Kali mirch ka kadha: कफ कंजेशन की समस्या से अक्सर लोग परेशान रहते हैं। सर्दियों में ये दिक्कत और बढ़ जाती है और लंबे समय तक बनी रहती है। यहां तक कि जिन लोगों को निमोनिया, ब्रोंकाइटिस और अस्थमा की दिक्कत रहती है उनमें भी ये समस्या देखी जाती है। दरअसल, कफ और कंजेशन की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है और कई बार सोने में भी समस्या होने लगती है। ऐसे में हर बार एंटीबायोटिक दवाओं को लेना सेहत के लिए उतना फायदेमंद नहीं माना जाता है जितना कि देसी उपचार। ऐसे में आज हम जानेंगे आयुर्वेदिक एक्सपर्ट Dr. Deepak Joshi से कि फेफड़ों में कफ जम जाए तो काली मिर्च का काढ़ा कैसे फायदेमंद है?
फेफड़ों में कफ जम जाए तो पिएं काली मिर्च का काढ़ा
Dr. Deepak Joshi बताते हैं कि फेफड़ों में कफ जमने की स्थिति में काली मिर्च का काढ़ा कुछ हद तक राहत दे सकता है। काली मिर्च में मौजूद पिपेरिन (piperine) तत्व बलगम को पतला करने में मदद करता है, जिससे कफ आसानी से बाहर निकल पाता है और सांस लेने में राहत मिलती है। NIH की स्टडी बताती है कि एल्कलॉइड प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले रासायनिक यौगिकों का एक समूह है जो कि कफ को तोड़ने के साथ कई पुरानी बीमारियों के खिलाफ कारगर है जिसमें कि पहले तो ये इंसुलिन प्रतिरोध में कमी लाता है, सूजन कम करता है और फैटी लिवर में जमाव।
इसे भी पढ़ें: गले में खराश की समस्या से हैं परेशान? इन 3 तरीकों से इस्तेमाल करें शहद और काली मिर्च, मिलेगा आराम
छाती में जकड़न
फेफड़ों में कफ जमने पर काली मिर्च का काढ़ा (black pepper in cough congestion) बेहद फायदेमंद है। डॉ. जोशी बताते हैं कि यह काढ़ा छाती में जकड़न, भारीपन और खांसी की परेशानी को कम करने में सहायक माना जाता है। कंजेशन होने पर काली मिर्च का काढ़ा कफ तोड़ता है और इसे ढीला करता है। इसके अलावा ये फेफड़ों में गर्मी पैदा करता है जिससे कफ को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इससे छाती में जमा कफ की सफाई हो जाती है और पीड़ित व्यक्ति जकड़न से राहत महसूस करता है।

इन्फेक्शन और सूजन कम करने वाला
काली मिर्च में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो हल्के इन्फेक्शन और सूजन को कम कर सकते हैं। जब आप इस काढ़े को पीते हैं तो इसके बायोएक्टिव गुण आसानी से शरीर द्वारा अवशोषित हो जाता है। काली मिर्च ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में कारगर है। यह एक नेचुरल कंजेशन निवारक के रूप में भी काम करती है, जिससे बंद वायुमार्ग खुलते हैं और श्वसन क्रिया में सुधार होता है।
इसे भी पढ़ें: सीने में कफ जमा होने के क्या कारण हो सकते हैं? डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और बचाव के उपाय
फेफड़ों के लिए काली मिर्च का काढ़ा बनाकर कैसे पिएं?
फेफड़ों के लिए काली मिर्च का काढ़ा बनाना बेहद आसान है। आपको करना ये है कि काली मिर्च को कूटकर इसका पाउडर बना लें और अदरक कूटकर मिला लें। इस काढ़े में थोड़ा गुड़ मिला लें और एक उबाल ले लें। फिर इसे छानकर इसमें थोड़ा सा नमक मिलाकर पिएं।
इस प्रकार से गुनगुना काढ़ा पीने से गले और श्वसन नलिका को आराम मिलता है। हालांकि, लंबे समय से कफ, सांस फूलना, सीने में दर्द या बुखार जैसे लक्षण हों, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और समय पर डॉक्टर से जांच व इलाज कराना जरूरी है क्योंकि कफ को लंबे समय तक फेफड़ों में जमा रखना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
FAQ
क्या हम रोज काली मिर्च का पानी पी सकते हैं?
नहीं, रोज काली मिर्च का पानी पीना शरीर की गर्मी बढ़ाने के साथ पित्त के दिक्कत की वजह बन सकता है। इसकी वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। इसलिए आपको रोजाना काली मिर्च का पानी पीने से बचना चाहिए।क्या काली मिर्च कफ कम करती है?
काली मिर्च कफ करने में कारगर है क्योंकि ये कफ तोड़ने के साथ इसे पतला करने में मददगार है जिससे ये जमा होकर कंजेशन की वजह नहीं बनता।क्या काली मिर्च पित्त बढ़ाती है?
रोजाना काली मिर्च का सेवन पित्त की समस्या को बढ़ा सकता है इससे मुंह में छाले हो सकते हैं और पेट की गर्मी बढ़ सकती है। इसलिए आपको पित्त कंट्रोल करना है तो काली मिर्च के सेवन से बचें।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
Jan 31, 2026 07:00 IST
Modified By : Pallavi Kumari Jan 31, 2026 07:00 IST
Published By : Pallavi Kumari