कोलोस्ट्रम, जिसे आमतौर पर 'पहला दूध' कहा जाता है, नवजात शिशु की सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। यह दूध जन्म के पहले कुछ दिनों के भीतर स्तन से निकलता है और शिशु के जीवन का पहला पोषण और सुरक्षा का प्रमुख स्रोत होता है। कोलोस्ट्रम का रंग पीला होता है और यह फैट और कैलोरी में कम होता है, लेकिन पोषक तत्वों और एंटीबॉडीज से भरपूर होता है। यह शिशु के लिए जीवन की शुरुआत के दौरान सभी जरूरी पोषण तत्वों का आदान-प्रदान करता है। खास बात यह है कि यह दूध शिशु के विकास के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह न केवल शिशु की शारीरिक जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि उसकी इम्यूनिटी को भी मजबूत करता है। कोलोस्ट्रम के फायदों को समझना हर मां के लिए जरूरी है ताकि वे जान सकें कि यह दूध उनके शिशु के लिए क्यों जरूरी है और इसे अपने शिशु को जरूर पिलाना चाहिए। इस लेख में हम जानेंगे कि नवजात शिशु के लिए कोलोस्ट्रम मिल्क के क्या फायदे हैं। इस विषय पर बेहतर जानकारी के लिए हमने लखनऊ के झलकारीबाई हॉस्पिटल की वरिष्ठ गाइनोकॉलोजिस्ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।
कोलोस्ट्रम मिल्क क्या होता है?- What is Colostrum Milk
कोलोस्ट्रम, डिलीवरी के बाद, मां से शिशु को मिलने वाला पहला दूध कहलाया जाता है। यह दूध डिलीवरी के तुरंत बाद निकलता है और जन्म के पहले 2-3 दिनों में शिशु को ब्रेस्टफीडिंग के जरिए मिलता है। इसमें मौजूद पोषण तत्व और एंटीबॉडीज शिशु के विकास और इम्यूनिटी के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। यह दूध विटामिन-ए, प्रोटीन, मिनरल्स और कार्बोहाइड्रेट्स से भरपूर होता है। कोलोस्ट्रम का रंग सामान्य दूध की तुलना में थोड़ा गाढ़ा और ज्यादा पीला होता है। यह रंग इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन और उच्च पोषक तत्वों की वजह से होता है।
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इम्यूनिटी मजबूत करता है कोलोस्ट्रम मिल्क
कोलोस्ट्रम में शिशु के शरीर के लिए जरूरी एंटीबॉडीज होते हैं, जो इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं। कोलोस्ट्रम में IgA (Immunoglobulin A), IgG और IgM जैसे एंटीबॉडी होते हैं, जो शिशु को बैक्टीरियल इंफेक्शन, वायरस और अन्य इंफेक्शन से बचाते हैं।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद है कोलोस्ट्रम
कोलोस्ट्रम शिशु के पेट के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह आसानी से पच जाता है। इसमें प्रोटीन ज्यादा और कम मात्रा में फैट होता है, जो शिशु के पाचन तंत्र को प्रोटेक्ट करता है। इसके अलावा, कोलोस्ट्रम में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स, जैसे कि ओलिगोसैकराइड्स, शिशु के पेट में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं, जो उसकी पाचन प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।
वजन बढ़ाने में मदद करता है कोलोस्ट्रम
कोलोस्ट्रम में हाई प्रोटीन होता है, जिससे शिशु को जल्दी से वजन बढ़ाने में मदद मिलती है। चूंकि नवजात शिशु का शरीर बढ़ने के लिए एनर्जी और पोषक तत्वों को तेजी से लेता है, कोलोस्ट्रम उसके विकास के लिए सही माना जाता है। यह शिशु के विकास को सही दिशा में लेकर जाता है।
दिमागी विकास के लिए फायदेमंद है
कोलोस्ट्रम में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं, जो शिशु के दिमागी विकास के लिए जरूरी होते हैं। ये फैटी एसिड्स, न्यूरोलॉजिकल विकास को बढ़ावा देते हैं, जिससे शिशु का दिमाग जल्दी विकसित होता है। यह शिशु के पूरे मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है।
डायबिटीज और मोटापे का जोखिम घटता है
कुछ शोधों में यह पाया गया है कि कोलोस्ट्रम की मदद से शिशु के शरीर में डायबिटीज और मोटापे के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। यह शिशु के शरीर में इंसुलिन के स्तर को कंट्रोल करने में मदद करता है और भविष्य में इन समस्याओं को होने से रोक सकता है।
कोलोस्ट्रम, नवजात शिशु के लिए सुरक्षा प्रदान करने वाला पहला दूध है। यह शिशु के शरीर को इंफेक्शन से बचाने, उसके पाचन तंत्र को मजबूत करने और उसके संपूर्ण विकास में मदद करता है। इसलिए, यह जरूरी है कि हर मां अपने बच्चे को कोलोस्ट्रम मिल्क पिलाए, ताकि वह स्वस्थ और मजबूत हो सके।
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