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पेशाब में जलन क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानें समस्या को ठीक करने के लिए 6 आयुर्वेदिक उपाय

अगर आपको पेशाब करते हुए जलन महसूस होती है, तो आप कुछ आयुर्वेदिक उपाय (Urine Burning Ayurvedic Treatment) आजमा सकते हैं।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Mar 10, 2022Updated at: Mar 10, 2022
पेशाब में जलन क्यों होती है? एक्सपर्ट से जानें समस्या को ठीक करने के लिए 6 आयुर्वेदिक उपाय

Urine Burning Ayurvedic Treatment: पेशाब में जलन होना एक सामान्य समस्या है। सभी लोगों को अपने जीवन में इस समस्या का सामना कभी न कभी जरूर करना पड़ता है। इस दौरान पेशाब करते हुए दर्द, जलन महसूस हो सकता है। पेशाब में जलन की समस्या (Urine Irritation) पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। पेशाब कम आना, पेशाब बंद होना, रुक-रुककर पेशाब आना, पेशाब में खून आना पेशाब में जलन के लक्षण (urine irritation symptoms) हो सकते हैं। ऐसे में इस समस्या को दूर करने के लिए जरूरी है पेशाब का खुलकर आना। रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल, सिरसा के आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा से जानें पेशाब में जलन के कारण और आयुर्वेदिक दवा (Urine Burning Ayurvedic Medicine)-

पेशाब में जलन के कारण : Peshab me Jalan Kyo Hota Hai : Urine Irritation Causes

पेशाब में जलन क्यों होती है? आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि पानी कम पीना, गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना और दवाइयों की वजह से पेशाब में जलन हो सकती है। इसके अलावा मूत्रमार्ग में संक्रमण, गुर्दे की पथरी भी पेशाब में जलन के कारण (Urine Irritation Causes) हो सकते हैं।

पेशाब में जलन की आयुर्वेदिक दवा : Urine Burning Ayurvedic Treatment : Peshab Mein Jalan ke Ayurvedic Upay

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं कि अगर आपको पेशाब करते हुए जलन महसूस होती है, तो इस दौरान आपको गर्म तासीर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए। पेशाब में जलन को शांत करने के लिए ठंडी तासीर वाली चीजें खाना लाभकारी होता है। साथ ही इस स्थित में आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए, इससे यूरिन खुलकर निकलेगा और जलन में भी आराम मिलेगा।

dhaniya pani

1. धनिया पानी (Coriander Water for Urine Infection)

धनिया के बीज का पानी पेशाब की जलन को शांत करने का एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय (How to Cure Burning Urine Naturally) है। धनिया के बीज मूत्रपथ के संक्रमण के इलाज के लिए प्रभावी होते हैं, क्योंकि ये किडनी की सफाई करने में सहायक होते हैं। धनिया पानी पीने से शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ, रोगाणु भी यूरिन के साथ बाहर निकल जाते हैं। धनिया का पानी पीने से यूरिनरी सिस्टम की सफाई अच्छे से होती है।

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2. खस का शरबत (khas ka sharbat)

आयुर्वेदाचार्य श्रेय शर्मा बताते हैं खस का शरबत पीने से पेशाब में जलन की समस्या को शांत करने में मदद मिलती है। खस की तासीर बहुत ठंडी होती है, इससे पित्त दोष शांत होता है। पेशाब की जलन को शांत करने के लिए आप खसखस का शरबत पी सकते हैं। इससे आपको खुलकर यूरिन निकलेगा, साथ ही दर्द और जलन भी कम होगा। गर्मियों में खस का शरबत पीना फायदेमंद होता है

3. चंदन का शरबत

चंदन का शरबत सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। पेशाब में जलन और दर्द होने पर चंदन का शरबत पीना फायदेमंद हो सकता है। चंदन का प्रभाव ठंडा होता है, जिससे पेट की जलन शांत होती है। चंदन का शरबत पीने से शरीर में जमा विषाक्त तत्व आसानी से बाहर निकल जाते हैं। साथ ही पेशाब भी खुलकर आता है। इसके लिए आप लाल चंदन, सफेद चंदन का शरबत घर पर ही बनाकर पी सकते हैं।

giloy ke fayde 

4. गिलोय के फायदे (Giloy Benefits in Hindi)

गिलोय के फायदे: गिलोय एक आयुर्वेदिक औषधि है। आयुर्वेद में इस जड़ी-बूटी का उपयोग कई रोगों को दूर (Giloy ke Fayde) करने के लिए किया जाता है। गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता (Immunity Boosting Food) है। साथ ही गिलोय बुखार, पेशाब आदि से संबंधित बीमारियों में भी असरदार है। पेशाब करते हुए जलन और दर्द की समस्या को ठीक करने के लिए आप गिलोय का काढ़ा पी सकते हैं। लेकिन अगर प्रेगनेंसी के दौरान पेशाब में जलन हो तो, गिलोय का काढ़ा पीने से बचें।

5. मोती पिष्ठी (Moti Pishti Uses in Hindi)

मोती पिष्ठी एक आयुर्वेदिक दवा है। मोती पिष्टी की तासीर बेहद ठंडी होती है। शरीर को शीतलता प्रदान करने के लिए मोती पिष्ठी का सेवन किया जा सकता है। जिन लोगों को पेशाब करते हुए जलन या दर्द होता है, उनके लिए भी मोती पिष्ठी फायदेमंद (Moti Pishti ke Fayde) होती है। मोती पिष्ठी पेशाब में जलन व दर्द को ठीक करने में मददगार होती है। कोई भी पुरुष या महिला इस समस्या से परेशान है, तो उन्हें आयुर्वेद में मोती पिष्ठी का सेवन करने की सलाह दी जाती है। 

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6. पुनर्नवा का काढ़ा (Punarnava Kadha)

पुनर्नवा का काढ़ा पीने से पेशाब में जलन की समस्या शांत होती है। पुनर्नवा की तासीर बेहद ठंडी होती है, जो शरीर को शीतलता प्रदान करता है। यूरिन इंफेक्शन की समस्या (Urine Infection Medicine) को ठीक करने के लिए पुनर्नवा को एक कारगर औषधि माना जाता है। पुनर्नवा मूत्रवर्धक होता है यानी यह मूत्र के उत्पादन को बढ़ाता है। पुनर्नवा का काढ़ा पानी से यूरिन खुलकर निकलता है। साथ ही इसे पीने से शरीर में जमा गंदगी भी पेशाब के साथ निकल जाती है।

आप भी पेशाब की जलन को शांत (Urine Irritation Home remedies) करने के लिए इन आयुर्वेदिक उपायों को आजमा सकते हैं। लेकिन अगर लंबे समय से पेशाब में जलन है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। 

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