Fri Sep 11, 2026 | 08:19 PM IST

Medically Reviewed by Prof Dr Smriti Agrawal , Professor & Gynaecologist - Department of Obstetrics & Gynaecology

PCOS में त्‍वचा काली क्‍यों पड़ जाती है? डॉक्‍टर से जानें संबंध‍ित सवालों के जवाब

PCOS में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स त्वचा पर गहरे पैच के रूप में दिखता है, जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। सही डाइट, एक्सरसाइज और इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है और डायबिटीज या इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस के खतरे को कम किया जा सकता है।

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PCOS या पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम में कुछ म‍ह‍िलाओं को त्‍वचा में कालापन नजर आता है। त्‍वचा का रंग गहरा होना भी PCOS का एक लक्षण हो सकता है। जब गर्दन, जांघ या आर्मप‍िट्स काले हो जाते हैं, तो हमें लगता है क‍ि इसका कारण हाइजीन की कमी है, लेक‍िन इसके पीछे PCOS हो सकता है। यह समस्‍य PCOS में इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस और मेल हार्मोन बढ़ने के कारण हो सकती है। कालापन बॉडी फोल्‍ड्स में नजर आ सकता है।
सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के मुताब‍िक, त्‍वचा का रंग गहरा होने के पीछे अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स जैसे त्‍वचा समस्‍या हो सकती है।

World Health Organisation (WHO) के मुताब‍िक, दुन‍िया में 10 से 13 प्रत‍िशत मह‍िलाओं को PCOS होता है, लेक‍िन करीब 70 प्रत‍िशत मह‍िलाओं को इसका पता नहीं चलता। ऐसे में कई बार त्‍वचा के कालेपन के पीछे का कारण मह‍िलाओं को समझ नहीं आता और इलाज में देरी हो जाती है। PCOS में त्‍वचा के कालेपन के कारण और इसका इलाज जानने के ल‍िए हमने Dr. Smriti Agrawal, Professor & Gynaecologist At Department Of Obstetrics & Gynaecology, King George's Medical University, Lucknow से बात की।

PCOS में त्‍वचा काली क्‍यों पड़ जाती है?

Acanthosis-Nigricans-in-PCOS

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि PCOS के मरीजों में अक्‍सर एक त्‍वचा से संबंध‍ित समस्‍या देखने को म‍िलती है ज‍िसमें त्‍वचा का कुछ ह‍िस्‍सा काला हो जाता है, इसे मेड‍िकल भाषा में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स (Acanthosis Nigricans) कहा जाता है। इस स्‍क‍िन समस्‍या में केवल त्‍वचा का रंग गहरा नहीं होता, बल्‍क‍ि त्‍वचा की ऊपरी परत उभरी हुई और हल्‍की मोटी नजर आती है। अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के लक्षण ज्‍यादातर त्‍वचा के उस ह‍िस्‍से में नजर आते हैं, जहां त्‍वचा फोल्‍ड होती है जैसे गर्दन, आर्मप‍िट्स वगैरह। अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के पीछे ज्‍यादातर केस में इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस एक कारण माना जाता है।

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PCOS में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के कारण त्‍वचा काली पड़ जाती है

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स त्‍वचा पर नजर आने वाली काली, मोटी और उभरी हुई त्‍वचा को कहते हैं, जो इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस, डायब‍िटीज और PCOS जैसी बीमार‍ियों में एक खास संकेत माना जाता है। इसे मेटाबॉल‍िक समस्‍याओं का एक संकेत भी कहा जाता है ज‍िससे बीमारी का जल्‍दी पता लगाया जा सकता है। 2013 में Journal Of Clinical & Diagnostic Research में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी मुताबि‍क, PCOS के मरीजों में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स एक कॉमन समस्‍या पाई गई है ज‍िसके पीछे इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस और टाइप 2 डायब‍िटीज जैसे कारण देखे गए हैं। स्‍टडी के मुताब‍िक, PCOS के ज‍िन मरीजों में यह लक्षण था उनमें मोटापा और डायब‍िटीज का खतरा ज्‍यादा पाया गया।
2014 में ब्राजील के एक अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल Revista Brasileira de Ginecologia e Obstetrícia (RBGO) में प्रकाश‍ित एक स्‍टडी के मुताब‍िक, PCOS में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स की समस्‍या लगभग 50-55 प्रत‍िशत मरीजों में पाई जाती है और स्‍टडी में इसे मोटापा और इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस से जुड़ा हुआ पाया गया है। साथ ही यह समस्‍या मेटाबॉल‍िक स‍िंड्रोम और कार्ड‍ियोवैस्‍कुलर र‍िस्‍क का संकेत मानी जाती है।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स क्‍या होता है?

