डिप्रेशन का इन 5 तरीकों से किया जा सकता है इलाज, एक्सपर्ट से जानें कैसे है ये मददगार

अगर आप भी डिप्रेशन या अवसाद की स्थिति से गुजर रहे हैं तो जरूर जान लें इन 5 तरीकों से संभव है इलाज, एक्सपर्ट से जाने कैसे है ये मददगार।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Nov 20, 2020
डिप्रेशन का इन 5 तरीकों से किया जा सकता है इलाज, एक्सपर्ट से जानें कैसे है ये मददगार

अवसाद या डिप्रेशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें आप गहरे तनाव के बीच में रहते हैं, ये एक प्रकार से मूड डिसऑर्डर है। बढ़ते तनाव या चिंता के कारण आप डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं जिसका इलाज समय पर न करने पर आप गंभीर स्थिति में जा सकते हैं। जरूरी नहीं कि अवसाद से पीड़ित सभी लोगों को एक तरह के लक्षण नहीं दिखाई दे सकते। बल्कि इसके लक्षण लोगों में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। इसके अलावा अवसाद कई पुरानी समस्याओं को बढ़ा सकता है, इसलिए जरूरी है कि आप सभी तनाव को कम से कम करने की कोशिश करें और अगर आप डिप्रेशन की स्थिति में है तो बिना देरी के इसके इलाज के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। आपको बता दें कि डिप्रेशन या अवसाद के लिए कई इलाज के विकल्प उपलब्ध है। इस विषय पर हमने बात की इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्रिक असेसमेंट एंड काउंसलिंग की अध्यक्ष और माइंड डिजायनर डॉक्टर कोमलप्रीत कौर से। जिन्होंने बताया कि अवसाद को दूर करने के लिए कितने प्रकार के इलाज मौजूद है। 

डॉक्टर कोमलप्रीत का कहना है कि अवसाद यानी डिप्रेशन एक ऐसी स्थिति है जिसमें मरीज खुद को बेकार या असफल महसूस करने लगता है और मरीज की सोच पूरी तरह से नकारात्मक हो जाती है। यही कारण है कि वो समाज को भी नकारात्मक तरीके से देखता है। इसलिए अवसाद के इलाज में मरीज की सोच को नए तरीके से बनाने की कोशिश की जाती है। 

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अवसाद के लिए इलाज के प्रकार

हीपनोथेरेपी

हीपनोथेरेपी सीधा मरीज के दिमाग पर काम करती है और वहां पर सभी नकारात्मक चीजों को दूर करने की कोशिश करती है। इसके साथ ही इस थेरेपी की मदद से मरीज को एक नई सोच के साथ खड़ा किया जाता है जिसकी मदद से वो सकारात्मक सोच के साथ रहने लगता है। 

जीवनशैली में बदलाव

बढ़ते तनाव को देखते हुए आपको अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की जरूरत पड़ सकती है। इसमें आपको अपने खानपान से लेकर नींद तक की आदतों में सुधार करने की जरूरत होती है। तनाव या अवसाद की स्थिति से बचाव के लिए आप रोजाना 30 मिनट एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद लें (रोजाना करीब 7 घंटे की नींद बहुत जरूरी है), अपनी डाइट को हेल्दी बनाएं और कम से कम चिंता करने की कोशिश करें। जीवनशैली में ये छोटे बदलाव आपके तनाव की स्थिति को कम कर सकते हैं, जिसकी मदद से आप लंबे समय तक खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ रख सकते हैं। 

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डाइट और एक्सरसाइज

डाइट और एक्सरसाइज की मदद से भी मरीज को डिप्रेशन की स्थिति से बाहर आसानी से किया जाता है। डॉक्टर कोमलप्रीत का कहना है कि हमारा दिमाग और शरीर एक दूसरे के संबंध में है, इसलिए जब भी हम कुछ सोचते हैं तो उसका असर हमे शारीरिक दिखाई देता है। इसलिए हमे अपने दिमाग या मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी होता है। इसके लिए आप डाइट और एक्सरसाइज दोनों को ही अच्छी तरीके से अपना सकते हैं। आप अपनी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें ये सब्जियां आपके मूड को बेहतर बनाने का काम करती है। इसके अलावा आप पानी, नट्स, फल और दही का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। 

मनोचिकित्सा

अवसाद के इलाज के लिए सबसे बेहतरीन इलाज के रूप में मनोचिकित्सा है, जिसकी मदद से डॉक्टर मरीज को इस स्थिति से बाहर निकालता है। इसका इलाज मरीज के लक्षणों पर निर्भर करता है कि मरीज डिप्रेशन की किस स्थिति में है। इस थेरेपी की मदद से मरीज धीरे-धीरे खुद को मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस कर सकता है। आपको बता दें कि इस इलाज में कई ऐसी थेरेपी शामिल हैं जिनकी मदद से मरीज को जल्द स्वस्थ किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आप मनोचिकित्सक के पास नियमित रूप से संपर्क करें।

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दवाएं

अनियंत्रित हो रहे अवसाद की स्थिति को रोकने के लिए डॉक्टर दवा का इस्तेमाल भी करते हैं जिसकी मदद से मरीज को गंभीर स्थिति से बचाया जा सकता है। दवा के साथ मरीज को अपनी नींद, डाइट और लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने की जरूरत होती है। आपको बता दें कि डिप्रेशन की दवाएं मरीज को कुछ समय के लिए लक्षणों को कम करती है। इसलिए दवाएं और डॉक्टर के बताए गए लाइफस्टाइल के साथ रहना होता है। 

इस लेख में दी गई जानकारी इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोमेट्रिक असेसमेंट एंड काउंसलिंग की अध्यक्ष और माइंड डिजायनर डॉक्टर कोमलप्रीत कौर से बातचीत पर निर्भर है। 

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