Brain Infection: मस्तिष्क संक्रमण (ब्रेन इंफेक्शन) क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके सभी लक्षण, कारण और इलाज

मस्तिष्क इंफेक्शन के कई कारण हो सकते हैं। इससे मरीजों में तेज सिर दर्द और बुखार के लक्षण दिख सकते हैं। एक्सपर्ट से जानते हैं इस बारे में विस्तार से

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: Feb 08, 2021Updated at: Feb 08, 2021
Brain Infection: मस्तिष्क संक्रमण (ब्रेन इंफेक्शन) क्या है? एक्सपर्ट से जानें इसके सभी लक्षण, कारण और इलाज

मस्तिष्क इंफेक्शन, ब्रेन के अलग-अलग हिस्सों में प्रभावित करने वाले संक्रमण को कहते हैं। मस्तिष्क में संक्रमण फैलेने की वजह से व्यक्ति कई बीमारियों का शिकार हो सकता है। इसमें मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार), इन्सेफलाइटिस और मस्तिष्क में फोड़ा शामिल है। भावा न्यूरोसेंटर के न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिनव गुप्ता का कहना है कि कई बार मस्तिष्क के आसपास (चारों ओर के आवरण) सूजन हो जाती है और व्यक्ति को बुखार होने लगता है। इस समस्या को हम मेनिनजाइटिस या दिमागी बुखार कहते हैं। वहीं, मस्तिष्क के टिश्यूज (उत्तकों) में होने वाले सूजन को इन्सेफेलाइटिस कहते हैं। इसके अलावा मस्तिष्क के टिश्यूज टूटने पर जो इंफेक्शन पैदा करते हैं, उन्हें मस्तिष्क का फोड़ा कहा जाता है। मस्तिष्क में इंफेक्शन वायरस, बैक्टीरिया, कवक और फंगस के कारण हो सकता है। कभी-कभी मस्तिष्क में इंफेक्शन होने का कारण प्रोटोजोआ यानी परजीवी हो सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं मस्तिष्क इंफेक्शन के बारे में-

कितना सामान्य है मस्तिष्क संक्रमण

मस्तिष्क इंफेक्शन के कई अलग-अलग कारण होते हैं। इन कारणों के आधार पर ही मस्तिष्क इंफेक्शन कितना सामान्य और खतरनाक है, यह डिसाइड किया जाता है। इसलिए ब्रेन में किसी तरह की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही बेहतर होता है। 

मस्तिष्क इंफेक्शन के लक्षण (Brain Infection Symptoms)

मस्तिष्क इंफेक्शन कई तरह के होते हैं। इसलिए इसके लक्षण भी विभिन्न तरह से नजर आते हैं। इसके लक्षण व्यक्ति की उम्र, संक्रमण और बैक्टीरिया के प्रकार पर निर्भर करता है। इसके साथ-साथ इसकी गंभीरता भी इसी आधार पर आंकी जाती है। गंभीर बैक्टीरियल इंफेक्शन में आपको निम्न तरह के लक्षण दिख सकते हैं-

  • सिर में तेज दर्द होना
  • तेज बुखार
  • उबकाई
  • उनींदापन (मनोवैज्ञानिक तनाव)
  • गर्दन में जकड़न
  • उल्टी
  • अधिक तेज रोशनी में असहज महसूस करना। 
  • मतिभ्रम

इसके अलावा नवजात शिशुओं में इसके लक्षण अलग होते हैं। नवजात में चिड़चिड़ापन और अधिक नींद आने के लक्षण दिख सकते है। इसके अलावा शिशु सही तरीके से फीड नहीं कर पाता है। गोद में लेने पर उन्हें असहजता महसूस होती है। इतना ही नहीं उनके मस्तिष्क में संक्रमण बढ़ने पर उन्हें दौरे पड़ने की संभावना होती है। गंभीर रूप से मस्तिष्क इंफेक्शन होने पर व्यक्ति कोमा में भी जा सकता है। इसके साथ-साथ चेहरे पर लाल रैशेज होना भी इसके लक्षण होते हैं।

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नवजात शिशु में सिर पर ‘सॉफ्ट स्पॉट्स’ या धब्बे पड़ना भी इसके लक्षण हो सकते हैं। 

बाजुओं और मांसपेशियों में कमजोरी होना। 

ये सभी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। क्योंकि मस्तिष्क में होने वाली किसी भी समस्या को अनदेखा करने पर यह आपके लिए गंभीर हो सकती है।  

मस्तिष्क इंफेक्शन होने के कारण (Causes of Brain Infection)

मस्तिष्क में बैक्टीरिया और वायरस फैलना इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैँ। 

बैक्टीरिय मस्तिष्क संक्रमण

  • स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया (Streptococcus pneumonia)
  • नेइससेरिया मेनिंजाइटिस (Neisseria meningitidis)
  • मेनिंगोकोकल मेनिंजाइटिस (meningococcal meningitis)
  • निमोकोकल मेजिंनाइटिस (pneumococcal meningitis)
  • हेमोफिलस इनफ्लूएंजा टाइप बी (Hib) Haemophilus influenza type b (Hib)
  • लुइस इंसेफेलाइटिस (Louis encephalitis)
  • वेस्टर्न इंसेफेलाइटिस (western equine)
  • ईस्टर्न इंसेफेलाइटिस (eastern equine encephalitis)
  • ला इंसेफेलाइटिस) (La Crosse encephalitis)

हर्पीस प्रजाति के वायरस

  • हर्पीस सिंप्लेक्स टाइप 1 और टाइप 2 ((herpes simplex types 1 and 2)
  • वेरिसेल्ला जोस्टर (varicella zoster)
  • इपस्टेइन-बार (Epstein-Barr)

इसके अलावा साइटोमेगालोवायरस (cytomegalovirus), एक छोटा पोलिओवायरस (poliovirus), रुबेला वायरस (rubella virus), रेबीज, एचआईवी और जीका वायरस (Zika virus) की वजह से व्यक्ति को मस्तिष्क इंफेक्शन हो सकता है। 

कैसे किया जाता है मस्तिष्क संक्रमण का निदान?

