सीने में जलन और गैस (GERD) से अक्सर रहते हैं परेशान, तो अपने सोने के तरीके में करें ये 5 बदलाव

सोने के बाद गैस की समस्या से बचने के लिए आपको पहले इसके कारणों के बारे में जानना चाहिए और फिर सोने के तरीके में बदलाव करें। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 26, 2022Updated at: Feb 26, 2022
सीने में जलन और गैस (GERD) से अक्सर रहते हैं परेशान, तो अपने सोने के तरीके में करें ये 5 बदलाव

खराब जीवनशैली और खान-पान से जुड़ी कमियों के कारण आज कल बहुत से लोगों को गैस और एसिडिटी की समस्या रहती है।  पर इनमें से ज्यादातर लोग वे हैं, जो कि रात में गैस की समस्या की शिकायत करते हैं। इसे मेडिकल टर्म में गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) कहते हैं। सोने पर ज्यादा लोगों के साथ यही समस्या होती है और फिर वे बदहजमी और गैस से परेशान हो जाते हैं। दरअसल, ये एक सामान्य पुरानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्थिति है जो तब होती है जब पेट की सामग्री इससे बाहर निकलकर फूड पाइप में चली जाती है। जीईआरडी का सबसे आम लक्षण सीने में जलन और रह-रह कर खट्टी डकार आना। इसके अलावा रात में आपको मतली, ब्लॉटिंग और उल्टी भी महसूस हो सकती है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि  सोने के बाद गैस की समस्या का कारण (causes of acidity after sleeping) क्या है? और इससे बचा कैसे जा सकता है। अगर नहीं तो, आइए हम आपको बताते हैं।   

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रात में गैस की समस्या का कारण-Causes of acidity after sleeping

एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब फूड पाइप के निचले हिस्से जिसे एसोफेजियल स्फिंक्टर (esophageal sphincter) की मांसपेशियां भोजन को पेट से बाहर निकलने से रोकती हैं। ये इन मांसपेशियों की कमजोरी और शिथिलता के कारण भी हो सकती है। साथ ही रात में होने वाली एसिडिटी डाइट, सोने का तरीका, गुरुत्वाकर्षण और शरीर रचना विज्ञान पर भी निर्भर करती है। दरअसल, जिन में आपके सीधे खड़े होने या बैठने की संभावना अधिक होती है। इसलिए जब पेट का एसिड निकल जाता है, तो गुरुत्वाकर्षण और लार जल्दी से पेट में सामग्री वापस कर देते हैं। यही चीज रात में नहीं हो पाती है। दरअसल, आपके मुंह में बनने वाला लार शरीर में कई भूमिका निभाता है और जिसमें कि खाना पचाना और एसिडिटी से बचाना एक बड़ा काम है।  

एसिड रिफ्लक्स आमतौर पर नींद के पहले दो या तीन घंटों में होता है। यह आमतौर पर तब होता है जब कोई व्यक्ति भारी भोजन करने के तुरंत बाद लेट जाता है। इस दौरान खाना सही से पच नहीं पाता है और पेट का एसिडिक जूस फूड पाइप के जरिए मुंह तक आ जाता है। ऐसे में आप अपने सोने के तरीके को सही करके इस समस्या से बच सकते हैं। 

सीने में जलन और खट्टी डकार से बचने के लिए सोने का सही तरीका - Best way to sleep to avoid acid reflux in hindi

1.  अपनी बाईं ओर सोएं

एसिड रिफलक्स से बचने के लिए अपनी बाईं ओर सोएं। दरअसल, बाईं ओर सोने से गुरुत्वाकर्षण आपके पक्ष में काम करता है।  क्योंकि आपका पेट आपके फूड पाइप के नीचे रहता है और एसिड रिफलक्स होने पर अगर आप दाहिनी करवट करके सोते हैं तो ये तुरंत गले तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि एसिड रिफ्लक्स से बचने के लिए आमतौर पर बाईं ओर सोना सबसे अच्छा विकल्प है। 

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2. सिर के साइड को ऊपर रखें

अपने सिर के नीचे और ऊपरी पीठ के नीचे अतिरिक्त तकिए लगाकर और अपने सिर को अपने शरीर से 6 से 8 इंच ऊपर उठाकर सोने से आप एसिडिटी से बच सकते हैं। सिर को शरीर से ऊपर उठा कर सोने से आप इस समस्या से आसानी से बचा सकते हैं। ये पेट के एसिड को फूड पाइप में जाने से रोकता है। इस तरह ये गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स को रोकने में मदद करता है। 

3. पीठ के बल ना सोएं

पीठ के बल सोना आपकी एसिड रिफ्लक्स की समस्या को और बढ़ा देता है। जब आप पीठ के बल सोते हैं और एसिड आपके पेट से निकल जाता है और गले तक पहुंच जाता है। जिससे आपको खट्टी डकार महसूस होती है। इसके अलावा अगर आप मोटापे से पीड़ित हैं तो ये समस्या आपको और परेशान कर सकती है। ये आपके पेट पर दबाव डालता है और रात के समय एसिड रिफ्लक्स को और बढ़ा देता है। ऐसे में मोटापे से पीड़ित लोगों को पीठ के बल सोने से बचना चाहिए। 

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सोते समय एसिड रिफ्लक्स की समस्या मसालेदार भोजन करने वालों, शराब और कैफीन का सेवन करने वालो में, स्ट्रेस में, प्रेग्नेंसी में और कुछ दवाइयों के सेवन करने वालों में ज्यादा होती है। ऐसे में इन तमाम चीजों को कंट्रोल करें और इन स्थितियों से बचें।

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