Fri Sep 11, 2026 | 09:09 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

सर्दियों में मेरी मनमानी भूख पर मोर‍िंगा ने कैसे लगाया ब्रेक? पढ़ें मेरा अनुभव और डॉक्टर गाइडेंस

OMH Self Tried: सर्दियों में लगातार उठने वाली मनमानी भूख से परेशान हैं? जानें कैसे सहजन ने मेरी क्रेविंग्स को कंट्रोल किया, एनर्जी बढ़ाई और रूटीन सुधारा। पढ़ें मेरा पर्सनल अनुभव और इसका असर।

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मुझे ऐसा लगता है क‍ि सर्दि‍यों में मैं कुछ ज्‍यादा ही खाने लगती हूं। क्‍या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? सर्दि‍यों में मेरी भूख अलग ही लेवल पर चली जाती है। मम्‍म‍ियों ने भी हमें काफी हद तक ब‍िगाड़ रखा है, कभी सर्दि‍यों में गाजर का हलवा बनाती हैं, कभी बादाम का हलवा, तो कभी त‍िल के लड्डू। मीठे से मन भर जाए, तो गर्म-गर्म आलू के पराठे आंखों के सामने रख द‍िए जाते हैं। अब कोई भूख को कंट्रोल करे भी, तो भला कैसे? मेरे एक दोस्‍त ने बताया क‍ि उसे भी सर्द‍ियोंं में जरूरत से ज्‍यादा खाने का मन करता है और इस समस्‍या को खत्‍म करने के ल‍िए उसने मोर‍िंगा का सेवन करना शुरू क‍िया। मैंने सोचा क्‍यों न मैं भी इसे एक बार ट्राई करके देखूं, क्‍या पता सच में क्रेव‍िंग्‍स कंट्रोल हो जाएंं? बस फ‍िर क्‍या था, रोज मोर‍िंंगा का सेवन शुरू कर द‍िया। शुरू में मुझे इस उपाय से ज्‍यादा उम्‍मीद नहीं थी, पर कुछ ही हफ्तों में मुझे फर्क महसूस होने लगा। वि‍ंंटर क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने के ल‍िए मोर‍िंगा (Moringa) का इस्‍तेमाल करके मैं आपके साथ अपना अनुभव साझा करने जा रही हूं। इस पर मैंने डॉक्‍टर की राय भी ली है। मोर‍िंगा के फायदों (Moringa Ke Fayde) को समझने के ल‍िए मैंने Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana से बात की।

मोरिंगा सूप: धीरे-धीरे दूर हुईं क्रेव‍िंग्‍स

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दोस्‍त की सलाह पर मैंने रोज सुबह मोर‍िंगा का सूप बनाकर पीना शुरू क‍िया। शुरू में सूप को हफ्ते में 2-3 बार ही प‍िया, फ‍िर धीरे-धीरे मैं इसे रोज पीने लगी। कुछ ही द‍िनों में मैंने महसूस क‍िया क‍ि मेरा पेट ज्‍यादा देर तक भरा महसूस होता है, भूख भी स्‍टेबल हुई और क्रेव‍िंग्‍स धीरे-धीरे खुद ही कम होने लगीं। सबसे बेस्‍ट बात, तो यह थी क‍ि मीठा या जंक खाने की तलब अचानक गायब हो गई। अब शरीर में पहले से ज्‍यादा एनर्जी महसूस होती है। मोर‍िंगा ने सर्दि‍यों की बेकाबू भूख पर सच में ब्रेक लगा द‍िया है।

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पापा तोड़ लाते हैं ढेरों मोर‍िंगा पत्तियां, मां बनाती है ताजा पाउडर

जब से मां-पापा ने देखा है क‍ि मुझे मोर‍िंगा का सेवन करना पसंद है, पापा हर शुक्रवार ऑफ‍िस से आते समय मोर‍िंगा की ढेरों पत्तियां ले आते हैं, दरअसल उनके ऑफ‍िस में मोर‍िंगा का पेड़ लगा है। वहीं मां मोर‍िंगा की पत्तियोंं को धाेकर सुखाती हैं और मुझे पाउडर तैयार करके देती हैं। मेरे साथ-साथ अब मां-पापा ने भी मोर‍िंगा का सेवन शुरू कर द‍िया है।

