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए और कुछ खास पोषक तत्वों पर जोर देना चाहिए। ऐसी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, जिससे उनका वजन बढ़ सकता है या बॉडी डिहाइड्रेट हो सकती है। कई महिलाएं टेबल पर प्रोसेस्ड फूड या स्नैक्स रखती हैं, जिससे उनकी सेहत को भारी नुकसान होता है। ध्यान रखें कि ऐसी चीजों का सेवन करने से वजन बढ़ने का रिस्क रहता है, जो कि थायराइड, पीसीओएस और टाइप-2 डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल बीमारियों का कारण बन सकती हैं। याद रखें, सही और संतुलित डाइट आपको बीमारियों से बचा सकती है और दिनभर एनर्जेटिक भी बनाए रखता है।
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FAQ
डेस्क जॉब के दौरान शाम को स्नैक्स के तौर पर क्या खाना सही रहता है?
मखाने, मुट्ठी भर मिक्स्ड नट्स जैसे बादाम, अखरोट, कद्दू के बीज, रोस्टेड चने या उबले हुए अंडे का सफेद भाग अच्छे विकल्प हो सकते हैं।क्या एक्सरसाइज न करने वाली महिलाओं को घी और तेल पूरी तरह छोड़ देना चाहिए?
ऐसा जरूरी नहीं है। वैसे भी हार्मोनल बैलेंस के लिए हेल्दी फैट्स जरूरी होते हैं। हालांकि, महिलाओं को हर चीज का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
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Jul 07, 2026 13:10 IST
Modified By : Meera Tagore Jul 07, 2026 13:10 IST
Modified By : Meera TagoreJul 07, 2026 13:10 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dt Divya Gandhi