हार्मोन्स को संतुलित रखने के लिए अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स

अगर आप हार्मोन असंतुलन  के लिए नेचुरल उपाय ढूंढ रहे हैं तो कुछ आयुर्वेदिक हर्ब्स आपकी इसमें मदद कर सकते हैं। 

Monika Agarwal
आयुर्वेदWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jul 10, 2021Updated at: Jul 10, 2021
हार्मोन्स को संतुलित रखने के लिए अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक हर्ब्स

इन दिनों काफी महिलाओं को हार्मोन असंतुलन की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। इसकी मुख्य वजह चाहे पीएमएस हो या मेनोपॉज। एक्सपर्ट के अनुसार पीरियड्स के दौरान किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती, लेकिन अगर ऐसा होता है तो इसका मुख्य कारण है एस्ट्रोजन हार्मोन का असंतुलन या फिर प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन के बीच में असंतुलन होना। हालांकि हमारा लाइफस्टाइल भी हार्मोन असंतुलन के लिए काफी हद तक जिम्मेदार है। सवाल ये उठता है कि आपको कैसे मालूम हो कि आपके शरीर में हार्मोन असंतुलन है? यदि आपको अनियमित मासिक चक्र, मूड स्विंग्स, एंजायटी, टेंशन, डिप्रेशन, वजन परिवर्तन, थकान, स्लीप डिसऑर्डर डाइजेशन की समस्या अथवा कब्ज की शिकायत और बालों का गिरना या पतला होना आदि कुछ लक्षण हैं तो ये हार्मोन असंतुलन के कारण हो सकते हैं। जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ प्रताप चौहान का कहना है कि आपको जानकर हैरानी होगी कि कुछ हर्ब्स (Herbs) जो हम खाने में प्रयोग करते हैं वो हमारे खाने का स्वाद तो बढ़ा ही देते हैं साथ में वह हमारे शरीर के लिए भी बहुत ही अधिक लाभदायक हैं। इन हर्ब्स (Herbs) का प्रयोग आप अपने हार्मोन्स को नियमित करने के लिए भी कर सकती हैं।  

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हार्मोन्स को संतुलित रखने वाले हर्ब्स-Herbs to balance hormones

1. कलोंजी (Nigella seeds)

इस हर्ब्स (Herb) के फूलों में छोटे छोटे काले बीज होते हैं जो एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं।  इन बीजों में बहुत सी मेडिकल प्रॉपर्टी होती हैं जो आपके शरीर के लिए लाभदायक होती हैं। पीसीओएस या किसी थेरेप्टिक उपचारों में इन सीड्स का प्रयोग बहुत लाभदायक माना जाता है। यह थायरॉयड हार्मोन्स और इंसुलिन लेवल को नियमित करने में भी सहायक है। मेनोपॉज के दौरान इसका प्रयोग हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के स्थान पर भी किया जा सकता है।

2. ब्लैक कोहोश रूट (Black Cohosh)

यह एक सप्लीमेंट के रूप में आपको मिलता है जो ब्लैक कोहोश पेड़ से प्राप्त किया जाता है। इस रूट का प्रयोग महिलाओं की मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियमित करने के लिए और पीएमएस आदि को बैलेंस करने के लिए किया जाता है। यह महिलाओं में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन को भी नियमित करने में मदद करता है। कुछ स्टडीज के मुताबिक यह सप्लीमेंट मेनोपॉज के लक्षण को कम करने में भी सहायक होता है। लेकिन इसके बहुत से साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं इसलिए इसका प्रयोग करने से पहले एक बार डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए।

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3. अश्वगंधा (Ashwagandha)

यह जड़ी बूटी बहुत सी मेडिकल कंडीशन के समय उपचार के लिए प्रयोग की जाती है और इसे जाना ही अपने मेडिकल गुणों के लिए जाना जाता है। यह आपके लिए सप्लीमेंट या पाउडर, चाय के रूप में आसानी से उपलब्ध है। यह आपके शरीर से स्ट्रेस को कम करने वाले हार्मोंस को नियमित करता है, साथ ही आपको नींद अच्छी आए इसमें भी मदद करता है। यही नहीं ये इंसुलिन लेवल और रिप्रोडक्टिव हार्मोन्स को नियमित करने में भी सहायक माना जाता है।

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4. मार्जोरम (Marjoram)

यह बहुत लंबे समय से देसी रूप के इलाजों में शामिल होता आ रहा है। इसमें बहुत सारे मेडिकल गुण होते हैं और इसमें फ्लेवोनॉयड भी होता है। यह स्ट्रेस को कम करने में और महिलाओं को पीसीओएस से छुटकारा दिलाने में बहुत लाभदायक होता है। अगर आपको पीसीओएस है तो आपको इस हर्ब की चाय बना कर रोजाना पीनी चाहिए।

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5. चेस्टेबरी (Chasteberry)

यह हर्ब आपको एक्सट्रैक्ट या कैप्सूल के रूप में मिलता है। यह महिलाओं की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सही रखने में और मेनोपॉज के लक्षणों से महिलाओं को राहत दिलाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह प्रोलेक्टिन हार्मोन्स को भी प्रभावित करता है।

इन सभी हर्ब्स का प्रयोग करने से पहले आपको एक बार अपने डॉक्टर की राय जरूर ले लेनी चाहिए और इसके साथ ही आपको अपने हार्मोन्स नियमित रखने के लिए कुछ लाइफस्टाइल से जुड़े बदलाव भी करने चाहिए जैसे अपना वजन संतुलित रखें और एक बैलेंस डाइट लें। पर्याप्त मात्रा में रेस्ट करें और स्ट्रेस को कम करने की कोशिश करें।

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