सहजन फायदेमंद हर्ब है: नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन

  • नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक अध्ययन के मुताब‍िक, मोरिंगा की पत्ति‍यों से बना पाउडर खाने पर प्रतिभागियों को भूख कम महसूस हुई।
  • मोरिंगा ने पोस्ट-मील ब्लड शुगर को भी ज्‍यादा स्थिर रखा, जिससे अचानक क्रेविंग्स कम हुईं।
  • अध्ययन के अनुसार, मोरिंगा बार-बार खाने की इच्छा को घटाता है।
  • इस अध्ययन के नतीजे बताते हैं कि मोरिंगा भूख और क्रेविंग्स को प्राकृतिक रूप से कंंट्रोल करने में मददगार साब‍ित हो सकता है।

सर्दि‍योंं में मोरि‍ंंगा का सेवन कैसे करें?- How To Consume Moringa In Winters

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Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि सर्दि‍यों में मोर‍िंगा का सेवन कई तरह से कर सकते हैं। यह-

  • पाउडर के फॉर्म में खाया जा सकता है।
  • सूप के रूप में प‍िया जा सकता है।
  • लड्डू बनाकर खा सकते हैं।
  • बहुत सुरक्ष‍ित हर्ब है और इसे रोज ले सकते हैं।

सर्दियों में प्‍यास को भूख न समझें: Dr. Shrey Sharma

Ayurveda Expert Dr. Shrey Sharma ने बताया क‍ि ज्‍यादातर लोगों को लगता है क‍ि सर्दि‍यों में अचानक से भूख बढ़ जाती है जबक‍ि ऐसा नहीं है। सर्द‍ियों में लोग पानी का सेवन कम करते हैं और ड‍िहाइड्रेशन का श‍िकार हो जाते हैं। जब द‍िमाग को पानी की कमी महसूस होती है, तब हमें लगता है क‍ि भूख लगी है, जबक‍ि ऐसा नहीं होता। लोग प्‍यास को भूख समझ लेते हैं।

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सर्द‍ियों में व‍िंटर क्रेव‍िंग्‍स कैसे कंट्रोल करें?- How To Control Winter Cravings

  • व‍िंटर क्रेव‍िंग्‍स को कंट्रोल करने के ल‍िए डाइट में ल‍िक्‍व‍िड की मात्रा को बढ़ाएं।
  • गुनगुना पानी प‍िएं, इससे क्रेव‍िंग्‍स भी कंट्रोल होंंगी।
  • सर्दि‍योंं में हर्बल टी, सूप, ग्रीन टी, ब्‍लैक कॉफी, लेमन वॉटर वगैरह का सेवन कर सकते हैं।

न‍िष्‍कर्ष:

मोर‍िंगा का सेवन पाचन और मेटाबॉल‍िक हेल्‍थ के ल‍िए फायदेमंद है। मैंने इसे अपनी डाइट में शाम‍िल करने का अनुभव आपके साथ शेयर क‍िया है। आप अगर मोर‍िंगा का सेवन करना चाहते हैं, तो डॉक्‍टर से सलाह लेना न भूलें।

उम्‍मीद करते हैं क‍ि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।

FAQ

  • मोर‍िंगा के फायदे क्‍या हैं?

    माेर‍िंगा खाने से इम्‍यून‍िटी बढ़ती है, आंखों की सेहत के ल‍िए यह फायदेमंद है, शुगर लेवल कंट्रोल होता है और बाल एवं स्‍क‍िन के ल‍िए भी फायदेमंद है।
  • मोर‍िंगा में कौन से पोषक तत्‍व होते हैं?

    मोर‍िंगा में व‍िटाम‍िन ए, सी, ई, कैल्‍श‍ियम, पोटैश‍ियम, आयरन, प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्‍सीडेंट्स भरपूर मात्रा पाई जाती है।
  • मोर‍िंगा खाने के नुकसान क्‍या हैं?

    ज्‍यादा मात्रा में मोर‍िंगा का सेवन करने से पेट दर्द, गैस, दस्‍त, बीपी ग‍िरने जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Dec 11, 2025 14:28 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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