बच्चों को मास्क पहनाने से जुड़ी इन 5 गलतफहमियों को आप भी तो नहीं मानते सही? जानें इनकी सच्चाई

हम अक्सर अपने बच्चों को मास्क पहनाने में हिचकिचाते हैं क्योंकि हमारे मन में मास्क से जुड़ी हुई कुछ बातें हैं, जो सच नहीं। क्या है सही फैक्ट जानिए।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Dec 08, 2021 15:06 IST
बच्चों को मास्क पहनाने से जुड़ी इन 5 गलतफहमियों को आप भी तो नहीं मानते सही? जानें इनकी सच्चाई

फेस मास्क (Facemask) लगाना कोविड से बचने के लिए एक बहुत बड़ा व जरूरी कदम है। यह केवल बड़ों को ही नहीं बल्कि बच्चों को भी लगाना जरूरी है। लेकिन बच्चों के माता पिता बहुत से बातों को लेकर चिंतित रहते हैं कि कहीं हमारे बच्चे को फेस मास्क (Facemask) के कारण सांस नहीं आ पा रहा हो या उन्हें किसी तरह की असहजता महसूस हो रही हो आदि आदि। इसलिए अक्सर माता पिता बच्चों का मास्क हटा भी देते हैं। लेकिन आपको बच्चों के लिए भी मास्क का प्रयोग जरूर करना चाहिए, क्योंकि कोविड का खतरा उन्हें भी समान रूप से है। जानिए मास्क से जुड़े हुए अपने उन 5 संशयों का जवाब।

mask for kid

मिथक 1- मास्क पहनने के बाद बच्चे को सांस नहीं आती

इस बात को लेकर बहुत दुविधा और चर्चा रही हैं कि फेस मास्क (Facemask) आपके ऑक्सीजन लेवल को कम करता है। जिस कारण आपका बच्चा सांस सही से नहीं ले पाता। लेकिन आपको यह बात जान लेनी चाहिए कि मास्क उस कपड़े का बना हुआ होता है जिसकी वजह से सांस लेने में कोई रुकावट नहीं होती। ये आपके बच्चे के लिए जरूरी ऑक्सीजन को ब्लॉक नहीं करता। साथ ही याद रखें कि मास्क न तो आपके बच्चे को सांस लेने से रोकता है और न ही उनके काम में फोकस को डिस्टर्ब करता है। 2 साल से ऊपर के बच्चों को आप मास्क लगा सकते हैं और इससे उन्हें सांस लेने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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मिथक 2- मास्क बच्चे के फेफड़ों के विकास (लंग डेवलपमेंट) में बाधा उत्पन्न करता है

नहीं, फेस मास्क (Facemask) पहनने से बच्चे के फेफड़ों के विकास में भी किसी तरह की समस्या नहीं आ पाती। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ऑक्सीजन मास्क के माध्यम से भी फ्लो होती है और यह साथ में वायरस की बूंदें या थूक की कुछ छींटे आदि को अंदर जाने से बचाता है। बच्चों के फेफड़ों को हेल्दी रखना बहुत आवश्यक है। वैसे भी इस महामारी के दौर में बच्चे को किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से बचाए रखने के लिए उसका स्वस्थ रहना बेहद आवश्यक है। इसलिए मास्क इनके विकास में किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं करते हैं।

मिथक 3- मास्क उस कार्बन डाइऑक्साइड को रोकते हैं जो सांस के द्वारा बाहर निकलती है

नहीं, इस बात से जुड़ी कुछ झूठी रिपोर्ट्स उपलब्ध हैं जो यह दावा करती हैं कि मास्क कार्बन डाइऑक्साइड पॉइजनिंग क्रिएट करता है। लेकिन यह सच नहीं है। कार्बन डाइऑक्साइड के मॉलिक्यूल बहुत छोटे यहां तक कि रेस्पिरेटरी ड्रॉपलेट से भी छोटे होते हैं। यह किसी भी तरह से सांस लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने वाले कपड़े जैसे मास्क, या अन्य कपड़े के द्वारा ट्रैप नहीं हो पाते हैं। सर्जन भी टाइट फिटिंग वाले मास्क हर समय पहने रखते हैं जबकि उन्हें किसी तरह की हानि नहीं होती है। हालांकि 2 साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क नहीं पहनाना चाहिए क्योंकि वह बिना किसी मदद के उसे उतार नहीं सकता है।

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मिथक 4- फेस मास्क बच्चों को स्ट्रेस होता है, इम्यूनिटी कमजोर होती है

नहीं, फेस मास्क (Facemask) पहनने से न तो आपके बच्चे का इम्यून सिस्टम कमजोर होता है और न ही वह बीमारियों को कैच करने के अधिक रिस्की है। अगर आपके बच्चे को वायरस इंफेक्शन है भी तो मास्क पहनने से वह उन लक्षणों को फैलने से रोकता है।

मिथक 5- मास्क कोविड 19 से नहीं बचाता है

अगर बच्चा फेस मास्क (Facemask) को सही ढंग से पहनता है तो वह किसी आदमी की छींक, या स्पिट स्प्रे और उसके मुंह के बीच में एक बैरियर बना देगा। इस प्रकार वह किसी और व्यक्ति के इंफेक्शन के लक्षणों को पकड़ने से बच सकता है। इसलिए बच्चों को मास्क पहनाना चाहिए।

अगर आपके बच्चे 2 साल से ऊपर का है तो उन्हें मास्क जरूर पहनाना चाहिए। क्योंकि इससे बच्चों को किसी तरह की समस्या नहीं होती है और वह वायरस से भी बच सकते हैं। यही नहीं आप उन्हें कोविड के अन्य सुरक्षा स्टेप्स के बारे में भी बताएं।

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