कोरोना के नए XE, XD और XF स्ट्रेन कैसे हैं एक दूसरे से अलग? जानें कौन सा कॉम्बिनेशन है ज्यादा खतरनाक

दुनियाभर में एक बार फिर से कोरोना के नए वैरिएंट का संक्रमण फैलने लगा है, जानें कोरोना वायरस के नए XE, XD और XF स्ट्रेन में अंतर और इनके लक्षण।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 08, 2022Updated at: Apr 08, 2022
कोरोना के  नए XE, XD और XF स्ट्रेन कैसे हैं एक दूसरे से अलग? जानें कौन सा कॉम्बिनेशन है ज्यादा खतरनाक

कोरोना वायरस संक्रमण का कहर एक बार फिर से दुनिया में फैलने लगा है। दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। इन सबके बीच कोरोना का एक नया वैरिएंट XE तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी हाल ही में कोरोना के बढ़ते मामले और नए XE वैरिएंट को लेकर लोगों को आगाह किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के नए XE वैरिएंट को ओमिक्रोन वैरिएंट BA.2 की तुलना में 10 गुना अधिक संक्रामक माना है। कोरोना के नए XE वैरिएंट के अलावा XD और XF वैरिएंट भी सामने आये हैं। दरअसल ये नए वैरिएंट कोरोना के हाइब्रिड वैरिएंट हैं जो डेल्टा और ओमिक्रोन वैरिएंट का कॉम्बिनेशन है। आइये विस्तार से जानते हैं कोरोना के XE, XD और XF वैरिएंट में क्या अंतर है और इनमें से सबसे ज्यादा संक्रामक है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने हाल ही में ट्विटर पर एक ट्वीट में कहा था कि कोरोना वायरस का संक्रमण इंसानों के अलावा कुछ जानवरों में भी पाया गया है और इसकी वजह से समय-समय इसके नए उत्परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। कोरोना संक्रमण की कड़ी निगरानी, परीक्षण और डेटा को इकठ्ठा करना अभी भी बहुत जरूरी है क्योंकि इसी के आधार पर हम आने वाले समय में महामारी के लक्षणों को देखते हुए कदम उठा सकते हैं। चूंकि कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वैरिएंट का संक्रमण भारत में तीसरी लहर के दौरान देखने को मिला था और इस दौरान ओमिक्रोन के तीन सब वैरिएंट BA.1, BA.2 और BA.3 भी देखने को मिले थे। अब दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं और इनके सबके बीच कोरोना का रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट XE, XF और XD भी सामने आये हैं। 

इसे भी पढ़ें : भारत में कोरोना के XE वैरिएंट की नहीं हुई पुष्टि, WHO ने बताया था 10 गुना ज्यादा संक्रामक

Coronavirus-XE-XD-XF-Variant

क्या है कोरोना का XE वैरिएंट? (Coronavirus XE Variant in Hindi)

कोरोना के नए रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट दरअसल पहले से मौजूद दो वायरस का एक कॉम्बिनेशन हैं। वायरस के डीएनए के मिलने से ये नए वैरिएंट बने हैं। SARs-CoV-2 वायरस के दो वैरिएंट के आनुवंशिक मैटेरियल आपस में मिलकर ये नया वैरिएंट बनाते हैं। XE वैरिएंट BA.1 और BA.2 ओमिक्रोन के सबलाइनेज का एक हाइब्रिड वैरिएंट है जो पहली बार यूके में 19 जनवरी को सामने आया था। यूके की स्वास्थ्य एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस वैरिएंट में ओमिक्रोन वैरिएंट के सब वैरिएंट BA.2 का स्पाइक प्रोटीन और संरचनात्मक प्रोटीन और BA.1 वैरिएंट के जीनोम का हिस्सा होता है। XE वैरिएंट को लेकर डब्ल्यूएचओ ने भी कहा है कि यह वैरिएंट कोरोना के दूसरे वैरिएंट की तुलना में 10 गुना अधिक तेजी से फैल सकता है। हालांकि अभी इस वैरिएंट को लेकर कोई भी सटीक भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है, इस वैरिएंट को लेकर अभी भी रिसर्च और अध्ययन जारी है।

कोरोना वायरस का XD रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट (Coronavirus XD Variant in Hindi)

XE वैरिएंट की तरह से ही XD वैरिएंट भी कोरोना के दो वैरिएंट से मिलकर बना एक नया वैरिएंट है। XD वैरिएंट में कोरोना के BA.1 सब वैरिएंट और डेल्टा वैरिएंट के आनुवंशिक मैटेरियल शामिल हैं। XD वैरिएंट के अभी तक 10 सीक्वेंस देखने को मिले हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक अब तक तीन हाइब्रिड वैरिएंट सामने आये हैं जिनमें से एक XD वैरिएंट भी है। 

Coronavirus-XE-XD-XF-Variant

इसे भी पढ़ें : दुनिया के कई देशों में फैलना शुरू हो चुका है कोरोना का नया BA.2 वैरिएंट, जानें इसके बारे में सभी बातें

कोरोना वायरस का XF रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट (Coronavirus XF Variant in Hindi)

कोरोना के XF सब वैरिएंट में भी डेल्टा वैरिएंट और ओमिक्रोन के BA.1 वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन और संरचनात्मक प्रोटीन का हिस्सा है। यूके में इस वैरिएंट के ज्यादा मामले सामने आये हैं। हालांकि अभी तक इन सभी रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट को लेकर कोई सटीक अध्ययन या जानकारी सामने नहीं आई है। इन तीनों वैरिएंट में से XE वैरिएंट को अधिक संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है।

कोरोना वायरस के हाइब्रिड XE वैरिएंट के लक्षण (Coronavirus XE Variant Symptoms in Hindi)

अभी तक मिले कोरोना के तीनों हाइब्रिड रिकॉम्बिनेशन वैरिएंट के गंभीरता और संक्रामकता को लेकर कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना का XE वैरिएंट दूसरे वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है। इन वैरिएंट के संक्रमण में दिखने वाले लक्षण भी पुराने वैरिएंट की तरह से ही हैं। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक जीरो कोविड पॉलिसी होने के बाद भी यह वैरिएंट लोगों को संक्रमित कर सकता है।  कोरोना के सबसे आम लक्षणों में से बुखार, खांसी, नाक बहना और छींक आना भी इन वैरिएंट के लक्षणों में शामिल हैं। XE वैरिएंट से संक्रमित होने पर दिखने वाले कुछ प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • गंभीर सिरदर्द।
  • नाक बहना।
  • बुखार और खांसी।
  • सांस लेने में तकलीफ।
  • शरीर में दर्द।
  • अत्यधिक थकान।
  • गले में खराश की समस्या।
  • उल्टी और दस्त।
  • स्वाद या गंध का महसूस न होना।

कोरोना के XE वैरिएंट से कैसे करें बचाव? (Coronavirus XE Variant Prevention Tips)

कोरोना के XE वैरिएंट से बचाव के लिए आपको कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूर करना चाहिए। शरीर की इम्यूनिटी मजबूत होने पर इस वैरिएंट के संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। सामाजिक दूरी के नियमों का पालन, मास्क का उपयोग और वैक्सीन लगवाने से इस वैरिएंट से संक्रमित होने का खतरा कम होता है। अगर आपको कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देते हैं या सर्दी-बुखार काफी समय से बना हुआ है तो डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।

(All Image Source - Freepik.com)

Disclaimer