Vulvovaginitis and Cervicitis: महिलाओं में वुल्वोवैजिनाइटिस और सर्विसाइटिस काफी आम है और अक्सर महिलाएं इनकी शिकायत करती हैं। दरअसल, वजाइना में दोनों तरह से बैक्टीरिया होते हैं, हेल्दी बैक्टीरिया और फिर अनहेल्दी बैक्टीरिया। वजाइनल एरिया में किसी भी प्रकार की समस्या तब होती है जब हेल्दी बैक्टीरिया से ज्यादा अनहेल्दी बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। ऐसे में शरीर में अलग-अलग प्रकार के लक्षण महसूस होते हैं जैसे कि वजाइनल एरिया में खुजली, सूजन, जलन, बार-बार पेशाब आना और अजीब सी गंध आना। कुछ ऐसे ही लक्षण वुल्वोवैजिनाइटिस (Vulvovaginitis) और सर्विसाइटिस (Cervicitis) में देखे जाते हैं जो कि वजाइनल एरिया में सूजन से जुड़ी हुई है। लेकिन, सवाल यह है कि यह समस्याएं क्या हैं, क्या हैं इनके लक्षण और ये दोनों अलग कैसे हैं। जानते हैं इन तमाम चीजों के बारे में विस्तार से Dr. Gandhali Deorukhkar, Consultant-Obstetrics and Gynaecology, Wockhardt Hospitals Mumbai Central
वुल्वोवैजिनाइटिस क्या है-What is Vulvovaginitis?
Dr. Gandhali Deorukhkar बताते हैं कि वुल्वोवैजिनाइटिस, एक प्रकार की योनि की सूजन है, जो अक्सर बैक्टीरियल वेजिनोसिस (bacterial vaginosis) यानी यीस्ट इंफेक्शन (candidiasis) या ट्राइकोमोनिएसिस (trichomoniasis) जैसे संक्रमणों के कारण होती है। वुल्वोवैजिनाइटिस कई कारणों (Vulvovaginitis causes in hindi) से हो सकती है जैसे कि सबसे ज्यादा ये कुछ ट्रिगर्स की वजह से हो सकते हैं जिनमें शामिल हैं साबुन, डिटर्जेंट या हार्मोनल असंतुलन । वुल्वोवैजिनाइटिस की लक्षणों (Vulvovaginitis symptoms in hindi) में आमतौर पर
-खुजली
-रेडनेस
-सूजन
-असामान्य वजाइनल ब्लीडिंग
-जलन
-पेशाब या संभोग के दौरान असुविधा शामिल है।
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सर्विसाइटिस क्या है-What is Cervicitis?
सर्विसाइटिस, सर्विक्स (cervix) की सूजन है जो कि कई कारणों से हो सकती है। कई बार ये गंभीर रूप ले लेती है और एक गंभीर वजाइनल इंफेक्शन की वजह बन सकती है। सर्विसाइटिस गर्भाशय ग्रीवा की सूजन है, जो आमतौर पर क्लैमाइडिया (chlamydia), गोनोरिया (gonorrhea), हर्पीज (herpes) या एचपीवी (HPV) जैसे यौन संचारित संक्रमणों (एसटीआई) के कारण होती है। गर्भनिरोधकों से एलर्जी या किसी केमिकल्स से जलन जैसे गैर-संक्रामक कारणों की वजह से भी आपको सर्विसाइटिस की समस्या हो सकती है। सर्विसाइटिस के लक्षणों (Cervicitis symptoms in hindi) में
- - पैल्विक दर्द
- -असामान्य योनि स्राव जो अक्सर मवाद जैसा महसूस होता है
- -दर्दनाक संभोग
- -पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग
- -पेशाब के दौरान दर्द शामिल हो सकते हैं।
- हालांकि, सर्विसाइटिस के कुछ मामलों में लक्षण महसूस नहीं होते और केवल नियमित स्त्री रोग संबंधी टेस्ट के दौरान ही पता चल सकता है।
वुल्वोवैजिनाइटिस और सर्विसाइटिस में अंतर क्या है-Difference between vulvovaginitis and cervicitis
वुल्वोवैजिनाइटिस और सर्विसाइटिस के बीच का मुख्य अंतर है इन दोनों की होने वाली जगह। दोनों स्थितियों के बीच मुख्य अंतर उनके स्थान और कारण में निहित है।
-वुल्वोवैजिनाइटिस (Vulvovaginitis) बाहरी और आंतरिक योनि क्षेत्र को प्रभावित करता है और संक्रमण या जलन के कारण हो सकता है
-जबकि सर्विसाइटिस (Cervicitis) विशेष रूप से गर्भाशय ग्रीवा (cervix) को प्रभावित करता है और आमतौर पर एसटीआई (STIs) से जुड़ा होता है।
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वुल्वोवैजिनाइटिस और सर्विसाइटिस से बचाव के उपाय-How to prevent vulvovaginitis and cervicitis
इन प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें
- -शुक्राणुनाशक (Spermicides) और वजाइनल स्पंज (vaginal sponges) के इस्तेमाल से बचें, जो ओवर-द-काउंटर बर्थ कंट्रोल मेथेड हैं।
- -किसी भी प्रकार के फेमिनिन स्प्रे से बचें।
- -बबल बाथ और साबुन के इस्तेमाल से बचें।
- -बॉडी लोशन के इस्तेमाल से बचें।
इसके अलावा अपने वजाइनल एरिया को एक्सट्रा क्लीन करने की कोशिश न करें। इससे इस एरिया का पीएच डिसबैलेंस हो जाता है और फिर यह समस्या बार-बार परेशान कर सकती है। ढीले-ढाले कपड़े पहनें और लंबे समय तक टाइट जीन्स और जेगिंग पहने से बचें। इसमें पसीना ठहरने की वजह से इंफेक्शन का खतरा ज्यादा होता है। सिंथेटिक कपड़ों के बजाय कॉटन अंडरवियर पहनें या ऐसे अंडरवियर पहनें जिनमें क्रॉच में कॉटन अस्तर हो। इसके अलावा रात में सोते समय अंडरवियर न पहनें। नहाते या शॉवर लेते समय अपने जननांग क्षेत्र को सिर्फ पानी से साफ करें। शौचालय का उपयोग करने से पहले और बाद में अच्छी तरह से क्लीन करें।
साथ ही खासतौर पर महिलाओं और लड़कियों को अपने हार्मोनल हेल्थ का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके अलावा आपको बार-बार यह समस्या हो रही है तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिए। लक्षण महसूस होते ही डॉक्टर के पास जाएं और टेस्ट करवाएं। इसे नजरअंदाज करने से लक्षण और बढ़ सकते हैं और दिक्कत ज्यादा हो सकती है।