एंग्जायटी और ओवर थिंकिंग से हैं परेशान? सोने से पहले जरूर करें मेडिटेशन

कोरोना महामारी के चलते लोगों में एंग्जायटी डिसऑर्डर और ओवर थिंकिंग की आदत बढ़ती जा रही है। ऐसे में ध्यान आपकी खास मदद कर सकता है। 

 
Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Apr 16, 2021Updated at: Apr 16, 2021
एंग्जायटी और ओवर थिंकिंग से हैं परेशान? सोने से पहले जरूर करें मेडिटेशन

कोरोना महामारी के चलते जिस तरह से लोगों में एक असंतोष, एंग्जायटी और डर की भावना बढ़ती जा रही है। ये लोगों को मानसिक परेशानियों की ओर ढकेल रहा है।  बीते एक साल में दुनिया भर में मानसिक रोगियों की इस वजह से भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में कोई भी उपाय इतना सटिक नहीं है, जिससे हम लोगों के मन को शांत करें और उन्हें मानसिक रूप  से परेशान होने से रोकें। पर जामा इंटेरनल मेडिसिन (JAMA Internal Medicine) की एक रिपोर्ट की मानें तो, सोने से पहले माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने से लोगों को बेहतर नींद आती है। साथ ही इससे  एंग्जायटी और ओवर थिंकिंग को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है। ऐसे में जब दुनिया के हालात खराब हैं, तो आप एंग्जायटी और ओवरथिंकिंग (Meditation for Anxiety & Stress) से बचने के लिए मेडिटेशन की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा इसके कई और फायदे भी हैं, आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से। 

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सोने से पहले मेडिटेशन (Meditation Before Sleeping)

सोने से पहले मेडिटेशन करने से दिमाग ही नहीं बल्कि शरीर को भी कई फायदे होते हैं। इसके साथ ही ये कई मायनों नींद की समस्याओं को दूर करते हैं। ये तनाव और चिंता को कम करके, आपकी सोच पर थोड़े समय के लिए लगाम लगता है। यह तंत्रिका तंत्र के नियंत्रण को भी बेहतर बनाता है, जिससे आप आसानी से जागृत हो जाते हैं। इन सबके अलावा ध्यान यानी कि सोने से मेडिटेशन के कई और फायदे भी हैं, जिसे जान कर आप इसे करने के लिए खुद को प्रेरित कर सकते हैं। 

सोने से पहले मेडिटेशन के फायदे- Benefits of Meditation Before Sleeping

1. मेलाटोनिन के स्तर को बढ़ाता है

सोने से पहले मेडिटेशन करने से ये शरीर में मेलाटोनिन को बढ़ता है, जो कि एक बेहतर नींद के लिए बेहद जरूरी हार्मोन है।  इसके बढ़ने से शरीर में स्ट्रेस कम हो जाता है और नींद आने लगती है। इस तरह बेहतर नींद की मदद ले आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और एंग्जायटी आदि से बच सकते हैं। 

2.  हृदय गति को कम करता है

एंग्जायटी होने पर अक्सर लोगों को तेज घबराहट होती है। इस दौरान लोगों के हृदय की गति तेज हो जाती है या कहें कि आपकी धड़कन तेजी गति से चलने लगती है। ऐसे में रोज रात को सोने से पहले मेडिटेशन करना आपके बढे हुए हृदय गति को कम करता है और घबराहट व एंग्जायटी में कमी लाता है।

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3. हाई बीपी को कम करता है

कई बार आपने महसूस किया होगा कि स्ट्रेस और एंग्जायटी के समय आपका ब्लड प्रेशर तेज हो जाता है। इस दौरान आपको बहुत बेचैनी महसूस होती है। कई बार ओवर थिकिंग के दौरान भी जब हमारा दिमाग बहुत तेज गति से काम कर रहा होता है, तो भी बीपी बढ़ जाता है। ये आपकी नींद खराब करता है और आपको बीमार बनता है। इन सभी परेशानियों से बचाव का उपाय यही है कि आप रोज रात को सोने से पहले 10 से 20 मिनट तक ध्यान करें और खुद को शांत करें। इससे आपका बीपी भी संतुलित और सही रहेगा।

4. मस्तिष्क को आराम देता है

आपका शरीर नींद के शुरुआती चरणों में कई तरह के बदलाव का अनुभव करता है। इन सब में आपके  मस्तिष्क  का बड़ा हाथ होता है। पर जब आपको एंग्जायटी होती है, तो आपका ब्रेन बड़ी तेजी से काम करता है, जिसे आराम पहुंचाने के लिए जरूरी है कि आप अपने दिमाग को शांत करें। ऐसे में ध्यान करना आपको मदद करता है और आपके मस्तिष्क को थोड़ा ठहरने का मौका देता है।

5. मन भटकाने में मदद करता है

जब आप बहुत ज्यादा परेशान होते हैं या बहुत ज्यादा सोच रहे होते हैं, तो ऐसे में आपको अपने मन को भटाने की जरूरत होती है। तब ध्यान आपकी मदद कर सकता है। हालांकि, इस दौरान ध्यान करना मुश्किल होता है, पर अगर आप रोज 5 मिनट इसे करें और धीमे-धीमे इस समय को बढ़ाएं, तो आप मन को शांत करने में सफलता पा सकते हैं। 

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सोने से पहले ध्यान कैसे करें-How to meditate before sleeping?

ध्यान एक सरल अभ्यास है जिसे कभी भी, कहीं भी किया जा सकता है। सोने से पहले आप इसे अपने बिस्तर पर लेट कर या बैठ कर भी कर सकते हैं। जैसे कि

  • -अपने आस पास से फोन या मन को भटकाने वाली चीजों को हटा दें।
  • -आरामदायक स्थिति में लेट जाएं।
  • -अपनी श्वास पर ध्यान दें। 
  • -आंखें बंद कर लें।
  • -मन में 10 काउंट करते हुए सांस लें।
  • -फिर 10 काउंट करते हुए अपनी सांस रोकें। 
  • -अब 10 काउंट करते हुए सांस छोड़ें।
  • -पांच बार दोहराएं।

इस तरह अपनी सांस और शरीर पर ध्यान दें। 10 मन में काउंट करते समय होगा ये कि आपको इस गिनती को करने में मेहनत और कंसंट्रेशन लगेगा। जिसमें आपका दिमाग एंग्जायटी और बाकी चीजों को भूल जाएगा। अगर इस दौरान जब कोई विचार सामने आता है, तो धीरे-धीरे अपना ध्यान सिर्फ अपनी सांस पर लौटाएं। ज्यादा परेशान न हो, बस रोज आपसे जितना हो उतना करें।  समय के साथ, धीरे-धीरे समय बढ़ाकर 15 से 20 मिनट करें। आप पाएंगे कि इसका फायदा आपके मन और मस्तिष्क पर अपने आप ही होने लगेगा। 

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