Tue Sep 22, 2026 | 04:45 PM IST

Medically Reviewed by Dr Deepak Kumar Arora , Orthopaedics & Joint Replacement

फर्श पर बैठने के बाद उठते समय घुटने अकड़ क्यों जाते हैं, जानें कब यह सामान्य नहीं है?

फर्श पर कुछ देर बैठने के बाद उठते समय घुटनों में अकड़न कई कारणों से हो सकती है। यहां ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जानिए, घुटने की स्टिफनेस क्यों होती है और किन लक्षणों पर डॉक्टर से मिलें।
फर्श पर बैठने के बाद उठते समय घुटने अकड़ क्यों जाते हैं, जानें कब यह सामान्य नहीं है?फर्श पर बैठने के बाद उठते समय घुटने अकड़ क्यों जाते हैं, जानें कब यह सामान्य नहीं है?

फर्श पर बैठकर खाना खाना, पूजा करना या कुछ देर पालथी मारकर बैठना भारतीय लोगों में आम बात है लेकिन कई लोगों के लिए परेशानी तब शुरू होती है, जब लंबे समय तक फर्श पर बैठने के बाद उठने की कोशिश करते हैं। देर तक नीचे बैठने के बाद घुटने जैसे जकड़ जाते हैं, उन्हें सीधा करने में कुछ सेकंड लगते हैं और खड़े होने के बाद शुरुआती कुछ कदम भी भारी महसूस हो सकते हैं। Max Hospital Patparganj के ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, घुटने लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने पर अस्थायी रूप से जकड़े हुए महसूस हो सकते हैं। हालांकि, बार-बार होने वाली अकड़न को केवल बैठने के पॉश्चर का असर मानना सही नहीं है। खासकर तब, जब इसके साथ घुटनों में दर्द, सूजन या चलने-फिरने में परेशानी भी होने लगे।

घुटनों की अकड़न का अनुभव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है इसलिए यह समझना जरूरी है कि फर्श पर बैठने के बाद होने वाली अकड़न कब नॉर्मल रिएक्शन हो सकता है और कब यह घुटने की किसी समस्या का संकेत हो सकता है। साथ ही, रोजमर्रा की कौन-सी आदतें घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती हैं और किन संकेतों को देखकर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

फर्श पर बैठने के बाद घुटने क्यों अकड़ जाते हैं?

ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा के अनुसार, लंबे समय तक घुटने एक ही स्थिति में मोड़कर रखने से जोड़ के आस-पास की मसल्स और सॉफ्ट टिश्यू पर लगातार दबाव पड़ता है। कुछ समय तक उसी स्थिति में रहने के बाद जब व्यक्ति अचानक खड़ा होता है, तो घुटने को दोबारा सीधा करने में थोड़ी परेशानी महसूस हो सकती है।

  • ऐसे में कुछ सेकंड या थोड़ी देर तक अकड़न महसूस होना और फिर चलने-फिरने के बाद ठीक हो जाना कई बार सामान्य हो सकता है। खासतौर पर अगर व्यक्ति लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठा रहा हो, तो यह अनुभव ज्यादा हो सकता है।
  • उम्र बढ़ने के साथ घुटने के जोड़ में नेचुरल बदलाव होने लगते हैं। जोड़ के आस-पास की मसल्स की ताकत और लचीलापन भी पहले जैसा नहीं रहता है। इसके कारण लंबे समय तक घुटने मोड़कर बैठने के बाद उठते समय घुटने में दर्द और जकड़न ज्यादा महसूस हो सकती है।
  • अगर व्यक्ति की फिजिकल एक्टिविटी कम है या वह लंबे समय तक बैठा रहता है, तो भी घुटनों में जकड़न की शिकायत ज्यादा महसूस हो सकती है। नियमित हल्की फिजिकल एक्टिविटी और मसल्स को मजबूत रखने से घुटनों का फंक्शन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

