कूठ का पौधा होता है अस्थमा, खांसी जैसी इन 7 बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट से जानें प्रयोग का तरीका

कूठ एक आयुर्वेदिक औषधी है। इसका प्रयोग, अपच, मुंह में छाले, पेट के रोग व सूजन जैसी परेशानियों को दूर करने में किया जाता है। 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Jul 22, 2021Updated at: Jul 22, 2021
कूठ का पौधा होता है अस्थमा, खांसी जैसी इन 7 बीमारियों में फायदेमंद, एक्सपर्ट से जानें प्रयोग का तरीका

कूठ एक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद में इस पौधे का प्रयोग सूजन, अस्थमा, छाले आदि परेशानियों को दूर करने में किया गया है। कूठ में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं जिनके कारण बड़ी आंत में बैक्टीरिया की ग्रोथ होती है और पाचन संबंधी परेशानियों दूर होती हैं। शरीर की विभिन्न बीमारियों को दूर करने के लिए एलोपैथिक दवाओं से पहले आयुर्वेदिक दवाओं का ही प्रयोग किया जाता था। कोरोना आने के बाद लोगों को आयुर्वेद की शक्ति का अधिक एहसास हुआ। इस महामाीर के बीच लोग जड़ी-बूटियों की ओर मुड़े। ऐसे में यह जगजाहिर है कि आज भी शरीर के रोगों को दूर करने में आयुर्वेद एक टिकाऊ परंपरा है। कूठ का प्रयोग विभिन्न बीमारियों में कैसे करना है, इसके बारे में हापुड़ के चरक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में शल्य विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ. भारत भूषण ने अधिक जानकारी दी।

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कूठ क्या है?

कूठ के फायदों के बारे में जानने से पहले कूठ के बारे में जानना जरूरी है। कूठ को कूट भी कहा जाता है। कूठ का प्रयोग शरीर के कई रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसका वानस्पतिक नाम Saussurea costus Lipschitz syn Saussurea lappa है। यह पौधा ऐस्टरेसी कुल (Asteraceae)  का है। इसकी जड़ अधिक उपयोगी मानी जाती है। भारत के हिमालयी क्षेत्र में कूठ अधिक पाया जाता है।

कूठ के विभिन्न नाम

वनस्पति की कोई सीमा नहीं है। परंतु इंसानी शब्दकोष की सीमा जरूरी हो सकती है। कूठ को विभिन्न प्रांतों में विभिन्न नामों से जाता है।यही वजह है कि सभी भाषाओं में हमें कूठ का नाम मालूम हो, यह जरूरी नहीं। यहां हम आपको कुछ भाषाओं में कूठ के अन्य नाम बता रहे हैं, ताकि आप इसकी सही उपयोग कर पाएं-

  • हिंदी - कूट, कूठ, कुष्ठ
  • अंग्रेजी - कूठ रूट, कॉस्टस
  • संस्कृत - व्याप्य, कुष्ठ, उत्पल

कूठ के फायदे और प्रयोग

प्रोफेसर भारत भूषण ने कूठ के विभिन्न फायदे और प्रयोग निम्न बताए हैं-

1. अस्थमा में लाभकारी

अस्थमा की परेशानी होने पर फेफड़ों में बलगम जम जाती है, जिस वजह से रोगी को सांस लेने में दिक्कत होती है। इस बलगम को साफ करने का काम कूठ की जड़ करती है। सहायक प्रोफेरस भारत भूषण के मुताबिक, जिन लोगों को अस्थमा या सांस संबंधी परेशानियां है, वे कूठ की जड़ का पाउडर बना लें। इस पाउडर को शहद के साथ चाटें। इससे फेफड़ों से बलगम साफ होगी और दमा की परेशानी दूर होगी। 

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2. त्वचा रोगों  को करे दूर

सिर में फोड़े, फुंसी, चेहरे पर मुहासों की समस्या या शरीर में किसी जगह दाद होने पर भी कूठ का प्रयोग किया जाता है। कूठ में एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं, यह प्रॉपर्टीज त्वचा संबंधी संक्रमण को दूर रखती हैं। जिन लोगों को त्वचा संबंधी परेशानियां हैं, वे कूठ के चूर्ण में तेल मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। इससे परेशानी जल्द ठीक हो जाती है। तो वहीं, घाव भरने में भी कूठ का प्रयोग मिट्टी के बर्तन में भूनकर उसमें तेल लगाकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी भरता है। इसके अन्य उपयोग में जानकारी के बारे में जानने के लिए आप नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से बात कर सकते हैं। 

