Doctor Verified

अपनी ही स्किन नोंचने की आदत हो सकती है स्किन पिकिंग डिसऑर्डर, जानें इसके कारण और इलाज

स्किन पिकिंग डिसऑर्डर या डर्माटिलोमेनिया की समस्या एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसमें आप अपनी स्किन बार-बार नोंचते रहते हैं, जानें इसके बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 12, 2022Updated at: Apr 12, 2022
अपनी ही स्किन नोंचने की आदत हो सकती है स्किन पिकिंग डिसऑर्डर, जानें इसके कारण और इलाज

आपने बहुत से लोगों को अपने नाखून नोंचते या चबाते हुए देखा होगा। लेकिन क्या कभी आपने ऐसे लोगों को भी देखा है जो अपनी स्किन बार-बार नोंचते रहते हैं? दरअसल अपनी स्किन नोंचने की समस्या को स्किन पिकिंग डिसऑर्डर (Skin Picking Disorder in Hindi) कहा जाता है। इस समस्या को एक्सोरिएशन डिसऑर्डर या डर्माटिलोमेनिया भी कहा जाता है। यह समस्या स्किन से जुड़ी समस्या नहीं है बल्कि यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या है जिसकी वजह से लोग अपनी स्किन नोंचते रहते हैं। इस समस्या में आप होंठों की स्किन, हाथ या नाखून आदि के आसपास की स्किन को नोंचते रहते हैं। स्किन पिकिंग डिसऑर्डर की समस्या ओसीडी की समस्या से जुड़ी होती है जिसके लक्षण दिखने पर आपको एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। जब यह समस्या एक आदत बन जाती है तो इसे रोकना काफी मुश्किल हो सकता है। आइये विस्तार से जानते हैं स्किन पिकिंग डिसऑर्डर के कारण और इलाज के बारे में।

स्किन पिकिंग डिसऑर्डर के कारण (Skin Picking Disorder Causes in Hindi)

जो लोग स्किन पिकिंग डिसऑर्डर की समस्या से ग्रसित होते हैं वे अक्सर इस काम के लिए अपने दिन के समय में से समय भी निकाल लेते हैं। अपनी स्किन बार-बार नोंचने से आपको दर्द और ब्लीडिंग की समस्या भी हो सकती है। स्किन पिकिंग डिसऑर्डर होने पर आपकी ये आदत कई बार चाहने से भी नही रुक पाती है। डा. निवेदिता दादू, त्वचा रोग विशेषज्ञ और दादू मेडिकल सेंटर की संस्थापक के मुताबिक डर्माटिलोमेनिया या स्किन पिकिंग डिसऑर्डर एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसकी वजह से आप अपनी स्किन को बार-बार नोंचने लगते हैं। इसकी वजह से आपको गंभीर रूप से ब्लीडिंग, घाव और दर्द हो सकता है। स्किन पिकिंग डिसऑर्डर होने पर आप न सिर्फ अपनी हेल्दी स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि इस समस्या में आप पिंपल्स या घाव वाली स्किन को भी नुकसान पहुंचाते हैं। सही समय पर डॉक्टर की सलाह न लेने पर यह समस्या काफी गंभीर हो सकती है। दरअसल यह एक मनोवैज्ञानिक समस्या है लेकिन इसके कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार से हैं।

1. स्किन पर इन्फेक्शन, रैशेज, घाव या इंजरी के कारण स्किन पिकिंग की आदत।

2. ट्रीकोटिलोमनिया (Trichotillomania) नामक कंपल्सिव कंडीशन के कारण।

3. ओसीडी यानी ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर के कारण।

4. ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर नामक न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशन के कारण।

5. ट्रीकोटिलोमनिया नामक मनोवैज्ञानिक कंडीशन की वजह से।

इसे भी पढ़ें : बच्चों में 5 प्रकार के त्वचा संबंधी समस्याएं, जिनके बारे में माता पिता को पता होना चाहिए

Skin-Picking-Disorder

स्किन पिकिंग डिसऑर्डर के लक्षण (Skin Picking Disorder Symptoms in Hindi)

स्किन पिकिंग डिसऑर्डर की समस्या लोगों में कई तरह की मनोवैज्ञानिक कंडीशन के कारण हो सकती है। बहुत ज्यादा स्ट्रेस या तनाव की वजह से भी आप इस समस्या का शिकार हो सकते हैं। आमतौर पर लोग स्किन पिकिंग डिसऑर्डर होने पर अपने शरीर की स्किन को नोंचने लगते हैं। स्किन पिकिंग डिसऑर्डर के कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • बार-बार मना करने के बाद भी स्किन को बार-बार छूना।
  • शरीर में कहीं पर हल्की सी स्किन छिलने पर या निकलने पर उसे बार-बार नोंचना।
  • काम करते समय स्किन पिकिंग करना।
  • स्किन की समस्याओं में बार-बार स्किन नोंचना।
  • नाखून और होंठों के आसपास लगातार स्किन नोंचना।

स्किन पिकिंग डिसऑर्डर की समस्या का इलाज (Skin Picking Disorder Treatment in Hindi)

आमतौर पर स्किन पिकिंग डिसऑर्डर की समस्या सबसे ज्यादा युवावस्था में देखने को मिलता है। हालांकि बड़े लोगों में भी यह समस्या हो सकती है। पुरुषों की तुलना में ये समस्या महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। इस समस्या के इलाज में कुछ दवाओं का सेवन और थेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। ट्रीटमेंट से आपकी स्किन पिकिंग की आदत छूट सकती है। कुछ लोगों में स्किन पिकिंग डिसऑर्डर के इलाज के लिए कॉग्नेटिव बिहेवियरल थेरिपी का इस्तेमाल भी किया जाता है। इस थेरेपी से बुरी आदतों को कंट्रोल करने में फायदा मिलता है। स्किन पिकिंग डिसऑर्डर एक मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसमें आपको व्यवहार से जुड़ी समस्या होती है। समय पर इस समस्या के बारे में जानकारी होने से आप आसानी से इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

इसे भी पढ़ें : अपने लुक और पर्सनैलिटी को लेकर तनाव में रहना है 'बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर', जानें इसके लक्षण और कारण

किशोरों में यह समस्या होने पर अपने आप भी ठीक हो सकती है। स्किन पिकिंग के बाद होने वाली समस्या जैसे दर्द, ब्लीडिंग की समस्या आदि होने पर आप अपने से ही इस आदत को छोड़ सकते हैं। लेकिन कई लोगों में लंबे समय तक ये आदत बनी रहने की वजह से गंभीर समस्या हो सकती है। इसलिए हमेशा समय पर इसके लक्षणों को पहचानकर आपको एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

(All Image Source - Freepik.com)

Disclaimer