साल 2025 में Journal of Science and Medicine in Sport में प्रकाशित से पता चलता है कि हेल्दी वयस्कों में लगातार 30 मिनट तक बैठने से घुटनों में जकड़न यानी स्टिफनेस शुरू हो जाती है, जो 60 मिनट तक बैठने पर और ज्यादा स्पष्ट रूप से महसूस होने लगती है। लंबे समय तक बैठने से होने वाली इस जकड़न और दर्द को कम करने के लिए बीच-बीच में थोड़ा हिलना-डुलना या पैर की स्थिति बदलना बहुत मददगार साबित हो सकता है।

why knees stiff after getting upwhy knees stiff after getting up

इसे भी पढ़ें: घुटने का दर्द 40 की उम्र के बाद क्यों बढ़ जाता है? डॉक्टर से जानें किन बातों का रखें ध्यान

घुटनों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

  • ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा बताते हैं कि लंबे समय तक घुटनों को पूरी तरह मोड़कर बैठने से बचें और बीच-बीच में अपनी स्थिति बदलते रहें।
  • फर्श से उठते समय जल्दबाजी करने के बजाय पहले शरीर को थोड़ा सीधा करें और सहारे के साथ धीरे-धीरे खड़े हों।
  • नियमित रूप से पैदल चलना और डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह के अनुसार घुटनों के आस-पास की मसल्स को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज करना फायदेमंद हो सकता है।
  • अगर पहले से घुटने में दर्द या कोई समस्या है, तो बिना सलाह के कठिन एक्सरसाइज शुरू न करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

ऑर्थोपेडिक डॉक्टर दीपक अरोड़ा सलाह देते हैं कि अगर फर्श से उठते समय होने वाली अकड़न लगातार बनी रहती है या समय के साथ बढ़ रही है, तो इसे केवल बैठने की पोजीशन से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। घुटनों में दर्द, सूजन, बार-बार आवाज आना, सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी या चलने पर दर्द जैसे लक्षण भी मौजूद हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है। खासकर अगर घुटना पूरी तरह सीधा या मोड़ना मुश्किल हो जाए, अचानक तेज दर्द हो या चोट लगने के बाद यह समस्या शुरू हुई हो, तो चेकअप जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: घुटनों में पानी भरने के कारण चलने-फिरने में होती है दिक्कत? आयुर्वेदाचार्य से जानें इसका इलाज

निष्कर्ष

फर्श पर लंबे समय तक बैठने के बाद उठते समय कुछ देर के लिए घुटनों में अकड़न महसूस होना कई बार लंबे समय तक एक ही पोजीशन में रहने की वजह से हो सकता है लेकिन अगर अकड़न बार-बार हो, लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी हो, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों में ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से जांच कराकर सही कारण पता करना बेहतर है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द चिंता की बात है?

    अगर सीढ़ियां चढ़ते समय हमेशा जकड़न या दर्द महसूस होता है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय घुटनों की डॉक्टर से जांच कराना सही होता है।
  • क्या घुटने का दर्द मौसम बदलने पर बढ़ता है?

    कुछ लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान जोड़ों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा महसूस हो सकती हैं, लेकिन केवल मौसम को घुटने की समस्या का कारण नहीं माना जा सकता।

Read Next

रेडिएशन थेरेपी के बाद पेशाब या पॉटी कंट्रोल करने में हो रही है दिक्कत? डॉक्टर से जानें वजह

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Akanksha Tiwari

Senior Sub Editor

आकांक्षा तिवारी हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 6 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और फिलहाल जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। आकांक्षा को स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। वे पत्रकारिता और जनसंचार में पोस्ट ग्रैजुएट हैं। रिसर्च, SEO और फैक्ट-चेकिंग में उनकी खास पकड़ है और वे हमेशा प्रमाणिक और भरोसेमंद जानकारी देने की कोशिश करती हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 22, 2026 15:41 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Sep 22, 2026 15:41 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Deepak Kumar Arora

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content