अन्य सामान्य तरीकों से ही आप मस्तिष्क इंफेक्शन का पता लगा सकते हैं। लेकिन क्रॉनिक या पार्शियली मेनिंजाइटिस और इंसेफेलाइटिस जैसे गंभीर और दुर्लभ संक्रमण के बारे में पता लगाना मुश्किल होता है। मस्तिष्क इंफेक्शन का पता लगाने के लिए डॉक्टर आपको निम्न टेस्ट की सलाह देते हैं।

  • ब्लड टेस्ट
  • यूरिन टेस्ट
  • नाक का टेस्ट
  • यूरिन या रेस्पिरेटरी सिक्रेशन (respiratory secretions)

म्युकस विशेष कल्चर टेस्ट भी करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा अन्य टेस्ट, एक्स रे, सीटी स्कैन और एमआरआई कराने की सलाह भी डॉक्टर आपको दे सकते हैं। 

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मस्तिष्क इंफेक्शन का इलाज (Treatment of Brain Infection)

डॉक्टर की सलाहनुसार आप निम्न तरीके से मस्तिष्क का इलाज कराया जाता है-

  • एंटीबायोटिक्स दवाईयां नस के जरिए दी जाती हैं, ताकि मस्तिष्क में फैल रहे संक्रमण को रोका जा सके। 
  • इसके अलावा बुखार और सिर दर्द के लिए डॉक्टर कुछ दवाईयां लेने की सलाह देते हैं। 
  • अगर किसी व्यक्ति को मस्तिष्क इंफेक्शन की वजह से सांस लेने में परेशानी होती है, तो उस मरीज को ऑक्सीजन दी जाती है और उसे अपनी मॉनिटर में लिया जाता है।
  • उल्टी और उबकाई होने पर उल्टी बंद होने की दवाई दी जाती है।
  • बैचेनी और चिड़चिड़ापन महसूस होने पर डॉक्टर उसी से जुड़ी अन्य दवाई देते हैं। 

इसके अलावा डॉक्टर मरीजों को उनके लक्षण और कारणों के आधार पर दवाईयां लेने की सलाह देते हैं।।

मस्तिष्क इंफेक्शन का घरेलू उपचार (Home Remedies for Brain Infection)

अगर आपको मस्तिष्क इंफेक्शन के लक्षण दिख रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। साथ ही डॉक्टर द्वारा दिए दिशा-निर्देश का पालन जरूर करें।

  • इसके अलावा मस्तिष्क को ठंडा रखने की दवाईयां दी जाती है। इन दवाईयों को समय पर लें।
  • अगर व्यक्ति को उल्टी हो जाए, तो उन्हें तुरंत एक साइड लिटाएं। ऐसा करने से उल्टी रुकने के साथ-साथ उन्हें दौरा नहीं पड़ेगा।
  • मस्तिष्क इंफेक्शन की शिकायत होने पर हैवी एक्सरसाइज से बचें। यह आपकी परेशानी को बढ़ा सकती है। अधिक से अधिक आराम करें।

मस्तिष्क इंफेक्शन का बचाव (Prevention of Brain Infection)

  • ब्रेन इंफेक्शन से बचाव के लिए हिब (Hib) टीका लगाना सुरक्षित माना जाता है। इसलिए समय पर अपने शिशु को यह वैक्सीन जरूर लगाएं। समय पर वैक्सीनेशन आपके बच्चे को ब्रेन इंफेक्शन से सुरक्षित रख सकता है। 
  • इसके अलावा निमोकोककल मेनिंजाइटिस (pneumococcal meningitis) से लड़ने के लिए वैक्सीन एक कारगर उपाय है। यह वैक्सीन 2 वर्ष से 65 वर्ष तक के व्यक्ति को दी जा सकती है। इसलिए इस बैक्सीन को जरूर लें।  अधिक आयु के लोगों को इस वैक्सीन की सलाह दी जाती है।
  • ब्रेन इंफेक्शन सलाइवा, नाक के म्युकस, बलगम इत्यादि से तेजी से फैलता है। इसलिए किसिंग (Kissing) या फिर अपनी चीजों को शेयर करने से बचें। 
  • कभी भी किसी बीमार व्यक्ति के साथ पानी की बोतल, स्ट्रॉ, दांतों का ब्रश, ग्लास,  सिगरेट और लिपस्टिक जैसी चीजों को शेयर ना करें।

  • संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना आपके लिए सबसे बेहतर होता।
  • छींकते या खांसते वक्त मुंह पर हाथ या कपड़ा रखें। 
  • इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने वाले आहार का सेवन करें।
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