
Kidney Problems in Winter: सर्दियों में लोगों को गर्मी की परेशानी नहीं रहती, तो पसीना कम आता है और इस वजह से प्यास भी कम लगती है। प्यास कम लगने के कारण लोग सर्दियों में पानी कम पीते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि कम पानी पानी से किडनी की हेल्थ पर असर पड़ता है। अगर लगातार पानी की कमी रहे, तो किडनी से जुड़ी समस्याएं तक हो सकती है। ठंड में पानी की कमी से किडनी की समस्याओं को लेकर हमने जुपिटर हॉस्पिटल के पेडिएट्रिक नेफ्रोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. पुनीत छाजेड (Dr. Punit Chhajed, Consultant – Pediatric Nephrology, Jupiter Hospital) से बात की। उन्होंने बताया कि भारत में सर्दियों के दौरान किडनी से जुड़ी समस्याओं में हर साल एक हल्की लेकिन लगातार बढ़ोतरी देखी जाती है, और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण डिहाइड्रेशन होता है, जिसे लोग अक्सर गंभीरता से नहीं लेते।
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सर्दियों में प्यास कम लगना
डॉ. पुनीत छाजेड कहते हैं, “गर्मियों में शरीर से पसीने के जरिये पानी बहने लगता है, जिससे प्यास लगती है। इसी वजह से लोग गर्मियों में बार-बार पानी पीते हैं। लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता। ठंड में शरीर को प्यास का संकेत नहीं मिल पाता, लेकिन सच्चाई यह है कि सर्दियों में भी सांस, पेशाब और सूखी त्वचा के जरिये शरीर से पानी निकल जाता है। जब शरीर में यह पानी समय पर पूरा नहीं होता, तो इसे साइलेंट डिहाइड्रेशन कहते हैं। यही कंडीशन किडनी पर एक्स्ट्रा प्रेशर डालती है।”

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डिहाइड्रेशन होने से किडनी को नुकसान
डॉ. पुनीत कहते हैं, “किडनी शरीर का ब्लड साफ करती है, टॉक्सिन बाहर निकालती है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में मदद करती है। इसके लिए किडनी को पर्याप्त पानी की जरूरत होती है। जब शरीर में पानी कम होता है, तो किडनी को वही काम करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे किडनी पर स्ट्रेस बढ़ता है। दरअसल, कम पानी पीने से पेशाब गाढ़ा हो जाता है। यह गाढ़ा यूरिन कैल्शियम, ऑक्सलेट और यूरिक एसिड जैसे मिनरल्स को क्रिस्टल बनने लगते हैं, जो भविष्य में किडनी स्टोन का रूप ले सकते हैं। सर्दियों में खान-पान भी इसकी एक वजह बनता है। इस मौसम में लोग ज्यादा प्रोटीन, नमक, प्रोसेस्ड और तली हुई चीजें खाते हैं। अगर इसके साथ पानी कम हो, तो स्टोन का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है।"
ठंड में बच्चों को किडनी की समस्याएं होना
डॉ. पुनीत छाजेड कहते हैं, “बच्चों में सर्दियों में किडनी से जुड़ी समस्याओं का एक कारण लक्षणों को हल्के में लेना भी है। कम पेशाब होना, पेशाब का रंग गहरा होना, हल्का कमर दर्द या असामान्य थकान को अक्सर मौसम की वजह मानकर इग्नोर कर दिया जाता है, जिससे आगे चलकर किडनी से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। ये सभी किडनी पर प्रेशर पड़ने के शुरुआती लक्षण होते हैं, जिसे पैरेंट्स को सीरियसली लेना चाहिए। इसके अलावा, जिन बच्चों को पहले से ही किडनी की समस्या होती है, उन्हें सर्दियों में वायरल और सांस से जुड़े इंफेक्शन होने के कारण बच्चों में नेफ्रोटिक सिंड्रोम और अन्य किडनी बीमारियों को दोबारा एक्टिव कर सकते हैं। ऐसे इंफेक्शन कमजोर इम्यून सिस्टम वाले बच्चों में ज्यादा होने का रिस्क रहता है।”
सर्दियों में कम पानी की वजह से यूरिन इंफेक्शन बढ़ना
डॉ. पुनीत कहते हैं, “कम पानी पीने से पेशाब कम बनता है और बैक्टीरिया शरीर से बाहर नहीं निकल पाते। ऊपर से ठंड के कारण लोग पेशाब रोक कर रखते हैं। यह आदत यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ा देती है।
बच्चों और बुज़ुर्गों में यह समस्या ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है। इसके अलावा, कम पानी पीने के कारण ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, और जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उनकी किडनी को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए खासतौर पर उन लोगों में जिन्हें पहले से डायबिटीज़ या हाइपरटेंशन है। सर्दियों में अगर BP कंट्रोल में न रहे, तो यह क्रॉनिक किडनी डिजीज को तेजी से बढ़ा सकता है।"
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सर्दियों में किडनी का ध्यान किन लोगों को ज्यादा रखना चाहिए?
डॉ. पुनीत कहते हैं कि कुछ लोगों को खासतौर पर सर्दियों में ध्यान रखना चाहिए क्योंकि इन लोगों में हल्का सा डिहाइड्रेशन भी क्रिएटिनिन बढ़ने और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का कारण बन सकता है।
- पहले से किडनी रोग से पीड़ित लोग
- बुज़ुर्ग, जिनमें प्यास का एहसास कम होता है
- डायबिटीज और हाई BP वाले मरीज
- हार्ट पेशेंट्स या डाइयुरेटिक दवाइयां लेने वाले लोग
सर्दियों में किडनी का कैसे रखें ध्यान?
डॉ. पुनीत छाजेड के अनुसार, थोड़ी सी जागरूकता से सर्दियों में किडनी से जुड़ी कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
- प्यास न लगे तब भी रेगुलर पानी पिएं।
- गुनगुना पानी, सूप और हर्बल चाय अपने डेली रूटीन में शामिल करें।
- पेशाब के रंग पर ध्यान दें, बहुत गहरा रंग डिहाइड्रेशन का संकेत है।
- नमक और ज्यादा प्रोटीन लेना सीमित रखें।
- ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को रेगुलर मॉनिटर करें।
- सर्दियों में भी हल्की फिजिकल एक्टिविटी बनाए रखें।
निष्कर्ष
डॉ. पुनीत कहते हैं कि सर्दियों में लोगों को पीना न या कम पीने की आदत मामूली लग सकती है, लेकिन लगातार शरीर में पानी की कमी डिहाइड्रेशन कर देती है और इसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है। जिन लोगों को पहले से किडनी की समस्या होती है, उनके लिए डिहाइड्रेशन गंभीर रिस्क फैक्टर बन सकता है। इसलिए यह जानना बहुत जरूरी है कि किडनी को सर्दियों में भी उतना ही पानी चाहिए जितना गर्मियों में और अगर किसी भी तरह के शारीरिक बदलाव महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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Jan 01, 2026 08:00 IST
Published By : Aneesh Rawat
