प्रेग्नेंसी में कौन सी मछली खाना सुरक्षित है और कौन सी नहीं? डॉक्टर से जानें पूरी लिस्ट

अगर आप प्रेगनेंसी में मछली खाने को लेकर कंफ्यूज हैं तो डॉक्टर से जानें कि इस दौरान कौन सी मछली आपको खानी चाहिए और कौन सी नहीं खानी चाहिए।

Monika Agarwal
स्वस्थ आहारWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jun 20, 2021Updated at: Jun 20, 2021
प्रेग्नेंसी में कौन सी मछली खाना सुरक्षित है और कौन सी नहीं? डॉक्टर से जानें पूरी लिस्ट

मछली के सेवन को लेकर कहीं आपके मन में कोई दुविधा तो नहीं? आप बिना किसी दुविधा के गर्भावस्था में मछली का सेवन (Eating Fish During Pregnancy) कर सकती हैं। लेकिन हर तरह की नहीं। आपको कुछ तरह की मछलियों से दूरी भी बनाना जरूरी है। डॉ रंजना बैकन, गायनोकोलॉजिस्ट, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल बताती हैं कि गर्भ में पल रहे बच्चे के पूर्ण रूप से विकास के लिए पोषक तत्व बेहद जरूरी हैं और मछली में लगभग सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। हालांकि इनमें सैचुरेटेड फैट मात्रा में कम होते हैं, पर अन्य प्रोटीन्स और विटामिंस की काफी मात्रा होती है। यही नहीं मछली में बहुत अधिक ओमेगा फैटी एसिड और बेबी फ्रेंडली डीएचए (DHA) होता है। जो किसी अन्य खाद्य के सेवन से शायद ही मिलता है। लेकिन यह मर्करी से भी भरपूर होती हैं। इसलिए इसमें हमेशा दुविधा रहती है कि क्या मछली प्रेगनेंट महिलाओं के लिए (Eating Fish During Pregnancy) सुरक्षित है या नहीं? बहुत सी महिलाएं इस कारण मछली खाने से बचती हैं। 

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान मछलियां खाना सुरक्षित है (Is Eating Fish Safe)

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अगर आप सही टाइप का सी फूड खाते हैं तो वह न केवल आपके लिए सुरक्षित है बल्कि डॉक्टरों द्वारा सुझाया भी जाता है। गर्भवती महिलाएं या ब्रेस्ट फीडिंग महिलाएं हर हफ्ते 225 से 335 ग्राम मछली जोकि कम मर्करी युक्त होती हैं उन्हें खा सकती हैं। कुल मिला कर हम कह सकते हैं कि आप सुरक्षित सी फूड खा सकती है।

प्रेग्नेंसी के दौरान कौन सी मछलियां नहीं करें सेवन (The Fish You Should Not Eat)

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वैसे तो गर्भावस्था के दौरान मछलियां खाने (Eating Fish) के बहुत से लाभ होते हैं, लेकिन आपको कुछ मछलियां खाने से बचना भी चाहिए जिनमें अधिक मर्करी लेवल होता है या जो ओसियन फेरिंग मछली होती हैं वह आपको नहीं  खानी चाहिए। इनके कुछ उदाहरण निम्न हैं : 

  • गल्फ ऑफ मैक्सिको की टाइल फिश
  • शार्क
  • स्वॉर्ड फिश
  • ऑरेंज रफी
  • टूना
  • मर्लिन
  • किंग मेकरेल

इन मछलियों को केवल आपको हफ्ते में एक बार ही खाना चाहिए (Fish You Should Eat Once in a Week)

  • ब्लू फिश
  • बफैलो फिश
  • कॉर्प
  • चिलियन सी बास
  • ग्रूपर
  • हालीबुट
  • माही माही
  • मोंकफिश
  • रॉकफिश
  • सेबलफिश
  • शेपशेड
  • स्निपर
  • स्पेनिश मैकेरेल
  • येलो फिन टूना

किन मछलियों का सेवन प्रेग्नेंसी के दौरान सुरक्षित है (Fish You Can Eat In Pregnancy)

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  • वाइल्ड सालमन
  • श्रिंप
  • कैटफिश
  • तिलापिया
  • सोल
  • फ्लैंडडर 
  • ट्राउट
  • हैक
  • हाड़ डॉक
  • हालीबुट
  • ओसियन पर्च
  • कोड
  • क्रैब
  • क्रॉफिश 
  • लॉबस्टर

सालमन पर भी दुविधा होती है कि इसे प्रेग्नेंसी के दौरान खाना (Eating Fish) चाहिए या नहीं। अगर बात डीएचए की की जाए तो सालमन उसका बहुत अच्छा स्रोत होती है लेकिन इसमें आपको पॉलीक्लोराइज्ड बाइफिनाइल भी मिलते हैं। इनसे कैंसर की संभावना रहती है। जो आपके शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसलिए आपको ऑर्गेनिक फार्म्ड सालमन ही खानी चाहिए।

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प्रेग्नेंसी के दौरान मछली खाने के क्या क्या लाभ मिलते हैं (Benefits Of Eating Fish)

  • भ्रूण के विकास में सहायक है- मछली में लीन प्रोटीन होता है जो बच्चे का पूर्ण विकास करता है।
  • बच्चे के दिमाग के लिए- मछली खासकर सैल्मन जो ओमेगा -3 फैटी एसिड व डीएचए का बेहतर स्रोत हैं बच्चे की मस्तिष्क के विकास के लिए बहुत फायदेमंद है यदि तीसरी तिमाही में इनका सेवन करें तो। असल में इस समय बच्चे का मस्तिष्क बन रहा होता है।
  • आपकी याददाश्त के लिए-इसमें मौजूद ओमेगा 3 आपके लिए फायदेमंद है। विशेषकर जब आप इस दौरान मानसिक स्ट्रेस से जूझ रही होती हैं।
  • आपके हृदय के लिए- अगर आपको पहले से ही हाइपरटेंशन या कोई दिल संबंधी परेशानी है तब इसका सेवन बहुत लाभदायक माना जाता है। क्योंकि यह ब्लड क्लाट और ट्राइग्लिसराइड्स  के स्तर को कम करती है। 
  • समय से पहले डिलीवरी होने का चांस बहुत हद तक कम हो जाते हैं।

किस प्रकार मछली बनानी चाहिए (How To Prepare)

  • अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान सी फूड खा रही हैं तो आपको यह ज़रूर ध्यान रखना चाहिए कि आप केवल ताजा और फ्रिज में स्टोर किया गया सी फूड ही खाएं।
  • आपको मीट काटने के लिए अलग और फल सब्जियां काटने के लिए अलग कटिंग बोर्ड का प्रयोग करना चाहिए।
  • मैरिनेड का प्रयोग दुबारा न करें।
  • सी फूड को तब तक पकाएं जब तक वह 145 डिग्री फारेनहाइट के लेवल तक न पहुंच जाए। 
  • तो देखा आपने मछलियों के प्रेग्नेंसी के दौरान कितने लाभ मिल सकते हैं। लेकिन इनके कुछ नुकसान भी होते हैं इसलिए आपको केवल सीमित मात्रा में ही मछली खाना चाहिए और केवल वही मछलियां खाएं जो इस दौरान आपके लिए सुरक्षित होती है।

डॉ रंजना बैकन, गायनोकोलॉजिस्ट, कोलंबिया हॉस्पिटल, गाजियाबाद से बातचीत पर आधारित

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