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दुनिया के कई देशों में फैलना शुरू हो चुका है कोरोना का नया BA.2 वैरिएंट, जानें इसके बारे में सभी बातें

दुनिया के कई देशों में फैल चुका कोरोना का BA.2 वैरिएंट अधिक खतरनाक माना जा रहा है, जानें BA.2 वैरिएंट के लक्षण और इससे जुड़ी जरूरी बातें।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Mar 30, 2022Updated at: Mar 30, 2022
दुनिया के कई देशों में फैलना शुरू हो चुका है कोरोना का नया BA.2 वैरिएंट, जानें इसके बारे में सभी बातें

दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस का संक्रमण एक बार फिर से बढ़ रहा है। चीन समेत यूरोप के कई देशों में कोरोना के नए BA.2 वैरिएंट (Covid BA.2 Variant in Hindi) के मामले सामने आ रहे हैं। चीन में कोरोना के संकट को देखते हुए वहां के सबसे बड़े शहर शंघाई में लॉकडाउन लगा दिया गया है। दुनिया के कई देशों दोबारा तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के पीछे नए वैरिएंट BA.2 को ही जिम्मेदार माना जा रहा है। कई शोध और अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि कोरोना का यह नया वैरिएंट ओमिक्रों से ज्यादा तेजी से फैल रहा है। ब्रिटेन में स्वास्थ्य विभाग ने माना है कि वहां पर दोबारा से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के पीछे BA.2 वैरिएंट जिम्मेदार है। दरअसल ओमिक्रोन वैरिएंट के तीन सब वैरिएंट BA.1, BA.2, BA.3 अभी तक मिले हैं, इन सबमें सबसे ज्यादा खतरनाक BA.2 वैरिएंट को माना जा रहा है। आइये विस्तार से जानते हैं कोरोना के BA.2 वैरिएंट के लक्षण और इससे जुड़ी जरूरी जानकारियों के बारे में।

कोरोना के BA.2 वैरिएंट के लक्षण (Coronavirus BA.2 Variant Symptoms in Hindi)

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के लिए जिम्मेदार ओमिक्रोन वैरिएंट का सब वैरिएंट है BA.2 जो दुनिया के कई देशों में तेजी से फैलना शुरू हो चुका है। इस नये वैरिएंट को अधिक संक्रामक और खतरनाक माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से संक्रमित हुआ है तो यह जरूरी नहीं हैं कि उसमें BA.2 वैरिएंट के लिए भी इम्यूनिटी विकसित हो जाए। पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. श्रीनाथ रेड्डी के मुताबिक जीरो कोविड पॉलिसी होने के बाद भी यह वैरिएंट लोगों को संक्रमित कर सकता है।  कोरोना के BA.2 वैरिएंट से संक्रमित होने पर मरीज में दिखने वाले लक्षण कोरोना के पुराने वैरिएंट के समान ही हैं। अगर कोई व्यक्ति नए BA.2 वैरिएंट से संक्रमित होता है तो उसमें ये लक्षण प्रमुख रूप से दिखाई दे सकते हैं।

  • गंभीर सिरदर्द।
  • नाक बहना।
  • बुखार और खांसी।
  • सांस लेने में तकलीफ।
  • शरीर में दर्द।
  • अत्यधिक थकान।
  • गले में खराश की समस्या।
  • उल्टी और दस्त।
  • स्वाद या गंध का महसूस न होना।
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जीनोम सीक्वेंसिंग से हो रही BA.2 वैरिएंट की पुष्टि (Genome Sequencing To Detect Covid BA.2 Variant)

दुनिया के कई देशों में कोरोना का नया BA.2 वैरिएंट तेजी से बढ़ रहा है। चीन, ब्रिटेन, फ्रांस समेत कई देशों में सामने आ रहे कोरोना के नए मामलों में ज्यादातर मामले BA.2 वैरिएंट के ही हैं। कोरोना के BA.2 वैरिएंट की पुष्टि जीनोम सीक्वेंसिंग से की जा रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनियाभर में मौजूद कोरोना वायरस के मामलों में से लगभग 86 प्रतिशत मामले इसी सब वैरिएंट की वजह से हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह वैरिएंट कितनी तेजी से फैल रहा है। हालांकि BA.2 वैरिएंट की चपेट में आने वाले लोगों में अभी तक किसी भी तरह के गंभीर लक्षण नहीं देखे गए हैं। ओमिक्रोन संक्रमण की तरह से ही इस वैरिएंट से संक्रमित होने पर आपको सर्दी, खांसी-जुकाम और बुखार समेत सामान्य समस्याएं होती हैं।

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BA.2 वैरिएंट पर कोरोना वैक्सीन का प्रभाव (Covid Vaccine Efficacy on BA.2)

वैज्ञानिकों का मानना है कोरोना के सभी वैरिएंट के खिलाफ वैक्सीन का असर जरूर हो रहा है। ओमिक्रोन वैरिएंट की तरह से ही उसके सब वैरिएंट BA.2 पर भी कोरोना की वैक्सीन का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि ओमिक्रोन से संक्रमित होने के बाद यह जरूरी नहीं है की मरीज के शरीर में विकसित हुई इम्यूनिटी आपको BA.2 से संक्रमित होने से बचा सकती है। ऐसे में वैक्सीन को ही बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम माना जा रहा है।

भारत में कोरोना का BA.2 वैरिएंट (Covid BA.2 Variant in India)

BA.2 कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट का सब वैरिएंट है जिसे स्टील्थ ओमिक्रोन (Stealth Omicron) के नाम से भी जाना जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक यह सब वैरिएंट अब तक 57 से अधिक देशों में फैल चुका है। NTAGI के प्रमुख डॉ. नरेंद्र कुमार अरोड़ा के मुताबिक भारत में कोरोना के BA.2 वैरिएंट के मामलों के बढ़ने की गुंजाइश नहीं है लेकिन अगर नए वैरिएंट के मामले तेजी से बढ़ते हैं तो यहां भी उसका असर देखने को मिल सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है की भारत में कोरोना की तीसरी लहर के दौरान लगभग 75 प्रतिशत मामले BA.2 वैरिएंट के ही थे। ऐसे में अब इसका अन्य देशों की तुलना में भारत पर खतरा कम है। चीन की तुलना में भारत में लोगों के शरीर में हाइब्रिड इम्यूनिटी ज्यादा है इसलिए भी चीन जैसे हालात भारत में पैदा नहीं हो सकते।

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हालांकि वैज्ञानिक और एक्सपर्ट्स लोगों को कोरोना की चौथी लहर को लेकर लापरवाह होने की बजाय सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है की अगर दुनियाभर के देशों में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ते हैं तो इसका असर भारत में भी देखने को मिलेगा। 

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