Vocal for Local: फूड डे 2021 पर जानें भारत के 10 देसी सब्जियों और फलों के बारे में, जो होते हैं सुपर-हेल्दी

भारत में ऐसे कई स्थानीय फल और सब्जियां हैं जिनके बारे में लोग नहीं जानते। आइए हम आपको बताते हैं ऐसे ही देसी सब्जियां और फलों के बारे में। 

 
Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Oct 14, 2021
Vocal for Local: फूड डे 2021 पर जानें भारत के 10 देसी सब्जियों और फलों के बारे में, जो होते हैं सुपर-हेल्दी

भारत एक ऐसा देश है जहां हर राज्य के कुछ अपने लोकल फल और सब्जियां हैं और उन्हें बनाने की अलग-अलग रेसिपीज भी। हाल ही जब देश कोरोनावायरल से लड़ रहा थो तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को अपने यहां के लोकर चीजों के लिए वोकल (vocal about local food) होने को कहा। यानी कि बड़े-बड़े मॉल और सुपरमार्केट में बिक रहे सब्जियों और फलों की जगह आपको अपने यहां के स्थानीय सब्जियों और फलों को खाना चाहिए। पर आज के समय में ज्यादातर लोगों को अपने आस-पास उगती लोकल सब्जियों और फलों के बारे में पता ही नहीं है।  वे नहीं जानते हैं उनके यहां कौन से फल और सब्जियां उगाए जाते हैं और उन्हें खाने के फायदे क्या हैं। तो, आज हम फूड डे (food day 2021) के अवसर पर आपको भारत के 10 देसी सब्जियों और फलों के बारे में बताएंगे, जो कि आसानी से मिल जाते हैं, सस्ते हैं और सेहत के लिए सुपर हेल्दी फूड्स हैं।

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1. फालसा

गर्मी के मौसम आपने अपने यहां फालसे का शर्बत पीने के बारे में खूब सुना होगा। पर क्या आपको पता है कि ये फल एशियाई देशों खास कर कि भारत में सबसे ज्यादा पाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह सबसे पहले वाराणसी में पाया गया था और बौद्ध विद्वानों ने इसे पूरे दुनिया में फैलाया। ये देखने में तो जामुन जैसा होता है पर खाने में इसका स्वाद खट्टी-मीठा होता है। इसलिए विटामिन सी होता है जो कि स्किन को सेहतमंद रखने के साथ शरीर के भी हर अंग के लिए फायदेमंद है। फालसा की तासीर ठंडी होती है इसलिए बढ़े हुए पित्त से परेशान लोग इस फल को खा सकते हैं। साथ ही ये फल जब बाजार में भारी मात्रा में होता है तो इससे चटनी और छाछ भी बनाया जाता है।

2. जगंली जलेबी या जंगल जलेबी

बचपन में आपने कभी जगंली जलेबी खाया है। ये देखने में बीन्स जैसा होता है पर जलेबी की तरह गोलाकार होता है। ये तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्यों में उगाया जाता है। इसके एक फली में लगभग 6-10 काले बीज होते हैं जो एक मोटे मीठे खाद्य गूदे में लिपटे होते हैं। आम तौर पर, गूदे को कच्चा खाया जाता है या नींबू पानी के साथ मिला कर इसका शरबत बनाया जाता है। इसके अलावा इसके तीखे बीजों का उपयोग करी में किया जाता है।  जंगली जलेबी में एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीडायबिटिक, कैंसर-रोधीगुण, एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो कि आपको कई बीमारियों से बचाते हैं। इसके अलावा ये पेट से जुड़ी कई समस्याओं के इलाज में भी मददगार है। 

3. स्टार फ्रूट या कमरख

कमरख से अपने यहां अचार और चटनी बनाई जाती है। यह फल पूरे भारत में उगाया जाता है, खासकर दक्षिणी भागों में। ये स्वाद में खट्टा होता है और पकने पर पीले रंग का हो जाता है।कमरख फल के फायदे की बात करें, तो सबसे ज्यादा लोग इसे बुखार या कमजोरी होने पर खाते हैं। साथ ही इस फल में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जिसे जूस बना कर पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है। साथ ही ये डायबिटीज में भी फायदेमंद है और दिल के रोगी इसे कोलेस्ट्राल कंट्रोल करने के लिए खा सकते हैं। 

4. लोकाट फल 

इसकी खेती पूर्व और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों, विशेषकर नीलगिरि पहाड़ियों में की जाती है। कच्चा होने पर यह काफी खट्टा होता है लेकिन पकने पर इसका स्वाद मीठा होता है। इसका स्वाद कड़वे अंगूर के समान होता है। पर इसकी खास बात ये है कि इसमें विटामिन-ए और विटामिन-सी से लेकर फाइबर, नियासिन, थायामिन, फोलेट और फोलिक एसिड जैसे खनिज तत्व हैं जो कि सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। इसके अलावा अपने यहां जिन लोगों का डायबिटीज असंतुलित होता है उन्हें लोकाट की चाय पीने को कहा जाता है। ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है और डायबिटीज कंट्रोल करता है। साथ ही सर्दी-जुकान होने पर ये कफ निकालने में भी हमारी मदद करता है। 