American Academy of Dermatology Association के मुताब‍िक, अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स त्‍वचा की एक समस्‍या है ज‍िसके कारण त्‍वचा का एक या एक से ज्‍यादा ह‍िस्‍से का रंग गहरा हो सकता है। यह कोई इंफेक्‍शन नहीं है। Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि कभी-कभी, यह किसी ऐसी स्वास्थ्य समस्या का चेतावनी संकेत हो सकता है जिसके लिए डॉक्टरी सलाह की जरूरत होती है। अगर त्वचा का कोई हिस्सा ज्‍यादा काला या मोटा दिखाई दे, तो डॉक्‍टर से सलाह जरूर लें।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स स्थायी समस्‍या है?

अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स हमेशा बनी रहे यह जरूरी नहीं है इसल‍िए यह समस्‍या स्थायी नहीं है। इसके पीछे का कारण जैसे इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस, ज्‍यादा वजन या हार्मोनल असंतुलन को कंट्रोल क‍र ल‍िया जाए, तो यह समस्‍या धीरे-धीरे कम हो सकती है।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के लक्षण

अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के कुछ ऐसे लक्षण और संकेत होते हैं जिन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। जैसे-

  • त्‍वचा में भूरा या काला रंग नजर आना
  • आस-पास की त्वचा से ज्‍यादा मोटी महसूस होती है
  • स्किन टैग्स (त्वचा के छोटे-छोटे उभार) होते हैं

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि शरीर के ज्‍यादातर हिस्सों पर त्वचा का रंग गहरा नजर आ सकता है जैसे कांख (Armpits), गर्दन का पिछला हिस्सा जांघों के बीच का हिस्सा, कोहनियां, घुटने, उंगलियों के जोड़, नाभि, चेहरा, जननांग का ह‍िस्‍सा वगैरह।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स केवल क्रीम लगाने से ठीक हो जाता है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स केवल क्रीम अप्‍लाई करने से पूरी तरह से ठीक नहीं हो सकता। इसके पीछे के कारण का पता लगाकर इलाज करना जरूरी है। जैसे यह समस्‍या इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस या हार्मोनल समस्‍या जैसे PCOS के कारण हो सकती है। इसे हेल्‍दी डाइट और दवाओं के साथ ठीक करने में मदद म‍िल सकती है।

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क्या हर PCOS मरीज को अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स होता है?

PCOS के हर मरीज को अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स हो यह जरूरी नहीं है। यह समस्‍या उन लोगों में ज्‍यादा देखने को म‍िलती है ज‍ि‍न्‍हें इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस होता है।

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इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस और अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स का क्‍या संबंध है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि ज‍ितना ज्‍यादा इंसुल‍िन हाई रहेगा, उतना ही यह स्‍क‍िन कंडीशन नजर आ सकती है। इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस को अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स का मुख्‍य कारण माना जाता है। 15 से 45 साल की उम्र की मह‍िलाओं में अक्‍सर इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस के कारण PCOS होता है और अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के लक्षण नजर आते हैं। Cambridge University Hospitals NHS Foundation Trust के मुताब‍िक, गंभीर इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस से जूझ रहे ज्‍यादातर लोगों को अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स हो सकता है। इसके साथ ही कुछ लोगों को स्‍क‍िन टैग भी नजर आ सकते हैं। यह आमतौर पर गर्दन, बगल और जांघों के ह‍िस्‍से में नजर आ सकते हैं।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स vs नॉर्मल हाइपरपिग्मेंटेशन में अंतर

  • अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में त्‍वचा हल्‍की मोटी और काली नजर आती है। वहीं नॉर्मल हाइपरपिग्मेंटेशन में त्‍वचा में कालापन नजर आता है, लेक‍िन त्‍वचा की बनावट में कोई बदलाव नहीं आता जैसे अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में आता है।
  • अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस के कारण डायब‍िटीज या PCOS में हो जाता है। वहीं हाइपरपिग्मेंटेशन धूप, हार्मोनल बदलाव के कारण हो सकती है।
  • अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के लक्षण आमतौर पर गर्दन, बगल, जांघों में नजर आते हैं वहीं हाइपरपिग्मेंटेशन के लक्षण शरीर में कहीं भी नजर आ सकते हैं।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स केवल मोटापे से जूझ रही मह‍िलाओं को होता है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अगर मह‍िला को PCOS और इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस की समस्‍या है, तो उसे अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स हो सकता है। जरूरी नहीं है क‍ि यह समस्‍या केवल मोटापे की स्‍थ‍ित‍ि में हो, पतली मह‍िलाओं को भी यह समस्‍या हो सकती है।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स होने पर कौन से टेस्‍ट क‍िए जाते हैं?

  • सबसे पहले इंसुल‍िन और शुगर लेवल की जांच की जाती है। इसमें फास्‍ट‍िंग शुगर लेवल, HbA1c टेस्‍ट, फास्‍ट‍िंग इंसुल‍िन टेस्‍ट शाम‍िल हैं।
  • इसके अलावा कुछ मरीजों में ल‍िप‍िड प्रोफाइल और ओरल ग्‍लूकोज टॉलरेंस टेस्‍ट भी क‍िए जाते हैं।
  • अगर PCOS का संदेह होता है, तो LH (Luteinizing Hormone Test), FSH (Follicle Stimulating Hormone Test) और टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) टेस्‍ट भी क‍िए जा सकते हैं।

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अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स का इलाज क्‍या है?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के इलाज में डॉक्‍टर मेटाबॉल‍िक समस्‍या को सुधारने पर फोकस करते हैं। ओवरवेट लोगों में वजन कम करके इंसुल‍िन सेंस‍िट‍िव‍िटी में सुधार हो सकता है। अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस को कम करने के ल‍िए दवाओं की मदद ली जाती है और अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के इलाज के ल‍िए हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल भी फॉलो करना फायदेमंद हो सकता है। जरूरी नहीं है क‍ि अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में मरीज को दवा ही दी जाए। डॉक्‍टर जांच के बाद तय करते हैं क‍ि मरीज को दवाओं की जरूरत है या नहीं। 2020 में BMJ Case Reports में प्रकाश‍ित एक केस रिपोर्ट के मुताब‍िक, अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में वेट लॉस करना, लाइफस्‍टाइल सुधारना, हार्मोनल थेरेपी जैसे ट्रीटमेंट फायदेमंद हो सकते हैं।

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क्या PCOS का इलाज करने से अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स ठीक हो सकता है?

हां, ज्‍यादातर मामलों में PCOS का सही इलाज करने से अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में सुधार देखा जाता है। एक्‍सरसाइज, वेट लॉस और दवाओं की मदद से इंसुल‍िन लेवल को कंट्रोल क‍िया जाता है ज‍िससे त्‍वचा का कालापन धीरे-धीरे कम हो सकता है। हालांक‍ि यह समस्‍या जल्‍दी ठीक नहीं होती, समय के साथ इसके लक्षणों को कंट्रोल क‍िया जा सकता है। अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स में स्‍क‍िन ट्रीटमेंट की भी जरूरत पड़ सकती है, लेक‍िन इसके पीछे के कारण को ठीक करना जरूरी है।

