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Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

रोज अलग समय पर खाना खाने का पेट पर क्या असर पड़ता है? एक्सपर्ट से जानें

अगर आप हर दिन अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं, तो अपनी इस आदत में सुधार करें। ऐसा करने पर आपको पेट से जुड़ी कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जानें, इनके बारे में।
रोज अलग समय पर खाना खाने का पेट पर क्या असर पड़ता है? एक्सपर्ट से जानेंरोज अलग समय पर खाना खाने का पेट पर क्या असर पड़ता है? एक्सपर्ट से जानें

हमारी जीवनशैली ऐसी हो गई है कि खाने-पीने का कोई फिक्स टाइम नहीं रह गया है। जब खाना मिल जाता है या जब भूख लगती है, तभी हम खाना खा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक्सपर्ट हमेशा सलाह देते हैं कि खाना खाने का एक फिक्स समय होना चाहिए। अगर आप रोजाना अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं, तो इसका आपके पेट पर बुरा असर पड़ सकता है। आइए, जानते हैं एक्सपर्ट से।

गट्स माइक्रोबायोम का संतुलन बिगड़ना

what happens to your gut when you eat at different times every day 01 (21)what happens to your gut when you eat at different times every day 01 (21)

हमारे पेट के अंदर अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जिन्हें गट्स माइक्रोबायोम कहा जाता है। इन बैक्टीरिया की भी अपनी 24 घंटे की बायोलॉजिकल क्लॉक होता है। जब हम हर दिन अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं, तो इससे माइक्रोबायोम प्रभावित होते हैं और अच्छे बैक्टीरिया की संख्या कम होने लगती है। नतीजतन, बुरे बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं। ऐसे में पाचन क्षमता कमजोर होने लगती है।

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एसिडिटी और अपच

अगर हम रोजाना अलग-अलग समय पर खाना खाते हैं, तो हमारे माइंड से बॉडी को सही संदेश नहीं जा पाता है। वैसे भी हमारा मस्तिष्क और पेट एक निश्चित समय पर पाचक रस और एसिड रिलीज करते हैं। जब हमारे खाना खाने का समय फिक्स नहीं होता है, तो भी शरीर पाचक रस रिलीज करता है। ऐसे में गंभीर एसिडिटी, सीने में जलन और अल्सर का खतरा बढ़ जाता है। वहीं दूसरी ओर, जब कोई अक्सर देर से खाना खाता है, तो इसकी वजह से ब्लोटिंग या अपच की दिक्कतें हो सकती हैं।

कब्ज की समस्या

जब खाना खाने का समय फिक्स नहीं होता है, तो इसकी वजह से मेटबाॅलिज्म पर बुरा असर पड़ता है। ज्यादातर समय पेट यह समझ नहीं पाता है कि उसे भोजन को कब पचाना है और कब पोषक तत्वों को एब्जाॅर्ब करना है। मुख्य रूप से इसी वजह से मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ता है। खाना सही तरह से पच नहीं पाता है, जिसकी वजह से क्राॅनिक कब्ज की समस्या हो जाती है।

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निष्कर्ष

हर व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह एक निश्चित समय पर खाना खाएं। अलग-अलग समय पर खाना खाने से अपच, ब्लोटिंग, एसिडिटी, सीने में जलन और क्राॅनिक कब्ज जैसी परेशानियां होने लगती हैं। ध्यान रखें कि जब पेट साफ नहीं होता है या पाचन संबंधी समस्या होने लगती है, तो कई तरह की अन्य परेशानियां भी ट्रिगर हो जाती हैं, जिसका मेंटल हेल्थ पर असर पड़ सकता है। पेट को स्वस्थ रखने के लिए रोज भोजन का एक निश्चित समय तय करें।

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FAQ

  • क्या खाने का समय बदलने से वजन बढ़ सकता है?

    अनियमित समय पर खाना खाने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की परेशानी होने लगती है। इससे शरीर में फैट स्टोरेज बढ़ जाता है, जिससे वेट गेन होने लगता है।
  • अगर खाना खाने में देरी हो जाए, तो क्या करें?

    अगर मील लेने में देरी हो जाए, तो एकदम से हैवी मील न लें। इसके बजाय हल्का भोजन करें, जैसे सूप, खिचड़ी आदि।

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Meera Tagore

Health Journalist

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Jun 19, 2026 18:08 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Jun 19, 2026 18:08 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput