Weakness: कितने प्रकार की होती है कमजोरी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

शरीर में कमजोरी आने से रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं, ऐसे में जानना जरूरी है कि कमजोरी के प्रकार, लक्षण, कारण और उपचार क्या हैं? 

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Feb 15, 2021
Weakness: कितने प्रकार की होती है कमजोरी? जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव

शरीर में थकावट या किसी हिस्से में जब व्यक्ति थकावट महसूस करता है और उस हिस्से को ठीक से नहीं मिला पाता तो इस स्थिति को कमजोरी कहते हैं। ये स्थिति इंफ्यूएंजा या वायरल इंफेक्शन (हेपेटाइटिस) के कारण महसूस हो सकती है। कुछ लोगों के शरीर में ये स्थिति (कमजोरी) कुछ समय तक रहती है तो कुछ लोग लंबे समय तक इस कमजोरी के शिकार रहते हैं। ऐसे में सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि कमजोरी के प्रकार क्या हैं? आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इस सवाल का उत्तर देंगे। साथ ही हम जानेंगे कि कमजोरी के लक्षण, कारण और उपचार क्या हैं ? पढ़ते हैं आगे...

कमजोरी के प्रकार (Types of Weakness)

मुख्य तौर पर कमजोरी दो प्रकार की होती है न्यूरोमस्कुलर कमजोरी और नॉन न्यूरोमस्कुलर कमजोरी।

1 - सबसे पहले बात करते हैं न्यूरोमस्कुलर कमजोरी की, तो इसमें शरीर में किसी प्रकार की परेशानी और चोट के कारण मांसपेशियों की ताकत कम होने लगती है और इसकी क्षमता भी कम हो जाती है। 

2 - वहीं नॉन न्यूरोमस्कुलर कमजोरी में शरीर कई कामों को करते वक्त कमजोरी महसूस करता है जबकि मांसपेशियां ठीक, सामान्य और सही रूप से काम करती हैं।

कमजोरी के लक्षण (Symptoms of Weakness)

अगर शरीर के किसी भी अंग में कमजोरी आ गई है तो निम्न लक्षण नजर आ सकते हैं-

1 - कंपन महसूस करना या झटके महसूस करना।

2 - मांसपेशियों में अचानक से झटक महसूस करना।

3 - प्रभावित अंगों का काम न कर पाना या धीरे-धीरे काम करना।

4 - ऐसी स्थिति में व्यक्ति को थकावट महसूस होती है और उसे ऐसा लगता है कि जैसे उसका शरीर किसी बीमारी का शिकार हो गया है। कई बार बिना थकावट के भी कमजोरी महसूस होती है इसके लक्षणों में भी बुखार, दर्द आदि होते हैं।

कमजोरी के अन्य लक्षण

5 - किसी भी प्रकार की गतिविधि ना कर पाना।

6 - अचानक से बेहोश हो जाना।

7 - नजर का कमजोर हो जाना।

8 - बोलने में दिक्कत महसूस करना, निगलने में कठिनाई होना।

9 - बुखार हो जाना।

10 - मानसिक स्थिति में बदलाव या मूड स्विंग होना।

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स्थिति कब गंभीर होती है?

1 - जब व्यक्ति को बार बार चक्कर आते हैं।

2 - जब दिमाग उलझन महसूस करता है।

3 - जब बच्चों को बोलने में परेशानी होती है।

4 - जब व्यक्ति की नजर में बदलाव आता है।

5 - जब व्यक्ति के शरीर में दर्द उठता है।

6 - जब व्यक्ति की छाती में दर्द होता है।

7 - जब व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है।

8 - जब व्यक्ति की दिल की धड़कन अनियमित धड़कती है।

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कमजोरी के कारण (Causes of Weakness)

1 - तनाव या डिप्रेशन का शिकार होना

जो व्यक्ति तनाव, चिंता से ग्रस्त होता है तो वह कमजोर और थका हुआ महसूस करता है। चिंता के कारण व्यक्ति का जीवन और कार्यशैली प्रभावित होने लगती है, जिसके कारण तनाव और बढ़ जाता है और इससे उसका शरीर हर वक्त कमजोर महसूस करता है।

2 - उम्र का बढ़ना

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे ऊत्तक और कोशिकाओं में तालमेल बनाए रखने की क्षमता प्रभावित होती है, यही कारण होता है कि लोग कम सक्रिय हो पाते हैं और उनके अंदर ऊर्जा खत्म होने लगती है। ऐसे व्यक्ति भी व्यक्ति चिंता और कमजोरी महसूस करते हैं।

