लगातार पीठ में दर्द हो सकता है इन 4 गंभीर बीमारियों का संकेत

पीठ के दर्द काे अकसर सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं लंबे समय तक पीठ दर्द हाेना गंभीर बीमारियाें का संकेत हाे सकता है-

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 14, 2021
लगातार पीठ में दर्द हो सकता है इन 4 गंभीर बीमारियों का संकेत

क्या पीठ में दर्द (Back Pain) हाेना सामान्य है? आजकल की खराब लाइफस्टाइल की वजह से पीठ, कमर दर्द हाेना बेहद सामान्य हाे गया है। अधिकतर महिलाएं और पुरुष लंबे समय तक एक ही पाेजीशन में रहने के बाद पीठ दर्द की शिकायत करते हैं। यह पीठ दर्द आम हाेता है और जीवनशैली में कुछ बदलाव करके ठीक हाे सकता है। लेकिन लंबे समय से लगातार पीठ दर्द हाे रहा है, ताे इस संकेत काे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। 

back pain

अकसर कई लाेग पीठ दर्द हाेने पर दर्दनिवारक दवाइयाें (Painkiller) का सेवन कर लेते हैं, जिससे उन्हें आराम मिल जाता है लेकिन इस दर्द की वजह का पता नहीं चल पाता है। इसलिए आपकाे कभी भी पीठ दर्द काे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, लंबे समय से हाे रहा पीठ दर्द कई तरह की गंभीर बीमारियाें का संकेत हाे सकता है। चलिए डॉक्टर रमन कुमार से जानते हैं लगातार पीठ दर्द हाेना कौन-कौन सी बीमारियाें का संकेत हाे सकता है (Constant Back Pain Indication of These Serious Diseases)-   

1. स्पाइनल टीबी (Spinal TB)

अगर आपके लगातार पीठ दर्द रहता है, ताे यह स्पाइनल टीबी का एक बहुत बड़ा संकेत हाेता है। ऐसे में इस लक्षण काे बिल्कुल भी सामान्य न समझें। स्पाइनल टीबी इंटर वर्टिबल डिस्क में शुरू हाेता है, इसके बाद यह रीढ़ की हड्डी में फैलता है। इन दिनाें अधिकतर युवाओं में स्पाइनल टीबी में मामलें देखने काे मिल रहे हैं। दरअसल, जब माइक्राेबैक्टिरियम नामक कीटाणु रीढ़ की हड्डी या स्पाइन के ऊतक में चला जाता है, वहां संक्रमण पैदा करता है ताे इसे रीढ़ की हड्डी का टीबी यानी स्पाइनल टीबी कहा जाता है। जानें इसके सामान्य लक्षण (Spinal TB Symptoms)-

  • कमर में दर्द
  • वजन कम हाेना
  • थकान और कमजाेरी
  • लगातार पीठ में दर्द हाेना
  • पीठ में अकड़न महसूस हाेना
  • हाथाें और पैराें की मांसपेशियाें में खिंचाव
  • स्पाइन एरिया में असहनीय दर्द हाेना
  • मल और मूत्र त्याग में परेशानी हाेना

स्पाइनल टीबी के कारण (Spinal TB)

1. रक्त जनित संक्रमण यानी जब काेई इससे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आता है, ताे यह बैक्टीरिया खून में चला जाता है। इसके बाद यह बैक्टीरिया खून की काेशिकाओं और रक्त वाहिकाओं से हाेता हुआ स्पाइन तक पहुंचता है। इसके बाद यह उस एरिया में पस बनाने लगता है और संक्रमण हाे जाता है।

2. अकसर जिन लाेगाें के शरीर की राेग प्रतिराेधक क्षमता कमजाेर हाेती है, उन्हें यह संक्रमण हाेने की संभावना अधिक रहती है। माइक्राेबैक्टीरियम बैक्टीरिया उस शरीर काे इंफेक्ट करता है, जिसकी इम्युनिटी कमजाेर हाेती है।

spinal TB

2. साइटिका (Sciatica)

वैसे ताे साइटिका नसाें में हाेने वाला एक ऐसा दर्द है, जाे कमर के निचले हिस्से से शुरू हाेकर पैराें के बीच तक जाता है। लेकिन कई बार लंबे समय तक पीठ में दर्द रहना भी साइटिका का संकेत हाे सकता है। इस स्थिति में आपकाे डॉक्टर एमआरआई करवाने की सलाह दे सकते हैं। लंबे समय तक पीठ में दर्द हाेना नसाें में गड़बड़ी की वजह से भी हाे सकता है। यह पीठ की नसाें काे भी प्रभावित करता है। अगर आपकाे भी ऐसा हाे, ताे अपनी साइटिका की जांच करवा सकते हैं। जानें इसके लक्षण (Symptoms of Sciatica)-

