Panting: इन 6 कारणों से हांफते हैं लोग, जानें लक्षण और उपचार

हांफना कोई बीमारी नहीं है लेकिन ये बड़ी बीमारी के लक्षणों में से एक हो सकता है। ऐसे में जान लें इसके आने के पीछे कारण, साथ ही जानें लक्षण और बचाव भी।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Feb 12, 2021
Panting: इन 6 कारणों से हांफते हैं लोग, जानें लक्षण और उपचार

जो व्यक्ति 1 मिनट में सामान्य से अधिक बार सांस लेता है तो उस स्थिति को हांफना कहते हैं। तेजी से सांस लेने को हाइपरवेंटिलेशन भी कहा जाता है। व्यक्ति हार्ट फेलियर, फेफड़ों में संक्रमण, दम घुटने आदि के दौरान हांफने जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। ये कोई बामारी नहीं हैं लेकिन ये किसी गंभीर बीमारी का लक्षण हो सकता है। ऐसे में कमजोरी, चक्कर आना, बेहोशी आदि जैसे लक्षण भी हांफने के दौरान नजर आते हैं। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि हांफने के पीछे क्या कारण छिपे होते हैं। साथ ही हम जाएंगे कि इसके लक्षण और बचाव क्या हैं? पढ़ते हैं आगे...

हांफने के कारण (Panting/Hafna Causes in Hindi) 

हांफने के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं, जानते हैं इन कारणों के बारे में....

1 -सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज)

फेफड़े एक आम बीमारी है, जिसमें ब्रोंकाइटिस में सांस की नली में सूजन और एंफिसेमा में फेफड़ों में मौजूद छोटी हवाओं की थैली का नष्ट हो जाना, जैसी समस्या शामिल है।

2 - अस्थमा

जब कोई जल्दी सांस लेता है तो यह अस्थमा के अटैक के लक्षण भी हो सकते हैं। बता दें कि जब सांस नली में सूजन आ जाती है तो सांस लेने की समस्या पैदा हो जाती है।

3 - निर्जलीकरण यानी शरीर में पानी की कमी

बता दें कि जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है वे लोग सांस लेने के तरीके में भी बदलाव महसूस करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर की कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा पानी की कमी से नहीं मिल पाता। ऐसे लोग निर्जलीकरण की समस्या के शिकार हो जाते हैं और जल्दी-जल्दी हांफते हैं।

4 - खून के थक्के के कारण

बता दें कि जब पल्मोनरी एंबॉलिज्म की परेशानी शरीर में होती है तो फेफड़ों में खून का थक्का जमने लगता है, जिसके कारण छाती में दर्द, दिल का तेजी से धड़कना, सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होती है।

5 - पैनिक अटैक

बता दें कि डर और चिंता के चलते शारिरीक प्रक्रिया की समस्या पैदा हो जाती है, जिसके कारण व्यक्ति चिंता विकार के लक्षणों का सामना करता है। इन लक्षणों में हांफना भी शामिल है।

6 - डायबिटिक कीटोएसिडोसिस

बता दें कि यह बेहद गंभीर समस्या होती है। जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता, जिसके कारण शरीर में केटोंस नामक एसिड का निर्माण होता है और व्यक्ति हांफना शुरू कर देता है।

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हांफने के लक्षण (Symptoms of Panting)

बता दें कि हांफने के दौरान निम्न लक्षण नजर आते हैं जो इस प्रकार हैं...

1 - गले में जलन और फेफड़ों में जलन महसूस करना।

2 - आंखों में पानी आ जाना

3 - चक्कर आना या बेहोशी महसूस करना

4 - सांस लेते वक्त आवाज निकलना

5 - दिल की गति का तेज हो जाना

6 - शरीर के तापमान में बदलाव महसूस करना।

स्थिति कब गंभीर होती है?

जब निम्न लक्षण नज़र आए तो समझ जाइये कि स्थिति गंभीर हो गई है-

1 - छाती में तेजी से दर्द होना।

2 - बुखार हो जाना। 

3 - सांस लेने के दौरान छाती का अंदर जाना। 

4 - मसूड़ों का रंग नीला पड़ जाना। 

5 - त्वचा, नाखून होठों के रंग में बदलाव। 

6 - लगातार तेजी से सांस लेना।

अगर व्यायाम और एक्सप्रेस करने के बाद लगातार व्यक्ति 10 मिनट तक सांस लेता रहे या सांस को लेकर समस्या नजर आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

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हांफने से बचाव (prevention of panting)

हांफने से बचने के लिए निम्न तरीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है-

1 - नियमित व्यायाम करने से हाइपरवेंटिलेशन की समस्या को रोका जा सकता है, ऐसे में आप चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना आदि को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं।

2 - अल्कोहल और धूम्रपान के सेवन से बचें। ये आदतें फेफड़ों को क्षति पहुंचाती हैं।

3 - छाती की जगह डायाफ्राम से सांस लेने की कोशिश करें।

4 -  कपालभाती, सरल प्राणायाम, अनुलोम विलोम प्राणायाम से हांफने की समस्या को दूर किया जा सकता है।

5 - हांफने के दौरान अगर जल्दी इलाज किया जाए तो आराम मिलता है।

6 - अपने ध्यान को केंद्रित करें।

अगर आपको चिंता या पैनिक अटैक जैसा महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

नोट- बता दें कि डॉक्टर छाती का एक्स-रे, सिटी स्कैन, ब्लड टेस्ट, ईसीजी, आर्टिरियल ब्लड टेस्ट और पल्स ऑक्सीमीट्री टेस्ट आदि के माध्यम से दिल, फेफड़े, पेट आदि का परीक्षण करते हैं।

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