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PCOS में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स से कैसे बचें?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स से बचने के ल‍िए इसके र‍िस्‍क फैक्‍टर्स जैसे इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस, मोटापा, डायब‍िटीज और हार्मोनल समस्‍याओं को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके ल‍िए कुछ आसान ट‍िप्‍स आजमाएं-

  • लो-ग्‍लाइसेम‍िक डाइट लें और रेगुलर फ‍िजि‍कल एक्‍ट‍िव‍िटी करें।
  • पेट की चर्बी कम करें।
  • हाई शुगर और प्रोसेस्‍ड फूड्स का सेवन सीमि‍त करें और फाइबर र‍िच डाइट लें।
  • पीसीओएस, इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस, डायब‍िटीज और मेटाबॉल‍िक स‍िंड्रोम (मोटापा, हाइपरटेंशन, डायब‍िटीज, हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया) वाले मरीजों को न‍ियम‍ित जांच करानी चाह‍िए।

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डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

Dr. Smriti Agrawal ने बताया क‍ि-

  • PCOS में त्वचा में कोई बदलाव नजर आता है, तो आपको डॉक्‍टर से मिलना चाहिए।
  • त्‍वचा में अचानक से डार्कनेस, प‍िग्‍मेंटेशन जैसे लक्षण नजर आएं, तो डॉक्‍टर से संपर्क करें।
  • छोटे-मोटे बदलाव शायद आपको मामूली लगें, लेकिन कभी-कभी कोई छोटा सा बदलाव किसी बड़ी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।
  • अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स, प्रीडायबिटीज का एक संकेत हो सकता है, जिससे डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।
  • डॉक्‍टर दवाओं का सेवन करने की सलाह भी दे सकते हैं।
  • अगर टॉपिकल ट्रीटमेंट के बावजूद सुधार न हो या स्किन में बदलाव लगातार बढ़ रहे हों, तो समय पर डॉक्‍टर से संपर्क करें।

न‍िष्‍कर्ष:

Gynaecologist Dr. Smriti Agrawal से हुई बातचीत और स्‍टडीज के आधार पर पता चलता है क‍ि PCOS में अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के कारण त्‍वचा काली या गहरी नजर आ सकती है। यह इंसुल‍िन रेज‍िस्‍टेंस का लक्षण भी हो सकता है। यह कॉस्‍मेट‍िक समस्‍या नहीं बल्‍क‍ि मेटाबॉल‍िक असंतुलन का लक्षण भी हो सकता है। इसे डॉक्‍टर की सलाह के साथ दवाओं और हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल के साथ ठीक क‍िया जा सकता है।

FAQ

  • क्‍या अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स PCOS का शुरुआती संकेत हो सकता है?

    हां ये कई मामलों में शुरुआती संकेत हो सकता है। यह शरीर में इंसुल‍िन रेजि‍स्‍टेंस की ओर संकेत करता है जो पीसीओएस से संबंध‍ित है। 
  • अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स समय के साथ बढ़ता है?

    अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स के पीछे छुपे कारण जैसे इंसुलिन रेजिस्टेंस या मोटापे का समय पर इलाज न क‍िया जाए, तो यह समस्‍या समय के साथ बढ़ सकती है। शुरुआत में हल्का डार्क पैच होता है, लेकिन धीरे-धीरे त्वचा मोटी और ज्यादा काली दिखने लगती है। 
  • क्‍या अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स एक स्किन एलर्जी है?

    अकन्थोसिस नाइग्रिकन्स त्‍वचा की समस्‍या है लेक‍िन यह स्‍क‍िन एलर्जी नहीं है। एलर्जी में आमतौर पर खुजली, रेडनेस या रैशेज होते हैं जबक‍ि इसमें त्‍वचा काली और परत हल्‍की मोटी महसूस होती है। 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 12, 2026 16:48 IST

    Modified By : Yashaswi Mathur
  • Apr 12, 2026 16:48 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Prof Dr Smriti Agrawal

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