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5. ताड़गोला या आइस एप्पल 

ताड़गोला ताड़ के पेड़ में उगने वाला फल है। ये बाहर से थोड़ा नारियल जैसा दिखता है। पर काटने पर, प्रत्येक फल में तीन से चार जेली के बीज होते हैं जिनमें नरम पीली त्वचा होती है। ताड़गोला में लीची के समान बनावट वाले फल होते हैं और इसमें एक ताजा मीठा रस होता है जो सेहत के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। ये डाययूरेटिक है यानी कि पेशाब से जुड़ी समस्याओं में काफी फायदेमंद है। इसमें फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो इम्यूनिटी बढ़ाते है। साथ ही इसमें कुछ एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी होते हैं जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। 

6. बिच्छू बूटी का साग

बिच्छू बूटी का साग या नेटल लीफ ऐसे तो जंगली साग है पर सेहत के लिहाज से ये काफी फायदेमंद है। एक बार छूने पर, यह आपको खुजली और चकत्ते दे सकता है जो कुछ घंटों तक रहता है। पर जब आप इसे पका कर खाते हैं या साग व सब्जी में इस्तेमाल करते हैं तो ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। ये प्राकृतिक मूत्रवर्धक यानी कि पेशाब कम होने पर या पेशाब में जलन होने पर ये सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। इसमें फाइबर की एक अच्छी मात्रा होती है जो पेट साफ करने में हमारी मदद करता है। ये एलर्जी से राहत दिलाने के उपाय के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है और त्वचा व हड्डियों से जुड़ी परेशानियों में फायदेमंद शाबित होता है। 

7. हाक के पत्ते

हाक के पत्ते से अपने यहां पकोड़े और सब्जी बनाई जाती है। हाक को अलग-अलग टेक्सचर में खाया जाता है जैसे कुछ लोग इसे उबला हुआ खाते हैं या कुछ तल कर और मैश करके खाना पसंद करते हैं। साथ ही जगहों पर इसे सरसों के तेल, हींग और मिर्च के साथ फ्राई करके खाया जाता है। ये ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और काली खांसी जैसी सांस की बीमारियों से पीड़ित में बहुत फायदेमंद है। साथ ही ये आपके पाचन तंत्र को भी तेज करने और इसे बेहतर बनाने में मदद करता है। 

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8. कमल ककड़ी

कमल ककड़ी की सब्जी एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है। ये सजून को कम करने में मददगार है। ये पाचन क्रिया को सही रखती है और ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में मदद करती है। साथ ही इसनें आयरन की मात्रा भी अच्छी होती है जो शरीर में खून की कमी को दूर करती है। कमर ककड़ी से आप अचार और सब्जी बना सकते हैं। साथ ही कुछ लोग इसे उबाल कर चोखा बना कर भी खाते हैं। इसमें  विटामिन-सी, पोटेशियम,  फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, स्टार्च, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट भी होते हैं जो कि शरीर को कई फायदा पहुंचाते हैं। 

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9. जिमीकंद या सूरन

जिमीकंद या सूरन की सब्जी और चटनी अपने यहां काफी पसंद की जाती है। साथ ही जिन लोगों को सूजन या जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है उन्हें जिमीकंद या सूरन का चोखा खाने को कहा जाता है। इसमें एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते है जो कि गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों के लिए फायदेमंद है। सूरन ब्लड सर्कुलेशन ठीक करता और इसमें मिलने वाला कॉपर रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाकर शरीर को अंदर से स्वस्थ रखता है।

10. करौंदा

करौंदे का अचार अपने यहां काफी पंसद से खाया जाता है। करौंदे में फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स, टैनिन्स, कैरिसोन और ट्राइटरपीनोइड्स जैसे असंख्य एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीपीयरेटिक, कार्डियोटोनिक और एनाल्जेसिक गुणों से भरपूर हैं। करौंदा खाने से आप फंलग इंफेक्शन से बच सकते हैं। साथ ही ये आपकी इम्यूनिटी भी बूस्ट करता है। 

तो, अगर आप इन फलों और सब्जियों के बारे में जानते हैं तो, आप इन्हें खा सकते हैं। पर अगर आप इनके बारे में नहीं जानते हैं तो इसे पढ़ कर आप इनके बारे में जानिए और इन्हें खाएं और इनके स्वास्थ्य लाभों का फायदा उठाएं। 

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Main image: freepik

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