
आजकल पेट से जुड़ी समस्याएं सिर्फ अपच या गैस तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ये पूरे शरीर की सेहत को चुपचाप प्रभावित कर रही हैं। अक्सर लोग लगातार पेट फूलना, थकान, सिरदर्द या बिना वजह चिड़चिड़ापन महसूस करते हैं, लेकिन इन्हें सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि इन सभी समस्याओं की जड़ आपकी आंतों की अंदरूनी परत में छुपी हो सकती है? हमारी आंतों की परत एक तरह की सुरक्षा दीवार होती है, जो शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया, विषैले तत्वों और अधपचे भोजन से बचाती है लेकिन जब यह परत कमजोर हो जाती है, तो शरीर के भीतर कई तरह की परेशानियां एक साथ जन्म लेने लगती हैं। इस लेख में यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, हेपेटोलॉजिस्ट और थेराप्यूटिक एंडोस्कोपिस्ट डॉ. डी. चंद्र शेखर रेड्डी (Dr. D. Chandra Sekhar Reddy , Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist and Therapeutic Endoscopist, Yashoda Hospitals, Hyderabad) से जानिए, कमजोर आंतों की परत के लक्षण क्या हैं और इसे ठीक करने में कितना समय लगता है?
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कमजोर आंतों की परत के लक्षण - How do you know if your intestinal lining is damaged
कमजोर इंटेस्टाइनल लाइनिंग के लक्षण केवल पाचन तंत्र तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पूरे शरीर पर इसका असर दिख सकता है। सबसे पहले पाचन से जुड़े लक्षण सामने आते हैं। डॉ. डी. चंद्र शेखर रेड्डी बताते हैं कि इसमें बार-बार पेट फूलना, गैस बनना, पेट में दर्द या असहजता, दस्त या कब्ज जैसी अनियमित बाउल हैबिट्स शामिल हैं। कई लोगों को कुछ खास फूड्स खाने के बाद परेशानी बढ़ती हुई महसूस होती है, जिसे फूड सेंसिटिविटी कहा जाता है।
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- डॉ. डी. चंद्र शेखर रेड्डी के अनुसार, आंतें सिर्फ भोजन पचाने का काम नहीं करतीं, बल्कि यह इम्यून सिस्टम और नर्वस सिस्टम से भी गहराई से जुड़ी होती हैं।
- यही कारण है कि कमजोर आंतों की परत का असर मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर दिखता है।
- ऐसे लोगों को अक्सर थकान, ब्रेन फॉग, सिरदर्द, त्वचा पर रैशेज, जोड़ों में दर्द, और बार-बार मूड बदलने की समस्या हो सकती है।
- कुछ मामलों में एंग्जायटी और लो मूड जैसी मानसिक परेशानियां भी सामने आती हैं।
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कमजोर आंतों की परत को ठीक होने में कितना समय लगता है? - How long does it take to heal gut lining
आंतों की परत को ठीक होने में लगने वाला समय हर व्यक्ति में अलग-अलग होता है। डॉ. रेड्डी बताते हैं कि यदि समस्या शुरुआती स्तर पर हो और व्यक्ति सही लाइफस्टाइल अपनाए, तो 4 से 12 हफ्तों में लक्षणों में सुधार दिखने लगता है। इस दौरान सूजन कम होती है, पाचन बेहतर होता है और एनर्जी लेवल में भी सुधार महसूस होता है।
हालांकि, अगर समस्या लंबे समय से चली आ रही हो या आंतों को गंभीर नुकसान पहुंचा हो, तो पूरी तरह ठीक होने में कई महीने से लेकर एक साल या उससे भी ज्यादा समय लग सकता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि व्यक्ति कितनी नियमितता से हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल को फॉलो करता है।
निष्कर्ष
डॉ. रेड्डी के मुताबिक, गट हीलिंग एक धीमी लेकिन स्थायी प्रक्रिया है। शुरुआत में लक्षणों से राहत जल्दी मिल सकती है, लेकिन आंतों की सुरक्षा परत को पूरी तरह मजबूत होने में समय लगता है। इसलिए धैर्य रखना और लगातार हेल्दी आदतों को अपनाना बेहद जरूरी है। सही खानपान, स्ट्रेस मैनेजमेंट और प्रोबायोटिक्स के साथ आंतों की सेहत दोबारा बेहतर की जा सकती है।
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FAQ
आंत के मुख्य कार्य क्या हैं?
आंतों का मुख्य काम भोजन को पचाना और उससे पोषक तत्वों को अवशोषित करना है। इसके अलावा आंतें इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने, हार्मोन संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य में भी अहम भूमिका निभाती हैं।कमजोर आंत को मजबूत कैसे करें?
फाइबर से भरपूर डाइट लें, प्रोबायोटिक्स, पर्याप्त पानी, तनाव कम करना, अच्छी नींद और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाकर आंतों की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है।कमजोर आंतों के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?
शुरुआत में पेट फूलना, गैस, अपच, पेट दर्द, दस्त या कब्ज जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
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Jan 01, 2026 16:41 IST
Published By : Akanksha Tiwari
