Mon Sep 28, 2026 | 04:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shrey Sharma , BAMS

जोड़ों की जकड़न से राहत दिलाने में फायदेमंद हैं राशोई में मौजूद ये 5 जड़ी-बूटियां, आप भी करें ट्राई

घुटने में घर्षण बढ़ने की वजह से कई बार उठने-बैठने में भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में अगर आप काली मिर्च और बड़ी इलायची जैसी इन चीजों को डाइट में शामिल करेंगे तो इस समस्या में कमी आ सकती है।
जोड़ों की जकड़न से राहत दिलाने में फायदेमंद हैं राशोई में मौजूद ये 5 जड़ी-बूटियां, आप भी करें ट्राईजोड़ों की जकड़न से राहत दिलाने में फायदेमंद हैं राशोई में मौजूद ये 5 जड़ी-बूटियां, आप भी करें ट्राई

जोड़ों की जगड़न बढ़ जाने से चलने-फिरने और उठने बैठने में भी दिक्कत होने लगती है। ऐसे में हल्दी, काली मिर्च, अदरक, पिपली, मोथा और बड़ी इलायची का सेवन इस जकड़न को कम करने में मदद कर सकता है। दरअसल, इन सभी में एक कॉमन गुण हैं कि यह सभी एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर हैं। इसके अलावा यह सूजन और दर्द को कम करने में मददगार हैं। साथ ही इन चीजों के अन्य लाभ हैं जिसके बारे में Dr. Shrey Sharma, Ayurveda Expert, Ramhans Charitable Hospital, Haryana ने बताया है।

जोड़ों में जकड़न दूर करने वाली 5 जड़ी-बूटियां

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि जोड़ों में जकड़न दूर करने के लिए आप इन जड़ी-बूटियों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं जिससे आपको कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं जैसे-

1. हल्दी

डॉ. श्रेय शर्मा बताते हैं कि हल्दी को डाइट में शामिल करने से शरीर में गर्मी पैदा होती है जिससे सूजन और दर्द में कमी आती है। हल्दी का बायोएक्टिव गुण करक्यूमिन (curcumin), नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं के समान काम करता है जिससे जोड़ों में दर्द की समस्या कम हो जाती है। साल 2025 में BMC Complementry Medicine and Therapies में प्रकाशित शोध में बताया गया है कि हल्दी में मिलने वाला करक्यूमिन  एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं के समान काम कम कर सकता है।

कैसे करें सेवन?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि अगर आपके जोड़ों में जकड़न बनी रहती है तो आपको हल्दी का पानी पीना चाहिए जो कि इस स्थिति में बेहद मददगार है। इसके अलावा आप हल्दी और काली मिर्च से काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं।

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2. काली मिर्च

काली मिर्च में पिपरीन होता है जो कि एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है और हड्डियों की सूजन व घर्षन को कम करने वाला है। डॉ. श्रेय शर्म कहते हैं कि जब आप काली मिर्च को कूटकर हल्दी और घी के साथ मिलाकर लेते हैं तो यह मिश्रण जोड़ों की अकड़न को दूर करने के साथ नमी बढ़ाने में भी मददगार है। इससे जोड़ों में जकड़न महसूस नहीं होती और आप दर्द से भी निजात पाते हैं।

कैसे करें सेवन?

काली मिर्च को कूटकर घी और हल्दी के साथ मिलाकर लें। इस तरह से इसका सेवन करना दर्दनाशक की तरह काम करता है। इसके अलावा आप काली मिर्च को पीसकर शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैं।

3. बड़ी इलायची

बड़ी इलायची मुख्य रूप से अपने प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण जोड़ों की अकड़न और दर्द को कम करने में मदद करती है। डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि बड़ी इलायची के बारे में आयुर्वेदिक नजरिए से देखें तो, इसकी तासीर गर्म (उष्ण) होती है, जो दर्द और अकड़न से जुड़े बढ़े हुए दोषों को शांत करने में मदद करती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट हानिकारक रिएक्टिव ऑक्सीजन मॉलिक्यूल को हटाने में मदद करते हैं, जो समय के साथ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और जोड़ों के घिसने का कारण बनते हैं।

