Doctor Verified

क्या है वैरिकोसेले? जानें कैसे करता है ये पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित

आज के समय में कई पुरुषों को वैरिकोसेले की समस्या होती है, जिसके कारण उनकी फर्टिलिटी भी प्रभावित होती है। ऐसे में आइए लेख में जानें कैसे?
  • SHARE
  • FOLLOW
क्या है वैरिकोसेले? जानें कैसे करता है ये पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित

Varicocele Impact On Male Fertility In Hindi: अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण अक्सर पुरुषों को फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अक्सर लोगों को हेल्दी डाइट लेने, नियमित एक्सरसाइज करने, पर्याप्त पानी पीने और अनहेल्दी खानपान से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इसके कारण पुरुषों के स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है। आज के समय में ज्यादातर पुरुष फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में आइए जयपुर के बिरला फर्टिलिटी एंड आईवीएफ की फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. प्रियंका यादव (Dr. Priyanka Yadav, Fertility Specialist, Birla Fertility & IVF, Jaipur) से जानें वैरिकोसेले कैसे पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है?


इस पेज पर:-


क्या है वैरिकोसेले? - What is varicocele?

डॉ. प्रियंका यादव के अनुसार, पैर की वैरिकाज नसों की तुलना में, वैरिकोसेल अंडकोश की थैली में नसों का एक पैथोलॉजिकल (pathological) फैलाव है। यह समस्या सामान्य आबादी में लगभग 15% पुरुषों में होती है, लेकिन 40% तक पुरुषों में इसका पता चलता है, जो इनफर्टिलिटी से पीड़ित हैं। रिसर्च से पता चलता है कि प्राइमरी इनफर्टिलिटी के लगभग 35% मामलों और सेकेंडरी इनफर्टिलिटी के 80% तक मामलों में वैरिकोसेल इसका कारण हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: क्या जेनेटिक कारणों से भी वैरिकोज वेन्स की समस्या हो सकती है? डॉक्टर से जानें

how to prepare your body for egg freezing in hindi 01 (5)

वैरिकोसेले प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करता है? - How does varicocele affect fertility?

डॉ. प्रियंका के अनुसार, बढ़ी हुई वेन्स सामान्य कुलिंग प्रक्रिया में बाधा डालती हैं। जिसके कारण अंडकोष का तापमान बढ़ जाता है। इसके कारण प्राइवेट पार्ट में ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाती है और ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है। जिसके कारण पुरुषों के टेस्टिकुलर सेल्स के काम करने के तरीके को खराब करते हैं, जिससे स्पर्म का उत्पादन करने वाले टेस्टोस्टेरोन का रिसाव प्रभावित होता है। आखिर में, वैरिकोसेल वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कम हो जाता है, मोटिलिटी खराब हो जाती है, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से स्पर्म डीएनए (DNA) डैमेज बढ़ जाता है और कुछ लोगों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर भी कम हो जाता है।

डॉ. प्रियंका बताती हैं कि इनफर्टिलिटी एक ऐसी समस्या है, जो दुनिया भर में लगभग 15–20% कपल्स को प्रभावित करती है और इनमें से लगभग आधे के लिए पुरुष कारण जिम्मेदार हैं। पुरुषों में इनफर्टिलिटी के कारणों में से, वैरिकोसेल सबसे आम समस्या है और संयोग से इसका इलाज सबसे आसान है।

इसे भी पढ़ें: वैरिकोज वेन्स की समस्या में बैठने और सोने का सही तरीका, एक्सपर्ट से जानें

वैरिकोसेले के लक्षण - Symptoms of varicocele in hindi

डॉ. प्रियंका यादव के अनुसार, अगर आपको और आपके लाइफ पार्टनर को कंसीव करने में परेशानी हो सकती है या पुरुषों में अंडकोष में भारीपन, दर्द या लंबे समय तक इनफर्टिलिटी जैसे वैरिकोसेले के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत किसी फर्टिलिटी एक्सपर्ट से सलाह लेने से वैरिकोसेल का पता चल सकता है और मददगार इलाज मिल सकते हैं।

वैरिकोसेले की समस्या का इलाज - Treatment of varicocele problem in hindi

डॉ. प्रियंका के अनुसार, अच्छी बात यह है कि वैरिकोसेल पुरुषों में इनफर्टिलिटी का सबसे सर्जरी से ठीक होने वाला कारण है। आजकल के माइक्रोसर्जिकल वैरिकोसेलेक्टॉमी, लैप्रोस्कोपी और एम्बोलिजेशन जैसे ऑपरेशन के तरीके से सीमेन पैरामीटर्स को बढ़ा सकते हैं और नेचुरल कंसीव करने की दर बढ़ा सकते हैं। इन सब में, माइक्रोसर्जिकल वैरिकोसेलेक्टॉमी को सबसे अच्छा स्टैंडर्ड माना जाता है, जिसमें प्रेग्नेंसी की दर सबसे अच्छी (लगभग 40–50%) होती है और कॉम्प्लीकेशन्स का खतरा सबसे कम होता है।

डॉ. प्रियंका बताती हैं कि यह बताना जरूरी है कि वैरिकोसेल वाले सभी पुरुषों को इलाज की जरूरत नहीं होती है। सर्जिकल सुधार की सलाह आमतौर पर तब दी जाती है, जब वैरिकोसेल साफ दिखे, कपल इनफर्टिलिटी हो, सीमेन की क्वालिटी असामान्य हो और महिलाओं में फर्टिलिटी से जुड़े कोई बड़े फैक्टर न हों।

निष्कर्ष

वैरिकोसेले के कारण पुरुषों में इनफर्टिलिटी की समस्या हो सकती है। ऐसे में इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से तुरंत सलाह लें, ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।

All Images Credit- Freepik

यह विडियो भी देखें

Read Next

क्या पुरुषों को यौन संबंध बनाने के कारण यूटीआई हो सकता है? बता रहे हैं डॉक्टर

Disclaimer

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

  • Aug 16, 2025 23:44 IST

    Published By : Priyanka Sharma

TAGS