अपने लुक्स (शारीरिक बनावट, रंग, कद) को लेकर चिंतित रहना डालता है मानसिक सेहत पर बुरा असर, जानें बचाव के टिप्स

लुक्‍स को लेकर च‍िंतित रहते हैं तो आपका मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य खराब हो सकता है जानें बचाव के आसान ट‍िप्‍स 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Sep 28, 2021
अपने लुक्स (शारीरिक बनावट, रंग, कद) को लेकर चिंतित रहना डालता है मानसिक सेहत पर बुरा असर, जानें बचाव के टिप्स

बॉडी इमेज एक टर्म है ज‍िसका अर्थ होता है हम अपने शरीर के बारे में कैसा सोचते और महसूस करते हैं। हम अपने शरीर के बारे में जैसा सोचते हैं उससे हमारे शार‍ीर‍िक और मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य पर असर पड़ता है। अगर आप अपनी बॉडी लुक्‍स यानी शारीर‍िक बनावट को लेकर असहज म‍हसूस करते हैं तो इसका बुरा असर आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ सकता है। ये समस्‍या बच्‍चों से लेकर बड़ों तक में देखी जाती है। हम खुद के बारे में जैसा सोचते हैं उसका असर हमारे व्‍यक्‍त‍ित्‍व पर पड़ता है, अगर कोई व्‍यक्‍त‍ि अपने लुक्‍स को लेकर च‍िंतित है तो वो लोगों से घुलना-मिलना या बात करने में ह‍िचक‍िचाएगा। इस लेख में हम लुक्‍स के कारण मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ रहे बुरे असर से बचने के कुछ उपायों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के बोधिट्री इंडिया सेंटर की काउन्‍सलिंग साइकोलॉज‍िस्‍ट डॉ नेहा आनंद से बात की।

body image tension

(image source:hearstapps.com)

बॉडी इमेज, मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को कैसे प्रभाव‍ित करती है (How does body image affect mental health)

हम अपने शरीर की बनावट या रंग के बारे में बुरा सोचते हैं तो ये कोई मानसिक समस्‍या नहीं है पर इस सोच के कारण मानस‍िक समस्‍या बन सकती है। अगर आप अपने लुक्‍स के बारे में हर वक्‍त सोचते रहेंगे तो जल्‍द ही आप में स्‍ट्रेस के लक्षण नजर आने लगेंगे। खुद को लेकर शर्म महसूस करने पर आप लोगों से म‍िलना पसंद नहीं करेंगे ज‍िसके कारण च‍िड़च‍िड़ापन, दुखी होना जैसा अहसास आपको हो सकता है। स्‍ट्रेस के कारण ज्‍यादातर लोगों को ईट‍िंग ड‍िसऑर्डर की समस्‍या का सामना करना पड़ सकता है ज‍िससे उनका शारीर‍िक स्‍वास्‍थ्‍य भी ब‍िगड़ने लगता है। तो एक छोटी सी सोच आपके शरीर के ल‍िए क‍ितनी हान‍िकारक हो सकती है इसका अंदाजा आप लगा ही सकते हैं।

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बच्‍चों में भी बढ़ रही है लुक्‍स के प्रत‍ि च‍िंता (Body image affecting children)

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(image source:goodtherapy.org)

ऐसा नहीं है क‍ि केवल पुरुष या मह‍िलाओं में ये समस्‍या है बल्‍क‍ि बच्‍चों में भी अपने लुक्‍स के प्रत‍ि च‍िंता द‍िन पर द‍िन बढ़ती जा रही है। इसका कारण है बॉडी शेमिंग यानी आपके शरीर के बारे में जब लोग नेगेट‍िव कमेंट करते हैं तो उसका असर बड़ों के मुकाबले बच्‍चों पर ज्‍यादा होता है। स्‍कूल में दोस्‍तों के च‍िढ़ाने से बच्‍चों में हीन भावना बनने लगती है और वो गुमसुम रहते हैं, अगर आपको अपने बच्‍चे में ऐसे लक्षण नजर आएं तो उसे तुरंत डॉक्‍टर को द‍िखाएं। कम उम्र में इस समस्‍या का इलाज न करने पर ये समस्‍या समय के साथ बढ़ती जाती है और आपको इसका असर पूरी ज‍िंदगी झेलना पड़ सकता है। अगर बच्‍चा खेलना बंद कर दे या उसके ईट‍िंग पैटर्न में बदलाव आए तो समझ जाएं क‍ि वो क‍िसी मानस‍िक समस्‍या से जूझ रहा है, ऐसे में आपको उससे बैठकर बात करनी चाह‍िए और काउंसल‍िंग के लि‍ए एक्‍सपर्ट की मदद लें।

लुक्‍स की च‍िंता क‍िन लोगों को होती है?  