कैसे करें सेवन?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि बड़ी इलायची को इस्तेमाल करने के 2 तरीके हैं। पहला तरीका यह है कि

  • आप सरसों के तेल में बड़ी इलायची पीसकर मिला लें और इससे घुटनों की मालिश करें। आपको ये मालिश रात में सोने से पहले करें।
  • दूसर, बड़ी इलायची के एक दाने को हल्का सा कूट लें। अब एक कप पानी में लगभग 5 से 7 मिनट तक उबालकर चाय बना लें। अब इसे पिएं।

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4. पिपली

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि पिपली में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि जोड़ों के दर्द और सूजन में बेहद कारगर तरीके से काम करते हैं। पिपली को पीसकर इसमें शहद मिलाकर लेने से घुटने में घर्षण कम होने लगती है और नमी भी बढ़ती है। खासकर शहद एक ल्यूब्रिकेंट की तरह काम करता है जिससे घुटने की घर्षण कम होती है और दर्द में भी कमी आती है।

कैसे करें सेवन?

पिपली को लेने के दो तरीके हैं पहला इसे पीसकर शहद या देसी घी में मिलाकर लें। दूसरा, तरीका यह है कि आप पिपली को पीस लें और इसे दूध में मिलाकर पिएं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से बचें।

5. धनिया

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि अगर आप धनिया का पानी पिएं तो ये वात दोष को कम करने में मदद करता है। इससे घुटने में घर्षण कम होती है और दर्द से भी निजात मिलता है। इसके अलावा धनिया के पास खास गुण यह है कि यह शरीर को ऐसे केमिकल को छोड़ने से रोकता है जिनसे जोड़ों में दर्द और सूजन होती है, इसलिए यह गठिया के लिए भी फायदेमंद है।

कैसे करें सेवन?

डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि जोड़ों से जुड़ी सूजन में आप

  • धनिया को कूटकर रख लें और सुबह खाली पेट इस पाउडर को गुनगुने पानी के साथ ले लें।
  • आप यह कर सकते हैं कि धनिया के बीजों को पानी में भिगोकर रखें और इस पानी को पी लें।
  • धनिया के बीजों को उबाल लें और इस पानी को पिएं जो कि शरीर को डिटॉक्स करने में मददगार है।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. श्रेय शर्मा कहते हैं कि घुटनों में घर्षण और सूजन की समस्या उम्र बढ़ने के साथ अपने आप बढ़ती जाती है। ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर को दिखाएं और इसके कारणों का इलाज करें। डाइट में इन मसालों को शामिल करना दर्द, सूजन और जगड़न को कम करने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह नेचुरल उपाय इस समस्या का इलाज नहीं है। साथ ही ज्यादा मात्रा में इन चीजों के सेवन से बचें क्योंकि यह शरीर में वात-पित्त और कफ का बैलेंस बिगाड़ सकते हैं।

FAQ

  • जोड़ों का दर्द और जकड़न कौन सी बीमारी है?

    जोड़ों का दर्द और जकड़न असल में ऑस्टियोआर्थराइटिस की बीमारी है। शुरुआत में आपको यह लक्षण महसूस हो सकते हैं जो कि समय के साथ बढ़ने लगते हैं।
  • जॉइंट पेन में क्या नहीं खाना चाहिए?

    जॉइंट पेन में ज्यादा तली-भुनी चीजों के सेवन से बचना चाहिए। इसके अलावा आपको ज्यादा मात्रा में मीठी चीजों और बाहरी चीजों के सेवन से बचना चाहिए।

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Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 28, 2026 14:32 IST

    Published By : Pallavi Kumari
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