3. पेट संबंधी परेशानियां

खाना न पचना, पेट में जलन, गैस का बनना, अफरा रहना आदि पेट संबंधी परेशानियों में कूठ का प्रयोग किया जाता है। कूठ को जड़ या क्वाथ यानी काढ़ा दो रूपों में प्रयोग में लाया जाता है। पेट की परेशानियां होने पर शरीर भीतर और बाहर दोनों तरफ से निर्बल होने लगता है। ऐसे में इन परेशानियों से दूर रखने में कूठ का प्रयोग किया जाता है। अपच होने पर कूठ के पाउडर को शहद के साथ चाटने से पेट संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। यह पाउडर आपको नजदीकी आयुर्वेदिक दवाओं की दुकान पर मिल जाएगा। तो वहीं, पेचिश की वजह से पेट में होने वाले दर्द से भी कूठ राहत दिलाता है। 

4. सूजन को दूर करने में मददगार

कूठ में एंटी-इंफ्लामेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जिस वजह से सूजन को दूर करने का भी काम करता है। इसके अन्य उपयोग में आप कूठ के काढ़े का प्रयोग भी सूजन को दूर करने में कर सकते हैं। शरीर में सूजन होने पर कूठ की जड़ का काढ़ा बना लें। इस काढ़े से नहाने से सूजन वाली जगह ठीक हो जाती है। 

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5. थायरॉयड विकार में लाभकारी

थायरॉयड संबंधी विकार जिसमें हाइपोथायरॉयडिज्म, थायरॉडिटिज, हाशिमोटो की बीमारी, थायरॉयड कैंसर आदि शामिल होती हैं। इन परेशानियों से निपटने में कूठ बहुत लाभकारी है। थायरॉयड संबंधी विकारों में कूठ के प्रयोग के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं। 

6. मुंह के छाले करे दूर

मुंह में छाले, जलन आदि परेशानियों में कूठ लाभकारी है। कूठ का क्वाथ मुंह के छालों में लाभ पहुंचाता है। कूठ में एंटी-अल्सर प्रभाव होता है। इसलिए यह मुंह के छालों के लिए रामबाण दवा है। कूठ का काढ़ा बनाकर मुंह में कुछ देर रखकर कुल्ला करें, इससे परेशानी में आराम मिलता है। 

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7. खांसी को करे दूर

खासी की परेशानी होने पर कूठ का प्रयोग लाभकारी है। खांसी की वजह से आने वाले बुखार में कूठ लाभकारी है। खांसी में फेफड़ों में बलगम जम जाती है। जिस वजह से सांस लेने में भी दिक्कत होती है और खांसी की परेशानी होती है। खांसी होने पर कूठ के चूर्ण को शहद के साथ चाटने से परेशानी में लाभ मिलता है। मलेरिया बुखार को दूर करने में भी कूठ का प्रयोग किया जाता है।

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कूठ का उपयोग कैसे करें?

कूठ का प्रयोग चूर्ण और क्वाथ दो रूपों में किया जाता है। इसकी जड़ सबसे अधिक उपयोगी भाग है। इसको निम्न तरीके से उपयोग में लाया जा सकता है।

  • मात्रा -पाउडर 1gm से 3 gm
  • क्वाथ (काढ़ा) -  10ml से  30ml

सावधानी और साइड इफेक्ट

  • किसी भी औषधी का अतिरिक्त सेवन फायदों के साथ-साथ हानि भी पहुंचा सकता है। कूठ का अधिक प्रयोग करने से निम्न परेशानियां हो सकती हैं-
  • अधिक मात्रा में कूठ का प्रयोग करने से एसिडिटी की परेशानी हो सकती है।
  • कूठ की तासीर गर्म होती है, इस वजह से इससे एलर्जिक रिएक्शन होने की भी आशंका रहती है।
  • आप जब भी कूठ का प्रयोग करें तो उससे पहले इसके बारे में किसी नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक क सलाह लें। ताकि आपको इसके साइड इफेक्ट न झेलने पड़ें।

कूठ एक आयुर्वेदिक औषधी है। इसका प्रयोग, अपच, मुंह में छाले, पेट के रोग व सूजन जैसी परेशानियों में किया जाता है। इसके अधिक सेवन से एसिडिटी व एलर्जी की परेशानी हो सकती है। इसलिए आप जब भी कूठ का प्रयोग करें किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से करें। कोई गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर को दिखाएं।

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