गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में सोच समझकर बदलाव करना चाहिए क्योंकि वह जो भी अपनी डाइट में जोड़ती हैं उसका असर उनके बच्चे की सेहत पर भी पड़ता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस चीज के सेवन से महिलाओं को प्रेगनेंसी के दौरान समस्या हो सकती है। आज हम बात कर रहे हैं प्रेगनेंसी के दौरान स्प्राउट्स यानि अंकुरित अनाज के सेवन की। इसके अंदर कई पोषक तत्व जैसे पानी, ऊर्जा, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम, पोटेशियम, फाइबर आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में इसके सेवन से गर्भवती महिलाओं को काफी फायदे हो सकते हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि स्प्राउट्स के सेवन से गर्भवती महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। साथ ही इसके नुकसान के बारे में जानेंगे। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( Nutritionist and wellness expert varun katyal) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...
क्या कहती है रिसर्च?
बता दें कि गर्भावस्था के दौरान स्प्राउट्स का सेवन करना चाहिए या नहीं इसको लेकर कई रिसर्च सामने आई हैं, जिससे यह पता चलता है कि अंकुरित अनाज खाने से सेहत पर नकारात्मक और सकारात्मक दोनों प्रभाव पड़ सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार प्रेगनेंट महिलाएं स्प्राउट्स का सेवन कर सकते है। इस सूची को देखने के लिए यहां क्लिक करें। इससे एक और रिसर्च सामने आई है जो फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की वेबसाइट पर पब्लिश हुई है, इस रिसर्च के मुताबिक, स्प्राउट्स का सेवन गर्भवती महिलाओं को स्प्राउट्स का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके अंदर हानिकारक बैक्टीरिया पाए जाते हैं। इसके पीछे कारण है अंकुरित अनाज में होने वाली दरार। बता दें कि इन दरारों में जीवाणु घुस जाते हैं जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। इस रिसर्च को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
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घर पर बने अंकुरित अनाज खाना कितना सुरक्षित?
घर पर बना स्प्राउट्स हो या बाहर का, दोनों में बैक्टीरिया पनप सकते हैं। बता दें कि इससे संबंधित एक रिसर्च भी सामने आई है, जिससे पता चलता है कि घर पर बना स्प्राउट्स भी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को स्प्राउट्स का सेवन नहीं करना चाहिए। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...
गर्भवती महिलाओं पर स्प्राउट्स के दुष्परिणाम
1 - लिस्टरियोसिस बैक्टीरिया (Listeriosis) - कच्चे स्प्राउट्स के सेवन से गर्भ में पल रहे शिशु की सेहत प्रभावित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनमें लिस्टरियोसिस बैक्टीरिया पाया जाता है, जिसके कारण समय से पहले डिलेवरी या नवजात शिशु में कोई संक्रमण आदि समस्या हो सकती है।
2 - ईकोलाई बैक्टीरिया - बता दें कि मूंग बींस के साथ-साथ मूली का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनमें ईकोलाई बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं, जो गर्भवती महिलाओं के नुकसानदेह हो सकती है। इससे संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
3 - अन्य बैक्टीरिया - बता दें कि अंकुरित अनाज में कई और भी बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिसका सेवन यदि गर्भवती महिलाएं करती हैं तो फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकती है।
गर्भवती महिलाओं स्प्राउट्स का सेवन करते वक्त बरते सावधानी
1 - कच्चे स्प्राउट्स का सेवन करने से बचें।
2 - कच्चे स्प्राउट्स को पकाने से पहले अच्छे से धोएं।
3 - प्रेग्नेंसी के दौरान स्प्राउट्स अच्छे से उबालकर खाएं।
4 - जिन महिलाओं की इम्युनिटी कमजोर है वे अपनी डाइट में स्प्राउट्स को ना जोड़ें।
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बता दें कि स्प्राउट्स को धो लेने से या उसे अच्छे से पकाकर खाने से उसमें मौजूद बैक्टीरिया कम हो सकते हैं लेकिन दूर नहीं हो सकते। ऐसे में इसका सेवन करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी है।
नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि स्प्राउट्स का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी हैं। लेकिन इसके अधिकता गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपनी डाइट में स्प्राउट्स को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी है। यदि महिला को स्प्राउट्स से एलर्जी है तो गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन ना करें।
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