What are the Most Common Cardiovascular Diseases: कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के नाम से ही पता चल जाता है कि यह दिल से जुड़ी कोई समस्या हो सकती हैं। आप में से कई लोग ऐसे होंगे, जिन्हें कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के बारे में जानकारी नहीं होगी। अगर आप भी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं जानते हैं, तो आज का यह आर्टिकल आपके लिए बहुत जरूरी साबित हो सकता है। यहां हम डॉ. निरंजन हिरेमथ, अपोलो इंद्रप्रस्थ में वरिष्ठ सलाहकार कार्डियोवैस्कुलर और महाधमनी सर्जन (Dr. Niranjan Hiremath, Senior Consultant Cardiovascular and Aortic Surgeon at Apollo Indraprastha) से जानेंगे कि कार्डियोवैस्कुलर डिजीज (सीवीडी) असल में होती क्या है और सबसे आम सीवीडी कौन-सी है? आइए इस सवाल का जवाब डॉक्टर से विस्तार में जान लेते हैं।
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज क्या है?-What is Cardiovascular Disease
कार्डियोवैस्कुलर हृदय रोग (Cardiovascular Heart Disease) एक मेडिकल स्थिति है, जिसमें हार्ट और ब्लड वेसल्स से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि हृदय की धमनियों (Artries) में ब्लॉकेज, ब्लड प्रेशर बढ़ना या हृदय की मांसपेशियों (Muscles) की कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कार्डियोवैस्कुलर डिजीज में आमतौर पर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD), हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हार्ट फेलियर, और एरिथमिया जैसी बीमारियां शामिल होती है। यह सभी स्थितियां हार्ट और ब्लड फ्लो पर असर डाल सकती हैं। इससे शरीर के दूसरे अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक-तत्व नहीं पहुंच पाते हैं। आइए अब ऊपर बताई सबसे आम कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के बारे में जान लेते हैं।
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सबसे आम कार्डियोवैस्कुलर डिजीज कौन-सी हैं?- What are the Most Common Cardiovascular Diseases
डॉ. निरंजन हिरेमथ के मुताबिक, हार्ट डिजीज अब कोई दूर का खतरा नहीं बची है। यह लाखों लोगों के लिए एक वास्तविकता बन चुकी है और यह पहले से कहीं ज्यादा तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। अकेले भारत में, हृदय संबंधी रोग (सीवीडी) लगभग चार मौतों में से एक के लिए जिम्मेदार होते हैं। आइए अब आम सीवीडी के बारे में जानते हैं:
- कोरोनरी आर्टरी डिजीज (Coronary Artery Disease)
सबसे आम सीवीडी में कोरोनरी आर्टरी डिजीज (सीएडी) शामिल है, जिसमें दिल को ब्लड की आपूर्ति करने वाली आर्टरीज प्लाक से भर जाती हैं। इस स्थिति में अक्सर एनजाइना या दिल का दौरा पड़ सकता है।
- दिल का दौरा (Heart Attack)
दिल का दौरा पड़ना भी गंभीर और सबसे आम समस्याओं में से एक है। इसका मतलब यह नहीं होता है कि व्यक्ति का हार्ट रुक गया है, बल्कि यह ब्लड को प्रभावी ढंग से पंप करने के लिए कमजोर बना देता है। इसके बाद अतालता (Arrhythmia) या असामान्य हृदय ताल (Palpitations) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure)
हाई ब्लड प्रेशर एक मूक खतरा है, जो समय के साथ ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचता है और अगर इसे अनियंत्रित छोड़ दिया जाए, तो स्ट्रोक या किडनी की समस्याएं हो सकती हैं। इसक अलावा, अवरुद्ध धमनी (Artery Blockage) या दिमाग में ब्लीडिंग के कारण होने वाला स्ट्रोक भी एक प्रमुख दिल से जुड़ी समस्या हो सकती है।
- एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis)
एथेरोस्क्लेरोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों (Arteries) में प्लाक नामक एक चिपचिपा पदार्थ जमा हो जाता है, जिससे धमनियां सख्त और संकरी हो जाती हैं। यह प्लाक वसा, कोलेस्ट्रॉल, कैल्शियम और अन्य पदार्थों से बना होता है। एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण ब्लड फ्लो बाधित हो सकता है, जिससे दिल का दौरा, स्ट्रोक और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज किन कारणों से होती है?- What Causes Cardiovascular Disease
कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। ऐसे में खराब खान-पान, व्यायाम की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन, अत्यधिक तनाव और अनियंत्रित डायबिटीज जैसे लाइफस्टाइल कारक मुख्य होते हैं। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि इनमें से अधिकांश स्थितियों को अगर समय रहते पहचान लिया जाए, तो उन्हें रोका या कंट्रोल किया जा सकता है। आप नियमित स्वास्थ्य जांच और हृदय के अनुकूल आदतें अपनाकर, इस स्थिति से बच सकते हैं।
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कुल मिलाकर, कार्डियोवैस्कुलर डिजीज गंभीर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। अगर आप इस स्थिति से बचना चाहते हैं, तो अपने लाइफस्टाइल और डाइट को सुधार सकते हैं। इससे हार्ट हेल्दी रहता है और ओवरऑल बॉडी को भी फायदे हो सकता है। अगर आपकी सेहत में कोई सुधार नहीं हो रह है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है। आपको दिल से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज करने की भूल नहीं करनी चाहिए।
FAQ
कार्डियोवैस्कुलर कौन सी बीमारी है?
कार्डियोवैस्कुलर हार्ट डिजीज एक मेडिकल स्थिति है, जिसमें हृदय और ब्लड वेसल्स से जुड़ी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जैसे कि - हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज, ब्लड प्रेशर बढ़ना या हृदय की मांसपेशियों की कमजोरी आदि।कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम का क्या कारण बनता है?
आपके संचार तंत्र को कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम कहा जाता है। यह शरीर के सेल्स में ऑक्सीजन, पोषक तत्व और हार्मोन पहुंचाता है, ताकि वे एनर्जी, विकास और मरम्मत के लिए इस्तेमाल हो सकें। आपका संचार तंत्र कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य टॉक्सिन्स को हटाता है।हार्ट के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए?
हार्ट से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे मरीजों को नमक, चीनी, वसा, कैफीन और शराब से बचना चाहिए। उन्हें तला-भुना खाना, प्रोसेस्ड फूड और हाई सोडियम वाले खाद्य पदार्थों का सेवन भी कम करना चाहिए। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लेना अच्छा है।