Ways To Avoid Vaginal Fungal Infection: कई महिलाएं वेजाइना के फंगल इंफेक्शन यानी यीस्ट इंफेक्शन की समस्या से परेशानी रहती हैं। ऐसा प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का ध्यान न रखने, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण हो सकता है। इसके कारण अक्सर महिलाओं को प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में इन समस्याओं को नजरअंदाज न करें। इनसे बचने के लिए महिलाएं कुछ उपायों को अपना सकती हैं। आइए मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी की पूर्व वरिष्ठ रेजिडेंट एमबीबीएस, डीजीओ (ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट), डीएनबी, डॉ भानुजा गोयल से जानें वेजाइना के फंगल इंफेक्शन से बचने के उपायों और इसके कारणों के बारें में -
वेजाइना के फंगल इंफेक्शन से बचने के उपाय - Ways To Avoid Vaginal Fungal Infection In Hindi
वेजाइना में फंगल इंफेक्शन होने पर महिलाओं को प्राइवेट पार्ट में खुजली और जलन जैसी कई समस्याओं का सामाना करना पड़ता है। ऐसे में फंगल इंफेक्शन यानी यीस्ट इंफेक्शन से बचने के लिए कुछ अच्छी आदतों को अपनाया जा सकता है।
प्राइवेट पार्ट को ड्राई रखें
वेजाइना के फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए हर बार पेशाब करने के बाद प्राइवेट पार्ट को पानी से धोने की जरूरत नहीं हैं। इसके बजाए टिश्यू की मदद से इसे सुखाया जा सकता है। हर बार पानी का इस्तेमाल करने से वेजाइना का एरिया गीला हो जाता है, जिससे फंगल इंफेक्शन की समस्या को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा, मोशन पास करने के बाद प्राइवेट पार्ट को आगे से पीछे की तरह वॉश करना चाहिए।
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कॉटन के अंडरगारमेंट्स पहनें
वेजाइना के फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए कॉटन के लूज अंडरगारमेंट पहनें। इससे प्राइवेट पार्ट में हवा पास होती है, जिससे फंगल इंफेक्शन या किसी भी संक्रमण से बचाव करने में मदद मिलती है। ऐसे में टाइट फिटिंग वाले सिंथेटिक अंडरगारमेंट्स को पहनने से बचें, इससे प्राइवेट पार्ट में हवा पास नहीं हो पाती है, जिससे पसीना आता है और इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है।
6 घंटे से ज्यादा न लगाएं पैड
पीरियड्स के दौरान कंपोस्टेबल पैड या मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर आप पैड का इस्तेमाल करते हैं, तो इसे 6 घंटे से ज्यादा न लगाएं और इसे हर 6 घंटे में बदलें। इससे फंगल इंफेक्शन से बचा जा सकता है।
कैमिकल्स के इस्तेमाल से बचें
प्राइवेट पार्ट में हार्ड कैमिकल्स और एंटी-सेप्टिक के इस्तेमाल से बचें। ऐसा करने से वेजाइना में मौजूद लैक्टोबैसिलस जैसे गुड बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, जिसके कारण फंगल इंफेक्शन यानी यीस्ट इंफेक्शन की समस्या बढ़ने लगती है।
प्रेग्नेंसी में बढ़ता है फंगल इंफेक्शन का खतरा
प्रेग्नेंसी में भी महिलाओं को फंगल इंफेक्शन की समस्या होती है। इसके कारण महिलाओं को खुजली, रेडनेस जैसी समस्याएं होती हैं। ऐसे में प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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वेजाइना में फंगल इंफेक्शन के लक्षण - Symptoms of Fungal Infection In Vagina In Hindi
फंगल इंफेक्शन की समस्या होने पर महिलाओं को वेजाइना में खुजली होने, व्हाइट डिस्चार्ज की समस्या बढ़ने, पेशाब के दौरान वेजाइना में जलन होने, स्किन के लाल होने, रेशैज होने, प्राइवेट पार्ट में बदबू आने जैसी समस्या होने लगती है। ऐसे में इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें। इससे परेशानियां बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
वेजाइना के फंगल इंफेक्शन से बचने के लिए प्राइवेट पार्ट की साफ-सफाई का खास ध्यान रखें, टाइट कपड़े न पहनें, हर 6 घंटे में पैड बदलें, कैमिकल्स के इस्तेमाल से बचें, कॉटन अंडरवेयर पहनें और हेल्दी डाइट लें।
ध्यान रहे, प्राइवेट पार्ट में अधिक खुजली, जलन, रैशेज, व्हाइट डिस्चार्ज और रेडनेस जैसे वेजाइना में फंगल इंफेक्शन के लक्षण दिखने पर इनको नजरअंदाज न करें और इनसे राहत के लिए डॉक्टर से तुरंत सलाह लें।