Fri Sep 11, 2026 | 09:04 PM IST

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घुटनों में पानी भरने के कारण चलने-फिरने में होती है दिक्कत? आयुर्वेदाचार्य से जानें इसका इलाज

घुटनों में पानी भरने की समस्या के कारण रेडनेस, जलन और सूजन की समस्या बढ़ जाती है, जो अक्सर वात और पित्त दोष बढ़ने के कारण होता है। ऐसे में आप इसका आयुर्वेदिक इलाज करने के लिए इन जड़ी बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

वर्तमान समय घुटनों से जुड़ी समस्याएं बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी काफी ज्यादा बढ़ गई है। ऐसे में कई लोग घुटनों में पानी भरने की समस्या से भी परेशान रहते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें पीड़ित के घुटने के जोड़ के अंदर या आसपास ज्यादा लिक्विड जमा हो जाता है। यह समस्या अक्सर चोट, लिगामेंट फटने, इंफेक्शन या गठिया के कारण होती है, जिसके कारण आपको दर्द, सूजन, रेडनेस और अकड़न की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, शरीर में वात और पित्त दोष बढ़ने के कारण भी जोड़ों से जुड़ी समस्याएं होती हैं, जिसका आयुर्वेद में कुछ जड़ी बूटियों की मदद से इलाज संभव (knee pain home remedies) है। इसलिए, आइए आज के इस लेख में हम हरियाणा के सिरसा में स्थित रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से जानते हैं कि घुटनों में पानी भरने का आयुर्वेदिक इलाज क्या है?

घुटनों में पानी भरने का आयुर्वेदिक इलाज

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा का कहना है कि, घुटनों में पानी भरने के कारण दर्द, सूजन, रेडनेस आदि समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में अपने लक्षणों के अनुसार आप सही आयुर्वेदिक इलाज के लिए सही जड़ी बूटियों को चुन सकते हैं:

1. रेडनेस, जलन और गर्म तासीर होने पर

अगर घुटने में सूजन के साथ रेडनेस, जलन, छुने पर गर्माहट या पित्त से जुड़े लक्षण हों तो यह गर्म तासीर या पित्त बढ़ने का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ठंडे और सूजन कम करने वाली जड़ी बूटियों का इस्तेमाल करना फायदेमंद (how to reduce swelling in knee quickly) हो सकता है। ऐसे में आप चंदन, शलाकी गुग्गुल, अश्वगंधा, रसना और जटामांसी जैसी जड़ी बूटियों का लेप बनाकर अपने घुटनों पर इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपके घुटनों की सूजन को कम करने, जलन को शांत करने और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। 

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2. बिना रेडनेस और जलन वाली सूजन का इलाज

अगर घुटने में सिर्फ सूजन हो, लेकिन रेडनेस, जलन या गर्माहट न हो तो यह सामान्य सूजन या वात दोष के कारण होने वाली समस्या हो सकती है। ऐसी स्थिति में गर्म तासीर वाली और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने वाली औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। घुटनों में बिना रेडनेस और जलन वाली सूजन से राहत पाने के लिए आप कोटम, सोंठ, अदरक, वच, मोरिंगा, लहसुन, अल्पिनिया गैलंगा और देवदारु आदि जड़ी बूटियों का सेवन कर सकते हैं। इन जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से घुटनों की सूजन, दर्द और जकड़न से राहत दिलाने में मदद मिलती है। साथ ही पित्त से जुड़ी समस्याओं के लक्षणों को भी कम किया जा सकता है।

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घुटनों की समस्या से राहत के लिए दोष संतुलन क्यों जरूरी है?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार, शरीर में वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए बहुत जरूरी है। घुटनों में पानी भरने की स्थिति में पित्त बढ़ने पर घुटनों में रेडनेस और जलन की समस्या हो सकती है। वात दोष बढ़ने पर सूजन, दर्द और जकड़न की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए, तासीर और लक्षणों के अनुसार सही जड़ी बूटी को चुनना आपके लिए बहुत जरूरी है। गलत तासीर की दवा लेने पर आपको फायदा मिलने के स्थान पर नुकसान हो सकता है।

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इन बातों का रखें ध्यान-

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के मुताबिक, घुटनों में पानी भरने के कारण होने वाली समस्याओं से राहत पाने के लिए यह जड़ी बूटियां सिर्फ सामान्य समस्या में प्रभावी होता है। लेकिन, अगर आपके घुटनों की समस्या इन कारणों से है तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है, जिसमें:

  • लिगामेंट टियर
  • मेनिस्कस चोट
  • सिनोवियल बैग रप्चर
  • फ्रैक्चर या गंभीर चोट
  • ज्यादा दर्द और चलने में असुविधा होना

ध्यान रहे अगर आपको घुटनों में चोट लगने के बाद अचानक सूजन आई हो या बहुत तेज दर्द हो तो तुरंत ऑर्थोपेडिक डॉक्टर से कंसल्ट करें।

निष्कर्ष

घुटनों में पानी भरना एक आम समस्या है, लेकिन, सही समय पर और सही इलाज की मदद से इसके लक्षणों को कम किया जा सकता है। हालांकि, आपका इलाज लक्षणों और शरीर की तासीर के साथ-साथ रेडनेस, जलन और घुटनों में पानी भरने के कारणों पर निर्भर करता है। हालांकि, अगर आपके घुटनों में समस्या अन्य कई कारणों से होते हैं तो खुद से उपचार करने के स्थान पर डॉक्टर से कंसल्ट करें।
Image Credit: Freepik 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 16, 2026 09:10 IST

    Modified By : Priyanka Sharma
  • Feb 16, 2026 09:10 IST

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  • Feb 16, 2026 09:10 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Shrey Sharma

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