ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाता है अनुलोम-विलोम, एक्सपर्ट से जानें कोरोना मरीजों के लिए यह कैसे फायदेमंद

अनुलोम विलोम ऐसा प्राणायाम है जो इस वक्त कोरोना मरीजों के लिए रामबाण है। वे इस प्राणायाम को कभी कर सकते हैं। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 05, 2021Updated at: May 12, 2021
ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाता है अनुलोम-विलोम, एक्सपर्ट से जानें कोरोना मरीजों के लिए यह कैसे फायदेमंद

कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave Of Corona In India) में लोग शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से परेशानी में हैं। गंभीर स्थिति में पहुंचे मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं और हल्के लक्षणों वाले मरीज घरों में आइसोलेट हैं। लेकिन इसन में भी ऐसे मरीज भी हैं जिन्हें कोई लक्षण नहीं है, पर उनके आसपास माहौल इतना मायूस है कि वे एंग्जाइटी में पहुंच रहे हैं। होपलेस सी स्थिति देखकर होम आइसोलेशन में रह रहा मरीज भी घबराहट में पहुंच जाता है। दूसरी तरफ अस्पतालों में सुविधाओं की कमी के चलते लोग और घबरा रहे हैं। ये सभी वे कारण हैं जो शरीर में ऑक्सीन लेवल (Oxygen Saturation) को बिगाड़ते हैं। शरीर में ऑक्सीजन लेवल (Oxygen Level During Corona) को ठीक रखने में अनुलोम विलोम (Anulom Vilom For COVID Patients) बहुत कारगर है। इनोसेंस योगा की योग एक्सपर्ट भोली परिहार ने बताया कि आजकल लोग कोरोना के डर में जी रहे हैं। यही वजह है कि मरीज का ऑक्सीजन तो उसकी बीमारी की वजह से घट रहा है पर जो ठीक हैं, उनका ऑक्सीजन एंग्जाइटी, ओवरथिकिंग की वजह से बढ़ रहा है। अगर आप भी ऐसी परेशानियां झेल रहे हैं तो अनुलोम विलोम करके खुद को ठीक रख सकते हैं। और आपके शरीर में ऑक्सीजन का लेवल भी ठीक रहेगा। 

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क्या है अनुलोम-विलोम 

योग एक्सपर्ट भोली परिहार के मुताबिक, अनुलोम विलोम एक का प्रकार प्रणायाम है। जिसमें हम ऑल्टरनेट नॉस्ट्रिल ब्रिदिंग करते हैं। ये एक यौगिक टैक्नीक है। जिसके द्वारा हम अपनी प्राणवायु को कंट्रोल करते हैं। 

अनुलोम विलोम करने की तैयारी

  • -मैट पर सुखासन में बैठ जाएं। 
  • -कमर व गर्दन को सीधा करें। 
  • -कंधों को ढीला छोड़ दें। 
  • -पांच लंबी गहरी सांसें लें और छोड़ें।

इस प्रकार अपने शरीर को अनुलोम विलोम प्राणायाम के लिए तैयार करें।

ऐसे करें अनुलोम विलोम प्राणायाम

  • अपने सीधे हाथ को उठाएं और अपने अंगूठे से सीधे नाक (right nostril) को बंद कर लें फिर उल्टी नाक (left  nose) से लंबी गहरी सांस भरें व उसे पूरी तरह बाहर छोड़ दें। 
  • उसके बाद आप अनुलोम विलोम करने के लिए तैयार हैं। शरीर में किसी प्रकार की हलचल न करें।
  • अब उल्टे नाक से सांस भरें व सीधे नाक से सांस को बाहर छोड़ दें। फिर सीधे नाक से सांस लें व उल्टे नाक से सांस को बाहर छोड़ दें। 
  • यही प्रक्रिया आपको 20 से 25 बार दोहरानी है। 

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अनुलोम विलोम करते समय ध्यान रखें ये बातें

  • इस प्राणायाम को करते हुए ब्रिदिंग पैटर्न शांत रहेगा। 
  • अग्रेसिव ब्रिदिंग न करें। 
  • धीरे से अपने दोनों हाथों को अपने दोनों घुटनों पर रखते हुए ज्ञान मुद्रा बना लें। इसमें आप अपनी तर्जनी उंगली (Index finger) को अपने घुटनों पर रख लें। 
  • दोबार 5 से 10 लंबी गहरी सांसें भरें व छोड़ें। 
  • यदि आपको कमर में दर्द है या बैठ नहीं पाते हैं तो आप दीवार का सहारा लेकर बैठ सकते हैं। और अगर आपको घुटनों में दिक्कत है तो आप इसे कुर्सी पर बैठकर भी करक सकते हैं। 
  • इस प्राणायाम को आप सुबह और शाम दोनों समय किया जा सकता है।

