Tue Oct 27, 2026 | 01:29 AM IST

Medically Reviewed by Dr Tanima Singhal , Pregnancy Educator & Lactation Consultant

अंधविश्वास या साइंस: क्या वाकई पपीता और अनानास खाने से गर्भपात होता है? डॉक्टर से जानें

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के आहार और देखभाल को लेकर समाज में कई तरह के मिथक और अंधविश्वास प्रचलित हैं। इनमें से एक है कि पपीता और अनानास खाने से गर्भपात होता है?
अंधविश्वास या साइंस: क्या वाकई पपीता और अनानास खाने से गर्भपात होता है? डॉक्टर से जानेंअंधविश्वास या साइंस: क्या वाकई पपीता और अनानास खाने से गर्भपात होता है? डॉक्टर से जानें

महिलाएं गर्भावस्था के दौरान अपने आहार को लेकर बेहद सतर्क रहती हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह उनके और उनके शिशु के स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। खासकर पपीता और अनानास जैसे फलों को लेकर गर्भवती महिलाओं के बीच एक आम धारणा है कि इनका सेवन करने से गर्भपात हो सकता है। यह धारणा कई सालों से चली आ रही है और समाज में इसे लेकर अंधविश्वास बना हुआ है। गर्भवती महिलाओं को यह समझना चाहिए कि किसी भी फल या भोजन को पूरी तरह से छोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

हमारे समाज में इसी तरह के कई मिथ या अंधविश्वास फैले हुए हैं। इसलिए, सेहत से जुड़े ऐसे ही मिथकों और अंधविश्वास के पीछे छिपे साइंस के बारे में बताने के लिए ओन्लीमायहेल्थ "अंधविश्वास या साइंस" सीरीज चला रहा है। इस सीरीज के तहत हम आपको ऐसे ही अंधविश्वासों से जुड़े साइंस और वैज्ञानिक तथ्य बताने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। आज इस सीरीज में लखनऊ के मा-सी केयर क्लीनिक की आयुर्वेदिक डॉक्टर और स्तनपान सलाहकार डॉ. तनिमा सिंघल (Dr. Tanima Singhal, Pregnancy educator and Lactation Consultant at Maa-Si Care Clinic, Lucknow) से जानते हैं कि क्या वाकई पपीता और अनानास खाने से गर्भपात होता है?

क्या पपीता और अनानास का सेवन गर्भावस्था में गर्भपात का कारण बन सकता है?

डॉ. तनिमा सिंघल बताती हैं कि समाज में यह धारणा प्रचलित है कि पपीता और अनानास का सेवन गर्भावस्था के दौरान नुकसानदेह हो सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से सच नहीं है। पपीते और अनानास में कई ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि गर्भवती महिलाओं के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। डॉक्टर का कहना है कि सिर्फ कच्चे पपीते का सेवन कुछ महिलाओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसका सेवन करने से पहले महिलाओं को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अंधविश्वासों के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए। गलत जानकारी के कारण वे कई ऐसे फूड्स से परहेज करती हैं, जो वास्तव में उनके लिए फायदेमंद हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान किसी भी फूड को लेकर संदेह हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

इसे भी पढ़ें: अंधविश्वास या साइंस: क्या मछली खाने के बाद दूध पीने से त्वचा की बीमारियां होती हैं? जानें डॉक्टर की सलाह

कच्चे पपीते का प्रभाव

कच्चे पपीते में पेपेन नामक एक एंजाइम होता है, जो गर्भाशय की मांसपेशियों को उत्तेजित कर सकता है। यह गर्भाशय में संकुचन को बढ़ा सकता है और गर्भपात का कारण बन सकता है। इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को कच्चे पपीते के सेवन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, पके हुए पपीते का सेवन पूरी तरह से सुरक्षित है।

Papaya And Pineapple During PregnancyPapaya And Pineapple During Pregnancy

इसे भी पढ़ें: अंधविश्वास या साइंस: क्या नवजात शिशु को शहद चटाना चाहिए? जानें डॉक्टर की सलाह

पपीते के फायदे

  • विटामिन A और C: यह इम्यूनिटी को बढ़ाते हैं और त्वचा को हेल्दी रखते हैं।
  • फाइबर: पाचन तंत्र को सुधारता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट्स: शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को कम करते हैं।

अनानास के फायदे

  • विटामिन C: यह शरीर को संक्रमण से बचाता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है।
  • मैंगनीज: हड्डियों को मजबूत करता है और ऊर्जा के स्तर को बनाए रखता है।
  • डाइजेस्टिव एंजाइम: पाचन में मदद करता है और गैस की समस्या को कम करता है।

इसे भी पढ़ें: अंधविश्वास या साइंस: क्या तुलसी की पत्तियां चबाकर खाने से नाराज होंगे भगवान या इसका है कोई वैज्ञानिक कारण?

कैसे करें सेवन

  1. पके पपीते को सलाद या स्मूदी के रूप में खाएं।
  2. अनानास के छोटे टुकड़े खाएं या इसका जूस बनाकर पिएं।
  3. अधिक मात्रा में सेवन से बचें और हमेशा संतुलित आहार लें।

निष्कर्ष

पपीता और अनानास का सेवन गर्भावस्था के दौरान पूरी तरह से सुरक्षित हो सकता है, अगर इसे सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए। समाज में प्रचलित अंधविश्वासों के बजाय, महिलाओं को वैज्ञानिक तथ्यों पर ध्यान देना चाहिए और डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। पपीता और अनानास जैसे फूड्स का संतुलित सेवन न केवल महिलाओं के लिए बल्कि उनके शिशु के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, अपनी डाइट को संतुलित रखें, अंधविश्वासों को दूर करें और विज्ञान के साथ जुड़कर स्वस्थ और सुरक्षित गर्भावस्था का आनंद लें।

All Images Credit- Freepik

Read Next

→ क्या ज्यादा पानी पीने से ब्रेस्ट मिल्क सप्लाई बढ़ती है? जानें क्या है इसकी सच्चाई

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Feb 12, 2025 11:58 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Jan 16, 2025 17:16 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Tanima Singhal