
Triggers That Cause Pulmonary Diseases: सर्दियों के मौसम में फेफड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। हवा की गुणवत्ता खराब होना, धूल-धुएं के बीच रहना जैसे कारणों के कारण फेफड़ों की सेहत बिगड़ जाती है। जो लोग प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहते हैं, उनमें अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया, सीओपीडी और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इन बीमारियों का कारण कुछ ऐसे ट्रिगर्स हो सकते हैं जो हमारे आसपास होते हैं, लेकिन हमें नजर नहीं आते। ये ट्रिगर्स फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम कर सकते हैं। इससे सांस फूलने की समस्या, खांसी, सीने में जकड़न और बार-बार इंफेक्शन जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए ये समझना जरूरी है कि आखिर वो कौन सी चीजें हैं जो श्वसन प्रणाली पर प्रहार करती हैं। इन ट्रिगर्स को समझकर फेफड़ों को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हॉस्पिटल मैनेजमेंट एचओडी डॉ. राजेश हर्षवर्धन से बात की।
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1. वायु प्रदूषण- Air Pollution
फेफड़ों की बीमारियों (Lung Diseases) का एक बड़ा कारण है वायु प्रदूषण (Air Pollution)। वाहनों का धुंआ, सिगरेट स्मोक और अन्य प्रदूषण फैलाने वाले कारण मिलकर हवा को जहरीला बनाते हैं। लंबे समय तक ऐसी हवा में सांस लेने से अस्थमा, सीओपीडी, एलर्जी व फेफड़ों के इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है।
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2. एलर्जी ट्रिगर्स- Allergic Triggers
सांस लेने में अगर परेशानी हो रही है, तो इसका कारण एलर्जी वाले तत्व भी हो सकते हैं। इन ट्रिगर्स के कारण अस्थमा के लक्षण (Asthma Symptoms) बढ़ सकते हैं। घर की धूल, पालतू जानवरों के शरीर से निकले कण, मोल्ड, कमरे की नमी वगैरह एलर्जी का कारण बन सकते है इसलिए इनसे बचें।
3. वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन- Viral & Bacterial Infection
- सर्दियों में वायरस तेजी से फैलते हैं और श्वसन मार्ग में इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं।
- फ्लू, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया वगैरह वायरस या बैक्टीरिया के कारण ही होते हैं।
- कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इंफेक्शन, फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।
- बार-बार इंफेक्शन होने से फेफड़ों की क्षमता कमजोर हो जाती है।
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4. धूम्रपान और पैसिव स्मोकिंग- Smoking & Passive Smoking

- पैसिव स्मोकिंग यानी दूसरों का धुआं भी सेहत के लिए उतना ही नुकसानदायक होता है जितना धूम्रपान।
- धूम्रपान, फेफड़ों के कैंसर, सीओपीडी और क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस का प्रमुख कारण है।
- सिगरेट, हुक्का या तंबाकू का कोई भी प्रकार, फेफड़ों के लिए बड़ा खतरा है।
5. खराब इनडोर एयर क्वालिटी- Poor Indoor Air Quality
बाहर नहींं बल्कि घर में भी ऐसे ट्रिगर्स मौजूद हैं जिनके कारण फेफड़ों की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है जैसे अगरबत्ती-मोमबत्ती का धुआं, पेंट की गंध, खराब वेंटिलेशन, गैस-स्टोव का धुआं वगैरह। अगर ताजी हवा घर के अंदर नहीं आती है, तो एयर क्वालिटी खराब हो सकती है।
निष्कर्ष:
वायु प्रदूषण, खराब एयर क्वालिटी, धूम्रपान, वायु प्रदूषण जैसे ट्रिगर्स फेफड़ों की बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इन 5 ट्रिगर्स से बचते हुए फेफड़ों को स्वस्थ रख सकते हैं।
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Jan 04, 2026 12:05 IST
Published By : Yashaswi Mathur
