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थायराइड में पपीता खाना चाहिए या नहीं? एक्सपर्ट से जानें

थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर की थायराइड ग्रंथि सही से काम नहीं करती है या फिर ओवरएक्टिव हो जाती है। ऐसे में जानें थायराइड में पपीता खाना चाहिए या नहीं?

थायराइड एक ऐसी बीमारी है जिसमें थायराइड ग्रंथि का काम प्रभावित हो जाता है। इस बीमारी में शरीर या तो ज्यादा थायराइड हार्मोन प्रड्यूस करता है या फिर कम थायराइड हार्मोन प्रड्यूस करता है। दरअसल, थायराइड ग्रंथि गर्दन के सामने स्थित एक तितली के आकार का ग्लैंड है जो थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायोनिन (T3) जैसे हार्मोन बनाती है। जब इन दोनों हार्मोन्स में कमी आती है या फिर इनमें से किसी का प्रोडक्शन ज्यादा होता है तो मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है जिससे तेजी से वजन बढ़ सकता है या तेजी से वजन घटने लगता है। ऐसे में थायराइड में पपीता का सेवन कितना फायदेमंद है, क्या है इसे खाने का सही तरीका? जानते हैं इस बारे में डॉ. विक्रम सिंह, डायरेक्टर एंड कंसल्टेंट, विक्रम क्लिनिक एंड डे केयर सेंटर, जयपुर से।

थायराइड में पपीता खाना चाहिए या नहीं-Thyroid mein papita kha sakte hain ki nahin

थायराइड में पपीता खाना आपको कई समस्याओं से बचा सकता है जैसे कि ये मेटाबॉलिक रेटढ़ाने के साथ पाचन क्रिया को सही कर सकता है। जब आप थायराइड में पपीता खाते हैं इसका असर शरीर पर व्यापक तरीके से हो सकता है। जैसे कि डॉ. विक्रम सिंह बताते हैं कि थायराइड में पपीता का सेवन चयापचय दर को नियंत्रित करता है और शरीर को ठीक से काम करने में मदद करता है। इससे थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायोनिन (T3) जैसे हार्मोन का प्रोडक्शन संतुलित रखने में मदद मिल सकती है जिससे थायराइड हार्मोन बैलेंस रहता है।

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इसके अलावा थायराइड में पपीता खाना शरीर के विकास, हृदय गति, ऊर्जा उत्पादन और शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है। थायराइड रोग महिलाओं में आम हैं, लेकिन किसी को भी हो सकते हैं और इसके लक्षणों में वजन कम होना या बढ़ना, थकान, और घबराहट शामिल हो सकते हैं। थायराइड में पपीता खाना सामान्यतः लाभकारी होता है क्योंकि यह विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है जो पाचन और इम्यूनिटी के लिए अच्छा है। पपीता हार्मोनल संतुलन में मदद कर सकता है और कब्ज जैसी समस्या को भी कम करता है, जो थायराइड में आम होती है।

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थायराइड में कब और कितना खाएं पपीता?

थायराइड में आप पपीता नाश्ते के दौरान या खाली पेट भी खा सकते हैं। आप लगभग 1 बाउल पपीता खा सकते हैं लेकिन, ज्यादा मात्रा में इसके सेवन से बचें।

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ज्यादा मात्रा में पपीता खाने से बचें

कुछ शोध बताते हैं कि पपीते में गोइट्रोजन होते हैं, जो एक ऐसा पदार्थ है जो थायराइड ग्रंथि की आयोडीन को अवशोषित करने की क्षमता में हस्तक्षेप कर सकते हैं जिससे थायराइड हार्मोन का प्रोडक्शन बिगड़ सकता है।

हालांकि, अगर आपको पपीते से किसी प्रकार की एलर्जी हो या पेट में कोई समस्या महसूस हो तो इसका सेवन कम करें। थायराइड मरीजों को हमेशा संतुलित आहार लेना चाहिए और किसी भी नई चीज को अपने भोजन में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डायटिशियन से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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  • Current Version

    Sep 19, 2025 12:40 IST

    Modified By : पल्लवी कुमारी
  • Sep 19, 2025 12:40 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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