Fri Sep 11, 2026 | 09:09 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

क्या एलोपेसिया एरीटा में तनाव लेने से Hair Patch बढ़ सकता है? जानें क्या कहते हैं डॉक्टर

How To Stop Stressing About Alopecia: एलोपेसिया एरीटा में तनाव लेना सही नहीं है। डॉक्टर स्पष्ट रूप से बताते हैं कि तनाव की वजह से हेयर पैच बढ़ सकता है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए क्या करें?

Is Stress Related To Alopecia Areata: एलोपेसिया एरीटा एक तरह का ऑटो इम्यून डिजीज है। इस बीमारी में हेयर फॉलिकल्स डैमेज हो जाते हैं और प्रभावित हिस्से में बाल ग्रो नहीं होते हैं। असल में शरीर का ऑटो इम्यून गलती से हेयर फॉलिकल्स को अटैक करने लगता है, जिस वजह से मरीज को अचानक अपने सिर में पैच, नॉन-स्कारिंग हेयर लॉस नजर आने लगता है। वैसे तो यह स्थिति अपने आप में गंभीर है। विशेषकर, महिलाओं के लिए यह चिंता का विषय हो जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि मलिहाएं बालों को अपनी खूबसूरती का अहम हिस्सा मानती हैं। वहीं, एलोपेसिया एरीटा होने पर उनकी पर्सनालिटी पर बुरा असर पड़ता है। बहरहाल, यहां एक सवाल उठता है कि क्या एलोपेसिया एरीटा में तनाव लेने से हेयर पैच बढ़ सकता है? आइए, जानते हैं राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा क्या कहते हैं।

क्या एलोपेसिया एरीटा में तनाव लेने से हेयर पैच बढ़ सकता है?- Can Stress Increase The Hair Patch In Alopecia Areata

can stress increase the hair patch in alopecia areata 1 (8)

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की मानें, तो एलोपेसिया एरीटा में तनाव लेना बिल्कुल सही नहीं है। इस तरह की स्थिति में तनाव लेने से हेयर पैच बढ़ सकता है। चूंकि, एलोपेसिया एरीटा एक तरह का ऑटोइम्यून डिजीज है। वहीं, तनाव इम्यून सिस्टम को ट्रिगर कर सकता है, जिससे इम्यून सिस्टम हेयर फॉलिकल्स को तेजी से अटैक करने लगता है। इसी वजह से पैचेस बढ़ने लगते हैं और मौजूदा स्थिति और भी ज्यादा बिगड़ जाती है। नतीजतन, हेयर लॉस तेजी से होने लगता है।

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तनाव एलोपेसिया एरीटा को कैसे ट्रिगर करता है?- How Stress Trigger Alopecia Areata

इम्यून सिस्टम पर असरः स्ट्रेस हार्मोन इम्यून फंक्शन में रुकावट डाल सकते हैं, जिससे शरीर गलती से अपने ही हेयर फॉलिकल्स पर अटैक करने  लगता है, जिससे ऑटोइम्यून रिस्पॉन्स बिगड़ जाता है।

हार्मोनल बदलावः तनाव बढ़ने से शरीर में कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है, जो नींद और बालों की हेल्थ के लिए जरूरी ग्रोथ हार्मोन में रुकावट डाल सकता है। ऐसे में हेयर फॉल और ज्यादा होने लगता है। 

सेलुलर बदलावः इसका मतलब है, कोशिकाओं में होने वाले बदलाव। स्ट्रेस स्कैल्प में सब्सटेंस पी जैसे न्यूरोपेप्टाइड्स को बढ़ा सकता है, जो स्कैल्प में सूजन और हेयर फॉलिकल्स को अटैक करने से संबंधित है।

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एलोपेसिया एरीटा में तनाव को कैसे मैनेज करें?- How To Deal With Stress In Alopecia Areata From Spreading

एलोपेसिया एरीटा के मरीजों को तनाव लेने से बचना चाहिए। हालांकि, तनाव हमारे शरीर का नेचर है। तनाव की वजह से हम अच्छी-बुरी स्थिति को संभाल सकने में सक्षम हो पाते हैं। एलोपेसिया एरीटा जैसी कंडीशन में लोगों का तनाव अपने आप बढ़ जाता है। बहरहाल, इसे मैनेज करने के लिए यहां बताए गए टिप्स को फॉलो करें-

  1. रिलैक्सेशन तकनीक अपनाएंः मेडिटेशन, डीप ब्रीदिंग करें और मन को शांत रखने के लिए योग को भी अपना सकते हैं।
  2. जीवनशैली में बदलावः अपनी नींद में सुधार करें, अच्छी डाइट लें और नियमित रूप से एक्सरसाइज करें। ध्यान रखें कि एक्सरसाइज करना सबके लिए बहुत लाभकारी होता है। इससे इम्यून सिस्टम को सपोर्ट मिलता है।
  3. थेरेपी लेंः अगर आप तनाव के स्तर को मैनेज नहीं कर पा रहे हैं, तो बेहतर है कि आप थेरेपी लें या सपोर्ट ग्रुप जॉइन करें।
  4. एक्सपर्ट की मदद लेंः एलोपेसिया एरीटा जैसी कंडीशन की शुरुआत में लोगों के लिए खुद को मैनेज करना बहुत मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी तनाव का स्तर बहुत गहरा हो जाता है। अगर आपके साथ ऐसा है, तो इसे इग्नोर न करें। बेहतर है कि जल्द से जल्द एक्सपर्ट की मदद लें।

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निष्कर्ष

कुल मिलाकर, कहने की बात ये है कि एलोपेसिया एरीटा के मरीजों को अपने तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसा न करने पर सिर के पैचेस बढ़ सकते हैं, जो कि आत्मविश्वास को डगमगा सकते हैं। यह स्थि्ित किसी के लिए भी सही नहीं है। इससे बचने के लिए तनाव को मैनेज करने की कोशिश करें। कुछ टिप्स हमने इस लेख में आपको दिए हैं। अगर जरूरी हो, तो डॉक्टर की मदद भी ले सकते हैं।

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Dec 12, 2025 19:34 IST

    Modified By : Meera Tagore
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