  • डॉ नेहा ने बताया क‍ि अगर आप ऐसा सोचते हैं क‍ि लुक्‍स की चिंता केवल उन लोगों को होती है जो उनके मुताब‍िक अच्‍छे नहीं द‍िखते तो ऐसा नहीं ये समस्‍या क‍िसी भी उम्र में क‍िसी भी व्‍यक्‍त‍ि को हो सकती है।
  • लुक्‍स को लेकर वो लोग ज्‍यादा च‍िंता में रहते हैं ज‍िनके आसपास आईडल बॉडी टाइप की बातें करने वाले लोग होते हैं।
  • ऐसे लोग ज‍िनके पर‍िवार के सदस्‍य या दोस्‍त उन्‍हें लुक्‍स के मुताब‍िक जज करते हैं या उसके मुताब‍िक उन्‍हें च‍िढ़ाते या तंज कसते हैं उनमें ये परेशानी हो सकती है। 
  • आप सोशल मीड‍िया या ग्‍लैम दुन‍िया से प्रभाव‍ित होकर अच्‍छा द‍िखना चाहते हैं तो आपके मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।
  • अगर आप ज्‍यादा समय तक अकेले रहते हैं या लोगों से म‍िलना आपको पसंद नहीं है तो आप खुद को लेकर ये धारणा बना सकते हैं जो गलत भी हो सकती है। 

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अपने लुक्‍स को लेकर च‍िंता होती है तो ये है इलाज (Treatment)

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(image source:hearstapps.com)

माइंड को पॉज‍िट‍िव रखने या क‍िसी भी समस्‍या से न‍िपटने के ल‍िए आपको अपनी डाइट पर फोकस करना चाह‍िए। अपनी डाइट में फाइबर युक्‍त भोजन जैसे ताजे फल और सब्‍ज‍ियों को जगह दें, आपको हर द‍िन मुट्ठी भर नट्स खाने चाह‍िए। अक्‍सर लोग च‍िंता में मीठा खा लेते हैं या जंक फूड खाते हैं पर ऐसा करने से आपकी हेल्‍थ खराब होगी, आपको स्‍ट्रेस हो तो नट्स का सेवन करें और उसे चबाकर खाएं। अगर आपको लग रहा है क‍ि आप अपनी शारीर‍िक बनावट को लेकर च‍िंत‍ित हैं तो सबसे पहले अपने अच्‍छे दोस्‍त या एक्‍सपर्ट से बात करें। इस समस्‍या का सबसे सटीक इलाज है। आपको कुछ समय तक सोशल मीड‍िया से दूर रहता चाहि‍ए, अगर आप लुक्‍स को लेकर प्रेशर महसूस कर रहे हैं तो कुछ समय के लि‍ए सोशल मीड‍िया पर फोटोज या वीड‍ियो न देखें। 

लुक्‍स को लेकर नहीं होगी च‍िंता, अपनाएं ये ट‍िप्‍स (Prevention tips)

treat mental health

(image source:everydayfeminism)

  • बॉडी इमेज के कारण मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य खराब न हो इसके ल‍िए आपको रोजाना कम से कम आधा घंटा मेड‍िटेशन करना चाह‍िए, आप अनुलोम-व‍िलोम भी करें।
  • अनुलोम-व‍िलोम के फायदे तो कई हैं पर इससे आपके अंदर से नेगेट‍िव व‍िचार न‍िकल जाएंगे।
  • डॉ नेहा ने बताया क‍ि आपको हर द‍िन जर्नल ल‍िखना चाह‍िए, इसमें आप अपने अनुभव और बातों को लिखकर उस पर व‍िचार करें तो स्‍ट्रेस कम होगा। 
  • खुद से प्‍यार करना जरूरी है, अपनी अच्‍छी क्‍वॉल‍िटीस को बताने से ह‍िचक‍िचाएं नहीं, आपको अपनी तस्‍वीरें क्‍ल‍िक करने में कॉन्‍फ‍िडेंट महसूस करना है। 
  • ज्‍यादा से ज्‍यादा पॉज‍िट‍िव लोगों के बीच रहें, इससे आप खुद को लेकर कॉन्‍फ‍िडेंट फील कर सकेंगे। 
  • मानस‍िक स्‍वास्‍थ्‍य को ठीक रखने के ल‍िए शराब, एल्‍कोहॉल और मीठी चीजों से दूर रहें।
  • आपको एक हॉबी को अपने रूटीन में फॉलो जरूर करना चाह‍िए,  जब आप उस हॉबी को अपनी पहचान बना लेंगे तो लुक्‍स की परवाह आपको नहीं होगी।
  • अगर आपके कॉलेज या स्‍कूल में टीचर या सहपाठी आपको च‍िढ़ाते हैं तो श‍िकायत करने से पहले ह‍िचकिचाएं नहीं, सही समय पर तनाव से बचना ही उपाय है। 

अगर आप भी लुक्‍स को लेकर च‍िंता करते हैं तो मानस‍िक रोग के एक्‍सपर्ट से म‍िलें और खुद से प्‍यार करना सीखें, आप अपने आप में खास और बाक‍ियों से अलग हैं इस बात पर फोकस करें।

(main image source:verywellmind,whyy.org)

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