अपने लुक और पर्सनैलिटी को लेकर तनाव में रहना है 'बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर', जानें इसके लक्षण और कारण

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के कारण लोग अपने आप से नफरत करने लगते हैं और वे अपने लुक और उपस्थिति को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं। 

Dipti Kumari
Written by: Dipti KumariPublished at: Apr 11, 2022Updated at: Apr 11, 2022
अपने लुक और पर्सनैलिटी को लेकर तनाव में रहना है 'बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर', जानें इसके लक्षण और कारण

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर एक मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपने आपके की कमियों के बारे में सोचता है और उसके लिए शर्मिंदा, तनावग्रस्त और चिंतित महसूस कर सकता है। इन सब कारणों से वह लोगों से मिलने या समाजिक समारोह में भाग लेने से भी बचने की कोशिश करता है। हालांकि ये कमियां सिर्फ उस शख्स को ही स्वयं में नजर आती है। बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर में आप अपनी शारीरिक बनावट ,स्थिति और छवि पर बार-बार ध्यान देते हैं। बार-बार मिरर देखते हैं और सुंदर लगने के लिए कई घंटे बर्बाद करते हैं। इसके बाद आपको अपने आप में कमी महसूस होती है और अंदर से आप अपने लुक को लेकर दुखी और असहज महसूस करते हैं। दरअसल इन कारणों से आपका स्वास्थ्य और पूरी दिनचर्या खराब हो सकती है। इसकी वजह से आप डिप्रेशन में जा सकते हैं क्योंकि सबकुछ ट्राय करने के बाद भी आप अपने आप से, अपने लुक और पर्सानिलिटी से संतुष्टि का अनुभव नहीं करते हैं। इसके बारे में हमने विस्तार से बात की फरीदाबाद के फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल की मनोवैज्ञानिक काउंसलर जागृति जी से। 

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के कारण

बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के कारणों के बारे में कुछ ठीक-ठीक कहा नहीं जा सकता है कि यह क्यों होता है लेकिन यह अन्य मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम के कारण हो सकता है। इसके अलावा अगर रोगी के परिवार में पहले किसी को ये समस्या हुई हो, तो आगे आने वाली पीढ़ियों में ये परेशानी हो सकती है। इसके अलावा कुछ मस्तिष्क रोगों की वजह से भी बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी ज्यादातर किशोरावस्था में देखने को मिलती है और ये महिलाओं और पुरुषों दोनों में हो सकती है। कुछ परिस्थितियां इसे ट्रिगर कर सकती है, जैसे बचपन में उपेक्षा या दुर्व्यवहार, आसपास के लोगों की वजह से सुंदर दिखने का दबाव महसूस करना या अपेक्षाएं होना। यह मानसिक तनाव या डिप्रेशन के कारण भी हो सकता है।  

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बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के लक्षण

1. अपने आपको सजाने-संवारने में अत्यधिक समय लेना, फिर भी खुद में कमियां निकालना, जो कमियां शायद दूसरों को नजर नहीं आती है। 

2. यह पक्का विश्वास होना कि मेरी खूबसूरती में कोई कमी है और खुद को बदसूरत समझना। 

3. इस बीमारी में लोग यह सोचते हैं कि वे अगर किसी भी जगह जाएंगे, तो हो सकता है कि लोग उनका मजाक उड़ाएं या उन्हें देखकर नकारात्मक प्रतिक्रिया दें। 

4. अपनी सुंदरता में दोष मानते हुए बार-बार चेहरे को मिरर में देखना, त्वचा को छूना और बालों को संवारना

5. अपनी स्टाइलिंग, मेकअप या कपड़ों के साथ कथित खामियों को छिपाने का प्रयास करना

6. दूसरों के साथ अपनी उपस्थिति या खूबसूरती की हमेशा तुलना करना

7. दूसरों से अपनी सुंदरता या कपड़ों के बारे में बार-बार पूछना। 

8. थोड़ा सुंदर दिखने पर अन्य प्रकार के कॉस्मेटिक लगाना और थेरेपी लेना। 

9. ऐसे लोग सामाजिक स्थितियों से बचने का प्रयास करते हैं ताकि उनका कोई मजाक न उड़ाए।

10. कई बार लोग वजन कम करने को लेकर खाना बंद कर देते हैं या खुद को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। 

कभी-कभी ये लक्षण रोगी व्यक्ति पर इतने हावी हो जाते हैं कि वह पूरा दिन खुद को संवारने में लगे होते हैं। इसके अलावा वह खुद पर नियंत्रण नहीं रख पाते हैं और अपने सामाजिक जीवन, स्कूल, ऑफिस में अपने लिए अनेक समस्याएं खड़ी कर लेते हैं। वे अक्सर अपनी नाक, रंग, झुर्रियों, पतला होना, मुहांसे आदि को लेकर परेशान रहते हैं। शरीर का आकार, गंजापन और स्वर को लेकर भी हमेशा खुद से ही शिकायत करते हैं। 

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बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के लिए उपचार

1. ऊपर दिए गए किसी भी प्रकार की समस्या होने पर आप तुंरत डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान दें ताकि मेंटल हेल्थ पर और अधिक असर न पड़े। 

2. इसके लिए आप कई प्रकार की थेरेपी और मनोचिकित्सक से भी मदद ले सकते हैं। वे कई प्रकार के सेशन की मदद से आपका ध्यान अच्छी चीजें जैसे आत्मसम्मान, सकारात्मकता और खुश रहने की ओर लगाने की कोशिश करते हैं। 

3. इसके लिए डॉक्टर आपको कई तरह के दवाएं भी दे सकते हैं, जिससे आपके जुनूनी विचार और व्यवहार कम हो सके। इससे आप धीरे-धीरे शांति और खुशी का अनुभव कर सकते हैं। इसके लिए परिवार के लोगों को प्यार और प्रोत्साहन की जरूरत होती है। इससे मरीज के जल्दी ठीक होने की संभावना रहती है।

4. इसे उबरने के लिए आप हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज का सहारा भी ले सकते हैं।  

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