Fri Sep 11, 2026 | 09:16 PM IST

Medically Reviewed by Vandana Rajput , Antenatal and Postnatal Nutrition & Diabetes Educator

किडनी के मरीजों के लिए प्रोटीन के बेस्ट स्रोत क्या हैं? डॉक्टर से जानें कितना प्रोटीन खाना है सेफ

Protein Options For Kidney Disease: किडनी के मरीजों के लिए प्रोटीन के अच्छे विकल्पों की बात करें, तो इसमें लीन एनिमल और प्लांट बेस्ड प्रोटीन हैं। ऐसा क्यों कहा जाता है? जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें।

Which Proteins Are Best For The Kidney Patients: प्रोटीन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है। प्रोटीन हमारे मसल्स ग्रोथ और रिपेयर में मदद करता है। साथ ही, वेट लॉस में भी यह मसल्स को प्रोटेक्ट करने का काम करता है। अगर हमारे शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाती है, तो इसकी वजह से मसल्स फंक्शन प्रभावित होने लगता हैं, जिसका असर हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ता है। बहरहाल, किडनी के मरीजों की बात करें, तो उन्हें बहुत सोच-समझकर प्रोटीन इनटेक लेना चाहिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से उनकी किडनी पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है, जो कि सही नहीं है। ऐसे में न सिर्फ किडनी के मरीजों को यह पता होना चाहिए कि उन्हें एक दिन में कितना प्रोटीन  लेना चाहिए और किस तरह का प्रोटीन लेना चाहिए, यह भी जरूरी सवाल है। इस बारे में जानने के लिए हमने सेक्टर 71 स्थित कैलाश अस्पताल में Consultant - Dietetics वंदना राजपूत से बात की है।

किडनी के मरीजों के लिए प्रोटीन के स्रोत- Best Protein For Kidney Disease

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लीन एनिमल प्रोटीनः किडनी के मरीजों के लिए इस तरह का प्रोटीन काफी फायदेमंद होता है। इसमें आयरन और बी 12 जैसे जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। हालांकि, यह विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि किडनी के मरीजों को लीन प्रोटीन भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए और इसके सही विकल्पों को चुनना चाहिए। इसमें चिकन ब्रेस्ट, मछली और लीन बीफ जैसे अच्छे ऑप्शन मौजूद हैं।

प्लांट बेस्ड प्रोटीनः जो लोग नॉन-वेज नहीं खाते हैं और किडनी की किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, तो वे परेशान न हों। उनके लिए प्लांट बेस्ड प्रोटीन मौजूद है। इसमें बीन्स, दालें, नट्स और टोफू प्रोटीन के अच्छे स्रोतों में शामिल हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि प्लांट बेस्ट प्रोटीन किडनी के लिए एनिमल प्रोटन की तुलना में ज्यादा बेहतर है।

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किडनी के मरीज किस तरह का प्रोटीन न लें

डेयरी प्रोडक्टः दूध और दूध से बने प्रोडक्ट में प्रोटीन काफी मात्रा में होता है। साथ ही इसमें फॉस्फोरस कंटेंट भी पाया जाता है। एक्सपर्ट्स की मानें, तो किडनी के मरीजों को फॉस्फोरस युक्त प्रोटीन नहीं लेना चाहिए। इससे उनकी किडनी पर अतिक्ति दबाव पड़ सकता है, जो कि सही नहीं है।

रेड मीटः नॉन-वेज खाने वालों को रेड मीट से दूरी बनाए रखनी चाहिए। रेड मीट में काफी ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है। इसका सेवन करने से किडनी पर बहुत ज्यादा प्रेशर पड़ता है। इससे किडनी फंक्शन पर नेगेटिव असर पड़ता है।

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किडनी के मरीज एक दिन में कितना प्रोटीन लें

नेशनल किडनी फाउंडेशन की मानें, तो किडनी के मरीजों को एक दिन में कितनी मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए, इस बारे में एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। दरअसल, किडनी की मरीजों की स्थिति क्या है? उनका स्वास्थ्य कितना खराब है, उन्हें रिकवरी में कितना समय लगेगा? इस तरह की तमाम बातें प्रोटीन की मात्रा तय करती हैं। चूंकि, किडनी की बीमारी के किसी भी स्टेज में प्रोटीन की कमी कुपोषण का कारण बन सकती है, इसलिए प्रोटीन इनटेक को लेकर लापरवाही करना सही नहीं है। इसके बावजूद, किडनी के मरीजों कितनी मात्रा में प्रोटीन लेनी चाहिए, इस सूचि से जानें-

क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) stages 1–3 0.6–0.8 grams/ kg of body weight (प्रति दिन)
CKD stages 4–5 (not on dialysis)  0.3–0.6 grams/kg of body weight (प्रति दिन)
End-stage renal disease (ESRD) with dialysis

1.0–1.2 grams per kilogram (प्रति दिन)

निष्कर्ष

किडनी के मरीजों को प्रोटीन इनटेक को लेकर काफी ज्यादा कॉन्शस रहना चाहिए। अगर आप डायलासिस में नहीं हैं, तो आपको सीमित मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए और उनके पोर्शन साइज के बारे में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वे आपके स्वास्थ्य की जांच करके सही पोर्शन बता सकते हैं।

All Image Credit: Freepik

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Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 23, 2025 13:16 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Oct 23, 2025 13:16 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Vandana Rajput

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