कोरोनाकाल में अनुलोम विलोम के फायदे

श्वसनतंत्र से संबंधी रोगों में फायदेमंद

जिन लोगों को रेस्परेटरी डिसऑर्डर होते हैं, जैसे अस्थमा, ब्रोकांइटिस को ठी करता है। उनमें मददगार है। अनुलोम विलोम में लंबी गहरी सांस अंदर भरते हैं। वह सांस ऑक्सीजनयुक्त होती है। जब वह हमारे फेफडों में प्रवेश करती है, वहां पर दबाव बनता है, उसके साथ ही गैसियस एक्सचेंज (gasous exchange) होता है। जिसमें हमारे फेफड़े कार्बनडाईऑक्साइड को ऑक्सीजन में बदलता है। व कार्बनडाईऑक्साइड (CO2) को बाहर निकालता है। इसमें लगातार हमारे फेफड़े फूलते व सिकुड़ते हैं जिसके कारण हमें रेस्परेटरी संबंधी जितनी भी समस्याएं हैं उन्हें ठीक करता है।  

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सांस फूलना

अनुलोम विलोम से फेफड़ों की एक्सरसाइज होती है। जिससे सांस फूलने की समस्या दूर हो जाती है। हमारे गले की पाइप में जो ब्लॉकेज होती है, उसको साफ करता है जिसकी वजह से हम ठीक तरह से सांस ले पाते हैं। जिन लोगों को एंग्जाइटी की वजह से सांस फूल रही हो उन्हें आंखें खोलकर अनुलोम विलोम करना चाहिए। अनुलोम विलोम नाड़ी शोधक प्राणायाम है। 

डिप्रेशन

जब हमारी बॉडी में ऑक्सीजन लेवल बढ़ता है तब हमारी बॉडी में हैप्पी हार्मोन निकलते हैं, जिसकी वजह से हम रिलैक्स और एंग्जाइटी से फ्री महसूस करते हैं। आपका मन शांत होता है और आप सकारात्मक महसूस करते हैं। यही वजह  है आप डिप्रेशन से डील कर पाएंगे। 

हाई ब्लड प्रेशर

ब्लड प्रेशर में हमारी नसें सिकुड़ जाती हैं, जिसके कारण हमारी सांस तेज चलने लगती है और हमें अच्छे से सांस नहीं आती। लेकिन अगर आप अनुलोम-विलोम करेंगे तो यह नसों में फंसे ब्लॉकेज को दूर करेगा व हमारी नसों को रिलैक्स करेगा। इससे बीपी को मैनेज करने में सहायता मिलेगी।  

माईग्रेन

अनुलोम विलोम हमारे ब्रेन वाले हिस्से में ऑक्सजीन को बढ़ाता है और रक्त प्रभाव को बढ़ाता है, जिसके कारण हमें माईग्रेन के दर्द से राहत मिलती है। 

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सिर दर्द करे कम

माइग्रेन में हमारे सिर में एक हिस्से में दर्द होता है और सिरदर्द होने पर पूरे सिर में दर्द होता है। और अनुलोम विलोम करने से शरीर में रक्त संचार ठीक होता है, जिससे सिरदर्द से निजात मिलती है। 

छाती को मजबूती

अनुलोम विलोम करने से छाती फूलती और सिकुड़ती है जिससे छाती की मांसपेशियों में खिचाव आता है जिससे वह मजबूत होती है। छाती वाले हिस्से में रक्त संचार बढ़ने से भी वह मजबूत होती है। 

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फेफड़ों को मजबूती

सांस के द्वारा हमारे फेफड़ों में ऑक्सीजन जाती है जिसके कारण फेफड़ों में ऑक्सीजन ठीक से पहुंचती है, जिससे फेफड़ों को मजबूती मिलती है और वे शरीर में ऑक्सीजन ठीक से पहुंचा पाते हैं।  

खुद पर ध्यान और नियंत्रण बढ़ता है

जब हम अनुलोम विलोम करते हैं तब हमारे सोचने की प्रक्रिया धीमा हो जाता है। दिल का स्पंदन धीमा हो जाता है जिसकी वजह से हमारे सोचने की प्रक्रिया धीमी होती है और हमारा दिमाग शांत होता है। अगर हमारा दिमाग शांत होता है तो हमें एंग्जाइटी भी नहीं होती। जब आपको एंग्जाइटी नहीं होगी तो आप पॉजिटिव फील करते हैं। 

ज्ञानेंद्रियों को ठीक करता है अनुलोम विलोम

हमारी ज्ञानेंद्रियों तक अनुलोम विलोम प्राणवायु को पहुंचाता है। जिसके कारण हमारे सेंस ऑर्गन स्वस्थ रहते हैं। 

हृदय की मांसपेशियों को मजबूती

अनुलोम विलोम करने से हमारे फेफड़ों के साथ-साथ हमारे छाती वाले हिस्से की भी एक्सरसाइज होती है, साथ ही साथ अनुलोम विलोम करने से हमारे दिल की धड़कन धीमा हो जाती है उसकी वजह से हमारा हृदय और हृदय की मांसपेशियां रिलैक्स हो जाती है। जिसके कारण हृदय अपना काम सुचारू रूप से कर पाता है। 

अनुलोम विलोम ऐसा प्राणायाम है जो इस वक्त कोरोना मरीजों के लिए रामबाण है। वे इस प्राणायाम को कभी कर सकते हैं। अनुलोम विलोम  चिंता, तनाव, डर या घबराहट होने पर भी किया जा सकता है। कोरोनाकाल में इसे करने के बहुत फायदे हैं।  

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