  • कूल्हाें में दर्द हाेना
  • दाेनाें पैराें में दर्द हाेना
  • उठने-बैठने और चलने-फिरने में परेशानी हाेना
  • लंबे समय तक एक ही जगह पर खड़े न रह पाना
  • झुकने में दर्द हाेना
  • कमर और पीठ में लगातार लंबे समय से दर्द हाेना

साइटिका शारीरिक सक्रियता की कमी, गिरना, रीढ़ की हड्डी में चाेट लगना और सही पाेश्चर में न रहना आदि इसके सामान्य कारण हाे सकते हैं।

3. जुवेनाइल स्पांडिलोअर्थ्राइटिस (Juvenile Spondyloarthritis)

स्पॉन्डिलाटिस एक तरह का अर्थराइटिस हाेता है। इसमें दर्द कमर से शुरू हाेता है और पीठ, गर्दन तक पहुंच जाता है। इस दौरान कमर, पीठ और गर्दन में अकड़न महसूस हाेती है। इतना ही नहीं यह बॉडी के लोअर पार्ट काे भी प्रभावित करता है। स्पॉन्डिलाटिस से जाेड़ाें में सूजन भी रहती है। जानें इसके लक्षणाें के बारे में ((Juvenile Spondyloarthritis Symptoms)) -

  • कंधाें, गर्दन में दर्द हाेना
  • पीठ और कमर में अकड़न और दर्द महसूस हाेना
  • एड़ियाें और पैराें के जाेड़ाें में दर्द
  • हाथाें में दर्द हाेना
  • लंबे समय से पीठ दर्द हाेना जुवेनाइल
  • थकान और आलस

स्पांडिलोअर्थ्राइटिस का भी संकेत हाे सकता है। इससे रीढ़, आंखाें, त्वचा और आंताें काे बहुत खतरा रहता है।

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4. स्लिप डिस्क  (Slipped Disc)

रीढ़ की हड्डी हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी हाेता है। यह हड्डियाें काे सहारा देने का कार्य करती है। दरअसल, रीढ़ की हड्डियाें में छाेटी-छाेटी हड्डियाें का समूह हाेता है, अगर इसमें काेई छाेटी हड्डी बड़ी हाे जाती है, ताे इस स्थिति काे स्लिप डिस्क कहा जाता है। हड्डी बढ़ने पर व्यक्ति काे दर्द महसूस हाेता है। कई बार स्लिप डिस्क की समस्या हाेने पर असहनीय दर्द भी हाेता है। स्लिप डिस्क हाेने पर पीठ दर्द हाेना एक संकेत हाे सकता है। जानें इसके लक्षण (Slipped Disc Symptoms)-

  • चलने में दर्द हाेना
  • मांसपेशियाें का कमजाेर हाेना
  • जलन और झनझनाहट हाेना
  • शरीर के एक हिस्से में अधिक दर्द हाेना
  • इसके अलावा हर व्यक्ति इसमें अलग-अलग तरह से दर्द महसूस कर सकता है। डॉक्टर की सलाह पर ही इसका पता चलता है।
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स्लिप डिस्क के कारण (Causes of Slipped Disc)

  • स्लिप डिस्क पर अचानक से झटका या चाेट लगना
  • उम्र बढ़ने पर हड्डियाें का कमजाेर हाेना
  • रीढ़ की छाेटी हड्डियाें का बढ़ना

पीठ दर्द से बचाव के उपाय (Tips to Prevent Back Pain)

इन सभी बीमारियाें से बचने के लिए आपकाे कुछ खास बाताें का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही लंबे समय से हाे रहे पीठ दर्द काे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

  • पीठ, कमर में लंबे समय से हाेने वाले दर्द काे नजरअंदाज न करें। समय पर डॉक्टर से जांच करवाएं।
  • अगर आप एक ही पाेजीशन में बैठ रहते हैं, ताे इसमें बदलाव करें। ऑफिस के काम के दौरान छाेटे-छाेटे ब्रेक लेते रहें।
  • पाेषक तत्वाें से भरपूर डाइट लें और राेजाना व्यायाम करें।
  • धूम्रपान, शराब और तंबाकू जैसे उत्पादाें से पूरी तरह से दूरी बनाकर रखें।

अगर आपके भी पीठ में दर्द रहता है, ताे इस लक्षण काे बिल्कुल भी इग्नाेर न करें। दाे-तीन दिन तक लगातार दर्द हाेने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। इससे आपकाे पीठ दर्द हाेने की सही वजह पता चले पाएगी।  

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