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शहद और त्रिफला चूर्ण मिलाकर खाने से दूर होती हैं ये 5 समस्याएं, जानें उपयोग और कुछ नुकसान

शहद और त्रिफला दोनों का सेवन सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है लेकिन इन दोनों की अधिकता सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकती है।

आयुर्वेद में त्रिफला महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों में से एक है। वहीं अगर वजन कम करना हो या हेल्दी ड्रिंक बनाना हो तो शहद का इस्तेमाल हर भारतीय घर में किया जा सकता है। शहद के अंदर प्रोटीन, फाउबर, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, सोडियम, जिंक, कॉपर, सेलेनियम, विटामिन सी आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं। वहीं त्रिफला के अंदर एंटी ऑक्सिडेंट, एंटी बैक्टीरियल, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल आदि गुण पाए जाते हैं। ऐसे में इन दोनों का सेवन यदि एक साथ किया जाए तो सेहत को कई फायदे हो सकते हैं। आज का हमारा लेख इन्हीं दोनों के एक साथ सेवन करने पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे थी शहद और त्रिफला का एक साथ सेवन करने से सेहत को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। साथ ही नुकसान के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने आयुर्वेद संजीवनी हर्बल क्लिनिक शकरपुर, लक्ष्मी नगर के आयुर्वेदाचार्य डॉ एम मुफिक (Ayurvedacharya Dr. M Mufik) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

1 - भूख बढ़ाने में उपयोगी

भूख बढ़ाने के लिए त्रिफला चूर्ण और शहद आपके बेहद काम आ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि त्रिफला के उपयोग से पाचन क्रिया को ना केवल अच्छा बनाया जा सकता है बल्कि भोजन के अवशोषण के ये बेहद मददगार साबित हो सकता है। इससे अलग इन दोनों के सेवन से आसानी से मल त्यागने में भी मदद मिलती है। इससे अलग ये त्रिफला भूख बढ़ाने में भी उपयोगी है। ऐसे में आप शहद और त्रिफला के चूर्ण को एक साथ मिलाकर सेवन करें।

2- एनीमिया के लिए उपोयगी 

जब शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी हो जाती है तो शरीर खून की कमी यानि एनीमिया की समस्या का शिकार हो जाता है। ऐसे में बता दें कि त्रिफला और शहद शरीर में ना केवल रेड ब्लड सेल्स को बढ़ाने में उपयोगी हैं बल्कि त्रिफला चूर्ण हीमोग्लोबिन को बढ़ाने में मददगार है। वहीं शहद भी शरीर में खून को बढ़ाने में आपके काम आ सकता है।

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3 - मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद 

त्रिफला और शहद दोनों के सेवन से मधुमेह से बचाव किया जा सकता है। दरअसल त्रिफला के सेवन से ब्लड ग्लूकोज स्तर में कमी आ सकती है। वहीं, शहद भी मुधमेह रोगियों के लिए बेहद उपयोगी है। ऐसे में त्रिफला चूर्ण और शहद दोनों के सेवन से खून में ग्लूकोज के स्तर को कम किया जाता सकता है। हालांकि रोगियों में इस मिश्रण को अपनी डाइट में जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह लेनी जरूरी है।

4 - वजन कम करने में उपयोगी

त्रिफला चूर्ण और शहद के उपयोग से वजन नियंत्रण किया जा सकता है। बता दें कि त्रिफला चूर्ण के सेवन से चर्बी को नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं ये शरीर में अतिरिक्त कैलोरी को बर्न कर सकता है। वहीं शहद का सेवन भी आमतौर पर वजन को कम करने में किया जाता है। बता दें कि शहद में एंटी ओबेसिटी गुण मौजूद होते हैं जो वजन को नियंत्रित करने के लिए उपयोगी हैं। 

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5 - त्वचा के लिए उपयोगी

त्रिफला चूर्ण और शहद त्वचा को कई समस्याओं से दूर रखने में उपयोगी है। त्रिफला में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो बैक्टीरियल संक्रमण से बचाव में उपयोगी हैं। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो त्वचा से जुड़ी सूजन को कम करने में आपके काम आ सकते हैं। इसके सेवन से एजिंग की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। 

त्रिफला और शहद के नुकसान

किसी भी चीज की अति सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। ऐसा ही कुछ त्रिफला और शहद के साथ भी है। बता दें कि इन दोनों की अधिकता से सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। ये नुकसान निम्न प्रकार हो सकते हैं। पढ़ते हैं आगे... 

1 - इनकी अधिकता से दस्त की समस्या हो सकती है। 

2 - गर्भावस्था के दौरान इन दोनों मिश्रण का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायर साबित हो सकता है। 

3 - इन दोनों के सेवन से सेहत को एलर्जी की समस्या भी हो सकती है। 

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है त्रिफला और शहद दोनों ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। लेकिन इन दोनों का सेवन अधिक मात्रा में करने से सेहत को नुकसान भी पहुंच सकता है। ऐसे में इसकी सीमित मात्रा की जानकारी लेने के लिए एक बार एक्सपर्ट की राय जरूर है। यदि आप कोई स्पेशल डाइट फॉलो कर रहे हैं या किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं तो अपनी डाइट में त्रिफला और शहद को जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

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Garima Garg

Garima Garg

सब-एडिटर

जागरण न्यू मीडिया (Only My Health) में सब एडिटर पद पर काम कर रही गरिमा गर्ग को डिजिटल मीडिया में 2 साल से अधिक का अनुभव है। वह जर्नलिज्‍म में पिछले 3 साल से सक्रिय हैं। गरिमा को एजुकेशन के साथ-साथ हेल्‍थ और फिटनेस से जुड़ी खबरों और फीचर लेखन की अच्‍छी समझ है। वह पिछले 3 वर्षों से इन विषयों पर लेख लिख रही हैं। इससे पहले गरिमा अमर उजाला और दैनिक जागरण की सखी मैगजीन में लेखन का कार्य कर चुकी हैं। गरिमा चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट हैं।

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    Dec 22, 2021 00:00 IST

    Published By : Garima Garg

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