How To Lose Weight with Hypothyroidism: थायराइड की समस्या शरीर में हार्मोन असंतुलित होने के कारण होती है। शरीर में मौजूद थायराइड ग्लैंड में टी1 और टी4 दो तरह के हार्मोन्स बनते हैं। जब शरीर में इन हार्मोन्स का प्रोडक्शन ठीक से नहीं हो पाता है, तो इससे थायराइड की बीमारी हो सकती है। खानपान और जीवनशैली से जुड़ी खराब आदतों के कारण यह हार्मोन असंतुलित हो सकता है। जब थायराइड ग्लैंड ओवरएक्टिव हो जाती है, तो इस दौरान हार्मोन्स का प्रोडक्शन बढ़ जाता है। इस कारण हाइपरथायरायडिज्म की समस्या हो सकती है। जब शरीर में थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन कम होता है, तो यह हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है। इसके कारण बाल झड़ना, शरीर में सूजन, कोलेस्ट्रॉल और स्ट्रेस रहने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन ऐसे में वजन बढ़ना सबसे बड़ी समस्या होती है। हाइपोथायरायडिज्म के कारण वजन कंट्रोल करना काफी मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर लाइफस्टाइल में कुछ खास बदलावों को अपनाया जाए, तो वेट लॉस करना आसान हो सकता है। एक्सरसाइज फिजियोलॉजिस्ट और और न्यूट्रिशनिस्ट कपिल कनोडिया ने इस बारे में जानकारी देते हुए वीडियो शेयर किया है।
हाइपोथायरायडिज्म के साथ वेट लॉस करने के लिए लाइफस्टाइल में अपनाएं ये बदलाव- Lifestyle Changes To Lose Weight with Hypothyroidism
प्रोटीन का ध्यान रखें- Protein Intake
हाइपोथायरायडिज्म के साथ वजन घटाने के लिए प्रोटीन इनटेक का ध्यान रखना भी जरूरी है। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्रोटीन हार्मोन्स को बैलेंस रखने में मदद करता है। प्रोटीन लेने से भूख जल्दी नहीं लगती है और कैलोरी इनटेक कम करने में मदद मिलती है। आपको बॉडी वेट के मुताबिक 1.2 से 1.5 ग्राम प्रोटीन रोज जरूर लेना है। जैसे अगर आपका वजन 60 किलो है तो आपको एक किलो पर 1.2 ग्राम प्रोटीन जरूर लेना है।
डाइटरी फैट्स जरूर लें- Dietary Fiber
हार्मोन इशु के साथ वजन घटाने के लिए डाइटरी फैट्स लेना भी बहुत जरूरी है। आपकी डाइट में बॉडी वेट के मुताबिक एक किलो पर 0.5 ग्राम डाइटरी फैट्स जरूर लेना है। यह बॉडी को एक्टिव और एनर्जेटिक रहने में मदद करेगा। इससे थायराइड हार्मोन को बैलेंस रखने में भी मदद मिलेगी। डाइटरी फैट्स के हेल्दी ऑप्शन्स में आप बादाम, अखरोट और देसी घी जैसे सोर्स को डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करें- Strength Training
हेल्थ मेंटेन रखने के साथ वेट लॉस के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना भी जरूरी है। इसलिए अपने लाइफस्टाइल में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर एड करें। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से आपकी मसल्स की हेल्थ इंप्रूव होगी। इससे मेटाबॉलिज्म बढ़ेगा और फैट लॉस करने में मदद मिलेगी।
कैलोरी डेफिसिट डाइट फॉलो करें- Calorie Deficit Diet
हाइपोथायरायडिज्म में वजन घटाने के लिए कैलोरी डेफिसिट डाइट फॉलो करना जरूरी है। अगर आप डेली कैलोरी इनटेक कम नहीं करेंगे, तो इससे वेट लॉस करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए किसी डाइट एक्सपर्ट से कैलोरी डेफिसिट डाइट चार्ट जरूर बनवाएं। इससे हेल्थ मेंटेन रखने के साथ वेट लॉस करना भी आसान होगा।
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मेटाबॉलिज्म पर ध्यान दें- Metabolism
मेटाबॉलिज्म स्लो होने के कारण हाइपोथायरायडिज्म में वजन बढ़ सकता है। इसलिए पहले समझें कि आपको मेटाबॉलिज्म स्लो होने के कारण हाइपोथायरायडिज्म हुआ है, तो हाइपोथायरायडिज्म के बाद मेटाबॉलिज्म स्लो हुआ है। इसके लिए लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों जैसे स्लीप साइकिल, स्ट्रेस मैनेजमेंट और न्यूट्रिएंट्स बैलेंस पर ध्यान दें।
इन टिप्स को अपनाकर आप हाइपोथायरायडिज्म के साथ जल्दी वजन घटा सकते हैं। लेकिन इसके साथ ही दवा समय से जरूर लें।