Mon Oct 12, 2026 | 04:52 AM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

कफ दोष संंतुलन के लि‍ए खाएं काली म‍िर्च और हल्‍दी, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

कफ दोष है और सर्दी-जुकाम या नाक बहना जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं? ऐसे में काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन फायदेमंद माना जाता है। इस म‍िश्रण का सेवन करने से इम्‍यून‍िटी भी मजबूत होती है। आयुर्वेद में इसका खास महत्‍व है।
कफ दोष संंतुलन के लि‍ए खाएं काली म‍िर्च और हल्‍दी, एक्‍सपर्ट से जानें फायदेकफ दोष संंतुलन के लि‍ए खाएं काली म‍िर्च और हल्‍दी, एक्‍सपर्ट से जानें फायदे

कफ दोष जब असंतुल‍ित हो जाता है, तो बलगम, नाक बहना, सर्दी-जुकाम और पाचन खराब होने जैसे लक्षण नजर आते हैं। कफ दोष को संतुल‍ित करने के कई तरीके हैं ज‍िनमें से एक है काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन। आयुर्वेद की मानें, तो यह म‍िश्रण कफ दोष वालों के ल‍िए बेहतरीन उपाय है और इसका इस्‍तेमाल सद‍ियों से क‍िया जाता रहा है।

सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण नजर आने पर काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन फायदेमंद होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेड‍िस‍िन के एक अध्‍ययन के मुताब‍िक, जब हल्‍दी के साथ काली म‍िर्च का सेवन क‍िया जाता है, तो हल्‍दी में मौजूद करक्‍यूम‍िन शरीर में बेहतर ढंग से अब्‍जार्ब होती है। जब हल्‍दी बेहतर ढंग से शरीर में अब्‍जार्ब होती है, तो सूजन कम होती है और शरीर को एंटीऑक्‍सीडेंट्स के फायदे मि‍लते हैं।

छींक या नाक से पानी बहने पर खाएं काली म‍िर्च और हल्‍दी

Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया क‍ि अगर सफेद बलगम है, तो काली म‍िर्च और हल्‍दी को शहद के साथ म‍िक्‍स करके खाएं। छींक आ रही है, नाक से पानी बह रहा है, तो भी इस म‍िश्रण का सेवन करने से राहत म‍िलती है। ध्‍यान रखें क‍ि काली मि‍र्च और हल्‍दी का सेवन केवल सफेद बलगम आने पर करना चाह‍िए। अगर बलगम का रंग हरा या पीला है, तो इसका मतलब है शरीर में पित्त दोष बढ़ रहा है। ऐसे में अगर काली म‍िर्च का सेवन करेंगे, तो पित्त दोष बढ़ सकता है। वहीं अगर शरीर में वात दोष है, तो कम मात्रा में ही काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन करें।

क‍ेवल कफ दोष में फायदेमंद है काली म‍िर्च और हल्‍दी

कफ दोष     नाक बहना या छींक आने पर काली म‍िर्च और हल्‍दी फायदेमंद है।
वात दोष      कम मात्रा में काली म‍िर्च और हल्‍दी लें।
पित्त दोष   काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन ब‍िल्‍कुल न करें।

काली म‍िर्च से सर्दी-जुकाम, गले की खराश दूर होती है

काली म‍िर्च में पाइपेरिन होता है ज‍िससे सर्दी-खांसी, गले की खराश और सांस की समस्‍याएं दूर होती हैं। काली म‍िर्च का सेवन करने से पाचन अग्नि मजबूत होती है ज‍िससे खाना ठीक से पचता है और शरीर में व‍िषैले तत्‍व जमा नहीं होते। काली म‍िर्च की तासीर गर्म होती है और यह कफ दोष संतुल‍न में मदद करता है।

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कफ दोष और बलगम को कम करती है हल्‍दी

हल्‍दी में एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्‍सीडेंट्स मौजूद होते हैं। इन तत्‍वों के कारण हल्‍दी का सेवन करने से शरीर की सूजन कम होती है और इंफेक्‍शन के खि‍लाफ लड़ने के ल‍िए इम्‍यूनि‍टी बनती है। कफ दोष बढ़ने से बलगम जमा होता है। हल्‍दी का सेवन करने से बलगम को कम करने में मदद म‍िलती है। हल्‍दी ल‍िवर को ड‍िटॉक्‍स करता है और पाचन सुधारने में अहम भूम‍िका न‍िभाता है।

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काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन कैसे करें?

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  • काली म‍िर्च और हल्‍दी को शहद के साथ म‍िलाकर खा सकते हैं।
  • इन दोनों को गुनगुने दूध के साथ म‍िलाकर भी सेवन कर सकते हैं।
  • अदरक, काली म‍िर्च और हल्‍दी से हर्बल चाय या काढ़ा बनाएं और द‍िन में एक से दो बार प‍िएं।
  • सब्‍जी, दाल या सूप में भी इस म‍िश्रण का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • काली म‍िर्च और हल्‍दी का ज्‍यादा मात्रा में सेवन करने से बचें। एक बार में एक टीस्‍पून ज‍ितनी मात्रा ही काफी है। ज्‍यादा मात्रा लेने से एस‍िड‍िटी, पेट में जलन, पेट में गैस जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। गर्भवती मह‍िलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्‍टर से सलाह लेना चाह‍िए।

न‍िष्‍कर्ष:

कफ दोष संतुल‍न के ल‍िए काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन फायदेमंद होता है। काली मि‍र्च और हल्‍दी का सेवन करके सर्दी-जुकाम, नाक बहना जैसे लक्षण भी दूर होते हैं। काली म‍िर्च और हल्‍दी का सेवन शहद के साथ करें।

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FAQ

  • कफ दोष क्‍या होता है?

    कफ दोष शरीर को मजबूत बनाता है और इम्‍यून‍िटी को बनाए रखता है। जब कफ दोष संतुल‍ित रहता है, तो शरीर में मजबूती रहती है और मन शांत रहता है। कफ दोष असंतुल‍ित होने पर सर्दी-जुकाम, खांसी जैसी कई समस्‍याएं नजर आ सकती हैं।
  • कफ दोष के लक्षण क्‍या हैं?

    कफ दोष के बढ़ने से सर्दी-जुकाम, बलगम बनना, वजन बढ़ना, पाचन धीमा होने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। कफ दोष के कारण नाक बंद रहना, शरीर में सूजन भी द‍िख सकती है।
  • कफ दोष में क्‍या खाना चाह‍िए?

    कफ दोष में मूंग दाल, बाजरा, सेब, अनार, नींबू, हरी सब्‍ज‍ियां, लहसुन, दालचीनी वगैरह का सेवन कर सकते हैं। कफ दोष होने पर ज्‍यादा ठंडा या तला-भुना खाने से परहेज करना चाह‍िए।

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    Feb 03, 2026 12:38 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
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    Published By : Yashaswi Mathur
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