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Critical Limb Ischemia: पैरों का 'हार्ट अटैक' क्यों कहा जाता है इस बीमारी को?

कई बार लोगों को क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या का सामना करना पड़ता है। इसके कारण लोगों को पैरों में कई परेशानी होती हैं। आइए लेख में जानें - 
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Critical Limb Ischemia: पैरों का 'हार्ट अटैक' क्यों कहा जाता है इस बीमारी को?

How Can I Prevent Critical Limb Ischemia In Hindi: कई बार लोगों को क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या होती है, जिसके कारण लोगों को पैरों में कमजोरी होने, थकान होने और पैरों में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें, क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया को पैरों का हार्ट अटैक भी कहा जाता है, जो पैरों में गंभीर परेशानियों का खतरा बढ़ता है। ऐसे में आइए हैदराबाद के यशोदा अस्पताल क्लिनिकल डायरेक्टर, सीनियर कंसल्टेंट वेस्कुलर और एंडोवेस्कुलर सर्जन डॉ. देवेंद्र सिंह (Dr. Devender Singh, Sr. Consultant Vascular & EndoVascular Surgeon, Clinical Director, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से जानें क्या है क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया? और इसको पैरों का हार्ट क्यों कहा जाता है?


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CLI को क्यों कहते हैं पैरों का हार्ट अटैक? - Why is CLI called heart attack of the legs?

डॉ. देवेंद्र सिंह के अनुसार, क्रिटिकल लिम्ब इस्केमिया (CLI) पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का एक गंभीर स्टेज है। यह तब होती है जब पैरों या पंजों में ब्लड फ्लो लंबे समय तक बहुत कम हो जाता है। 

CLI यानी क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया (Critical limb ischemia) को पैरों के हार्ट अटैक भी कहा जाता है। इसके कारण आराम करने के दौरान भी पैरों की मांसपेशियों और स्किन को ठीक से ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। इसके कारण व्यक्ती को पैरों में दर्द बना रहता है, खासकर रात के समय। इसके अलावा, इस स्थिति में पैरों में घाव होने, गैंग्रीन (gangrene) होने या पैर के हिस्से के काला पड़ने की समस्याएं भी होती हैं।

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क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया से बचने के लिए क्या करें? - What can be done to prevent critical limb ischemia?

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया से बचने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी है। इससे बीमारियों से बचाव करने में मदद मिल सकती है। इसका बचाव जल्दी शुरू होता है। सबसे जरूरी कदम है रिस्क फैक्टर्स को कंट्रोल करना।

स्मोकिंग बंद करें

इस समस्या से बचने के लिए स्मोकिंग पूरी तरह से बंद कर दें। स्मोकिंग किसी भी दूसरी आदत से ज्यादा तेजी से आर्टरीज को नुकसान पहुंचाती है, जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है।

नियमित रूप से वॉक करें

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या में दर्द होने पर भी नियमित रूप से वॉक करने की कोशिश करें। इससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने और आर्टरीज को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है। इससे स्वास्थ्य को भी कई लाभ मिलते हैं। 

ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखें

क्रिटिकल लिम्ब इस्केमिया की समस्या से बचने और शारीरिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और शुगर लेवल को हेल्दी रेंज में रखें। बता दें, इनका ज्यादा लेवल आर्टरीज को पतला और सख्त बना देते हैं, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इससे बचने के लिए नियमित जांच कराना भी फायदेमंद होता है। ऐसे में इन समस्याओं से राहत के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार, खून को पतला करने वाली दवाइयों और इन समस्याओं की दवाइयां लें। 

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नियमित एक्सरसाइज करें

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या से बचने के लिए व्यक्ति को नियमित एक्सरसाइज करें या फिजिकल एक्टिविटीज करें। इससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिलती है। 

वजन को नियंत्रित करें

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या अधिक वजन होने के कारण भी हो सकता है। नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटीज करने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में भी मदद मिलती है। ऐसे में इन समस्याओं से बचने के लिए वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। बता दें, ज्यादा वजन से हार्ट और ब्लड वेस्ल को ज्यादा  मेहनत करनी पड़ती है। 

हेल्दी डाइट लें

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या से बचने के लिए हेल्दी और पोषक तत्वों से युक्त ज्यादा फल, सब्जियों, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स को डाइट में शामिल करें। इससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने और स्वास्थ्य को दुरुस्त करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, प्रोसेस्ड फूड और नमक का सेवन सीमित करें। 

पैरों की देखभाल करें

पैरों की देखभाल बहुत जरूरी है, खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए। अपने पैरों को रोजाना चेक करें की कहीं पैरों में कट, रंग बदलने या धीरे-धीरे ठीक होने वाले घावों जैसी समस्याएं तो नहीं हैं। घावों का धीरे ठीक होना पैरों में ब्लड फ्लो कम होने का शुरुआती संकेत हो सकता है। चलते या आराम करते समय पैरों में दर्द को नजरअंदाज न करें। बता दें, पेरिफेरल आर्टरी डिजीज का जल्दी इलाज CLI को रोक सकता है।

निष्कर्ष

क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया की समस्या से बचाव करने के लिए नियमित रूप से वॉक करें, नियमित रूप से एक्सरसाइज करें, वजन को कंट्रोल करें, हेल्दी डाइट लें, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करें। इससे स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने और क्रिटिकल लिम्ब इस्किमिया से बचाव करने में भी मदद मिलती है। ध्यान रहे, चलने में अधिक परेशानी होने, पैरों में अधिक घाव होने, पैरों में अधिक दर्द होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 

All Images Credit- Freepik

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  • Nov 22, 2025 20:18 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Nov 22, 2025 20:18 IST

    Published By : Priyanka Sharma

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