वर्क या ऑनलाइन क्लास के दौरान दिनभर लगाए रखते हैं ईयरफाेन? जानें इससे हाेने वाले इंफेक्शन और बचाव के टिप्स

ईयर फाेन के अधिक इस्तेमाल से कानाें में संक्रमण हाे सकता है। इससे कान की त्वचा में घर्षण और सूखापन पैदा हाेता है, जिससे खुजली हाेने लगती है। 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Aug 04, 2021 16:27 IST
वर्क या ऑनलाइन क्लास के दौरान दिनभर लगाए रखते हैं ईयरफाेन? जानें इससे हाेने वाले इंफेक्शन और बचाव के टिप्स

काेराेना वायरस से पूरे दुनिया काे बदल दिया है। यह 2020 में इतनी बुरी तरह से फैलने लगा कि प्रत्येक देश की सरकार  लॉकडाउन जैसा कदम उठाने पर मजबूर हाे गईं। इस दौरान बड़ी सख्ती से लॉकडाउन का पालन भी करवाया गया। लॉकडाउन के दौरान कई ऐसी कंपनियां हैं, जिन्हाेंने अपने काम काे प्रभावित नहीं हाेने दिया और कर्मचारियाें काे वर्क फ्रॉम हाेम की सुविधा प्रदान की। इतना ही नहीं स्कूल, कॉलेज के बच्चाें की भी ऑनलाइन क्लाेसेज चल रही है।

ऑनलाइन स्कूल, कॉलेज और ऑफिस का काम करने के दौरान लाेग अकसर ईयर फाेन लगा लेते हैं। हर आयु वर्ग के लाेग इसमें शामिल हैं। पहले किशाेर और युवा ही मनाेरंजन के लिए ईयर फाेन का उपयाेग करते थे, लेकिन अब बच्चे और बुजुर्ग भी कानाें पर ईयर फाेन लगाकर अपना मनाेरंजन करते हैं। जबकि लंबे समय तक कानाें में ईयर प्लग लगाने से कान में कई तरह की समस्याएं हाे सकती है। 

मसीना हॉस्पिटल के ईएनटी सर्जन डॉक्टर जाफरहुसेन सूरा (Dr. Jafferhusein Sura, Consultant ENT Surgeon, Masina Hospital) बताते हैं कि वर्क फ्रॉम हाेम और ऑनलाइन क्लासेज की वजह से लाेगाें में ईयर फाेन का उपयाेग बढ़ा है। जिसके चलते कान में संक्रमण, कान में खुजली और बहरापन के राेगियाें की संख्या में काफी वृद्धि हुई है।

ear infection

ईयर फाेन के उपयाेग से हाेने वाली समस्याएं (complications can arise due to Excess Earphone Use)

  • ईयर फाेन के प्लग कान के कैनल में पूरी तरह से फिट हाेते हैं, जिससे कान की त्वचा में घर्षण और सूखापन पैदा हाेता है। 
  • इसके अधिक इस्तेमाल से कान में खुजली हाेना शुरू हाे सकती है। खुजली करने से त्वचा काे नुकसान पहुंच सकता है।
  • त्वचा पर खुजली करने से बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। 
  • ईयरफाेन का साफ करके यूज न करने से कान का संक्रमण हाे सकता है।
  • ईयर प्लग या ईयर फाेन के अधिक यूज से सुनने की क्षमता कम हाे सकती है।

डॉक्टर जाफरहुसेन सूरा बताते हैं कि 90 डीबी से ऊपर की आवाजें कान काे नुकसान पहुंचा सकता है। व्यक्तिगत उपकरणों की ध्वनि का औसत स्तर 80-90dB है। 100dB से ऊपर के तेज संगीत के लिए उपयोग को 15 मिनट से कम तक सीमित करना चाहिए। 

इस संक्रमण से बचने के लिए टिप्स 

डॉक्टर जाफरहुसेन सूरा बताते हैं ईयर फाेन के इस्तेमाल से हाेने वाली समस्याओं काे आसानी से राेका जा सकता है। इन राेकना काेई बहुत बड़ी बात नहीं हाेती है।

  • अगर ईयरफाेन का यूज करना जरूरी है, ताे इसके लिए आप ईयरप्लग के बजाय हेड ईयर फाेन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे कानाें में सूखापन और खुजली की समस्या नहीं हाेगी।
  • हेड ईयरफाेन के इस्तेमाल से कान का संक्रमण हाेने का जाेखिम भी काफी हद तक कम हाे जाता है।
  • अगर आप ईयर प्लग का यूज कर ही रहे हैं, ताे यूज करने से पहले उसके रबर की युक्तियाें काे एल्काेहलिक सेनेटाइज से साफ करें। 
  • कान में खुजली हाेने पर कान की नाल पर नारियल का तेल लगाएं।
  • ईयर फाेन पर 60 प्रतिशत की वॉल्यूम तक गाने सुन सकते हैं। समय-समय पर ब्रेक लेते रहें।
  • आवाज में अचानक से वृद्धि न करें।

अगर आप ईयर फाेन का अधिक इस्तेमाल करते हैं और आपके कानाें में खुजली या दर्द हाे रहा है, ताे आपकाे ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

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