3 - सुस्ती आना

कुछ व्यक्ति व्यस्त जीवन शैली और सुस्ती के कारण अपनी मांसपेशियों में कमजोरी महसूस करते हैं।

4 - विटामिंस की कमी होना

जब शरीर में विटामिन की कमी हो जाती है तो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण सही से नहीं हो पाता, जिससे शरीर में उर्जा कम होने लगती है और शरीर कमजोर महसूस करता है।

5 - किसी बीमारी का शिकार हो जाना

जब शरीर लगातार संक्रमण से लड़ता है तो उसमें ऊर्जा की कमी हो जाती है। वहीं कुछ लोग गंभीर बीमारी जैसे टीवी, हेपेटाइटिस या ऐसी बीमारी जो लंबे समय से चल रही है उससे लड़ने के चक्कर में थकान महसूस करते है और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसके अलावा अनिद्रा, शुगर की बीमारी के चलते भी व्यक्ति कमजोरी महसूस करता है।

कमजोरी आने के अन्य कारण-

नींद की कमी हो जाने से, शुगर की बीमारी हो जाने से, हार्ट फेलियर के कारण, शरीर में विटामिन b12 की कमी हो जाने के कारण, कैंसर हो जाने के कारण, स्ट्रोक की वजह से, दिल के दौरे के कारण, मांसपेशियों में चोट के कारण, खून की कमी हो जाने के कारण, अधिक मात्रा में विटामिन लेने के कारण, जो बीमारियां मांसपेशियों को प्रभावित करती हैं उनके कारण, मांसपेशियों में चोट लगने के कारण, मांसपेशियों में ऐंठन आने के कारण, थायराइड के कारण, फ्लू हो जाने के कारण आदि।

कमजोरी से बचाव (prevention of weakness)

बता दें कि कमजोरी से निम्न तरीकों से बचा जा सकता है-

1 - रात में भरपूर मात्रा में नींद लेने से

2 - अपने आहार में कम फैट वाले, कैल्शियम, प्रोटीन आदि को जोड़ें।

3 - ज्यादा एक्सरसाइज और डाइटिंग से बचें।

4 - कैफीन का अधिक मात्रा में सेवन ना करें। साथ ही शराब पीने से बचें।

5 - अगर आप पोषक तत्वों से भरपूर खाना खाएंगे तो आपके शरीर में उर्जा बनी रहेगी, साथ ही थकान नहीं महसूस करेंगे।

6 - नियमित रूप से अपने काम के बीच में 30 मिनट का ब्रेक लें और अपना ध्यान किसी और काम में लगाएं। इससे आपका दिमाग और शरीर दोनों शांत रहेंगे। साथ ही मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे और आपके अंदर सकारात्मक सोच उत्पन्न होगी।

7 - अपने आराम के समय को और व्यायाम के समय सुनिश्चित करें।

8 - अगर आपको लगातार थकान महसूस हो रही है और ऊर्जा की कमी लग रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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डॉक्टर कैसे करते हैं परीक्षण

बता दें कि डॉक्टर विटामिन b12 के परीक्षण के लिए कंपलीट ब्लड काउंट यानी सीबीसी करते हैं। इसके अलावा वे शरीर में आई सूजन के लिए ईएसआर यानी एरीथ्रोसाइट सेडिमेंटेशन रेट और सीआरपी ब्लड टेस्ट करते हैं।

किडनी फंक्शन टेस्ट और लिवर फंक्शन टेस्ट, थायराइड फंक्शन टेस्ट के माध्यम से विटामिन डी के स्तर की जांच करने के लिए, साथ ही रक्त में ग्लूकोज और सिरम इलेक्ट्रोलाइट्स स्तर को नापा जा सकता है।

यूरिन टेस्ट से किडनी रोग, लिवर रोग, शुगर आदि की जांच के लिए भी किया जाता है।

नोट - अगर शरीर में थकान महसूस हो तो जरूरी नहीं है कि आहार की कमी या अनिद्रा ही एक कारण हो। हो सकता है कि आपका शरीर किसी बीमारी का शिकार हो रहा हो, जिसके लक्षणों में कमजोरी भी शामिल हो। ऐसे में ऊपर बताए गए बचावो को अपनाएं लेकिन फायदा ना मिलने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें वरना शरीर गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो सकता है। कभी-कभी कमजोरी के चलते लोग डिप्रेशन, नसों में कमजोरी, ध्यान लगाने की समस्या, मूड स्विंग आदि का सामना भी कर सकते हैं। साथ ही इम्यून सिस्टम का कमजोर हो जाना जैसे लक्षण भी नजर आते हैं। ऐसे में डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।

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