कई बीमारियों को दूर करता है अमलतास, जानें इसके आयुर्वेदिक फायदे

अमलतास की मदद से वजन कम कर सकते हैं, डायब‍िटीज कंट्रोल कर सकते हैं, जोड़ो का दर्द भी दूर होता है, अन्‍य फायदे जानने के ल‍िए पढ़ें पूरा लेख 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jul 16, 2021Updated at: Jul 16, 2021
कई बीमारियों को दूर करता है अमलतास, जानें इसके आयुर्वेदिक फायदे

अमलतास के पेड़ में पीले फूल आते हैं, ये पेड़ द‍िखने में ज‍ितना खूबसूरत होता है उतना ही गुणों से भरपूर होता है। अमलतास के क्‍या फायदे हैं? आर्युवेद के मुताब‍िक अमलताल के मदद से आप त्‍वचा के रोग, द‍िल से जुड़ी बीमार‍ियां, पेट की बीमारी, टीबी आद‍ि रोग दूर कर सकते हैं। बवासीर की समस्‍या दूर करने के लि‍ए अमलताल का इस्‍तेमाल किया जाता है। अगर आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो भी अमलतास लाभदायक है। अमलतास के अन्‍य फायदे जानने के ल‍िए पढ़ें पूरा लेख। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के व‍िकास नगर में स्‍थित प्रांजल आयुर्वेद‍िक क्‍लीन‍िक के डॉ मनीष स‍िंह से बात की। 

amaltas uses

1. रूमेटाइड अर्थराइट‍िस में जोड़ों के दर्द को दूर करने के ल‍िए इस्‍तेमाल करें अमलतास (Use amaltas to cure joint pain)

अगर आपको रूमेटाइड अर्थराइट‍िस है यानी जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न की समस्‍या रहती है तो आप अमलतास का इस्‍तेमाल करें। आप 1 से 2 चम्‍मच अमलतास के फल का पल्‍प लें और उसे दो कप उबलते पानी में डाल दें, जब पानी आधा रह जाए तो काढ़ा बन जाएगा। आपको खाने के बाद इसे 1 चम्‍मच लेना है। अमलताल के इस्‍तेमाल से रूमेटाइड की समस्‍या में आराम म‍िलता है।

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2. अमलतास से ठीक होता है बवासीर (Use amaltas to cure piles)

amaltas benefits

अगर आपको बवासीर की समस्‍या है तो आप अमलतास की मदद लें। अमलताल से पाइल्‍स की समस्‍या दूर करने में मदद म‍िलती है। कब्‍ज की समस्‍या दूर करने के ल‍िए अमलतास उपयोगी है। इसके सेवन से पाइल्‍स का साइज कम हो जाता है। आप एक से दो टीस्‍पून अमलतास के फल का पल्प लें और उसे गरम पानी में म‍िलाकर रात को सोने से पहले लें, बवासीर की समस्‍या दूर हो जाएगी।

3. वजन कम करने के ल‍िए इस्‍तेमाल करें अमलतास (Amaltas helps to reduce weight)

अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है तो आप अमलतास का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे मेटाबॉल‍िज्‍म सुधरता है और वजन कम करने में मदद म‍िलती है। अमलतास के इस्‍तेमाल से यूरीन से जुड़ी समस्‍या भी दूर होती है। अगर आपको यूरीन कम आती है या नहीं आती है तो अमलतास की पत्‍त‍ियों के रस का  सेवन सुबह-शाम करें।  

4. डायब‍िटीज कंट्रोल करने के लि‍ए इस्‍तेमाल करें अमलतास (Amaltas can control blood sugar level)

डायब‍िटीज कंट्रोल करने के ल‍िए आप अमलतास के पत्‍त‍ियों का चूर्ण गरम पानी के साथ खाने के बाद द‍िन में दो बार लें। अमलतास से ब्‍लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है। अमलतास से इंसुलीन की मात्रा बढ़ती है क्‍योंक‍ि अमलतास में एंटी-ऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं।

5. दर्द और जलन की श‍िकायत दूर करे अमलतास (Use amaltas to cure pain and buring) 

अगर आपको अंदरूनी चोट लगी है तो आप अमलतास का इस्‍तेमाल क‍र सकते हैं। अमलताल की पत्‍त‍ियों का पेस्‍ट आप गाय के दूध या शहद के साथ म‍िलाकर आप दर्द वाली जगह लगाएं। अगर दर्द के साथ जलन भी है तो भी आप अमलतास की पत्‍त‍ियों का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 

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अमलतास को इस्‍तेमाल करने का तरीका (How to use amaltas)

how to use amaltas

  • बाजार में अमलतास की कैप्‍सूल भी म‍िलती है अगर आप डॉक्‍टर की सलाह पर कैप्‍सूल खा रहे हैं तो उसे खाने के बाद गरम पानी के साथ लें। 
  • अगर आप अमलतास का काढ़ा बना रहे हैं तो उसे खाने के बाद लें। काढ़ा बनाने के ल‍िए दो चम्‍मच अमलतास के फल के पल्‍प को गरम पानी में म‍िलाएं और आधा होने तक उबालें फ‍िर पी लें। 
  • अगर आप अमलतास की पत्‍त‍ियों का चूर्ण खा रहे हैं तो 2 ग्राम चूर्ण को गरम पानी के साथ खाने के बाद द‍िन में दो बार ले सकते हैं।

अगर आप अमलतास का ज्यादा इस्‍तेमाल करेंगे तो आपको खांसी या सर्दी हो सकती है क्‍योंक‍ि इसमें कूल‍िंग प्रॉपर्टीज होती हैं इसल‍िए अपने डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करें।

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