दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है सोशल आइसोलेशन, जानें लॉकडाउन में अकेलेपन को दूर करने के 4 तरीके

अकेलापन प्रति दिन 15 सिगरेट पीने के समान घातक है। वहीं थोरैक्स पत्रिका में प्रकाशित एक शोध ने सामाजिक अलगाव को श्वसन रोग से भी जोड़ा है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 25, 2020
दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है सोशल आइसोलेशन, जानें लॉकडाउन में अकेलेपन को दूर करने के 4 तरीके

COVID-19 महामारी से सुरक्षित रहने के लिए लोग अपने घरों के अंदर बंद हैं, लेकिन सामाजिक अलगाव अन्य स्वास्थ्य मुद्दों के अन्य जोखिम को बढ़ा सकते हैं। एक नए अध्ययन से पता चला है कि जो लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग हैं, उन्हें हृदय की बीमारियां जैसे दिल का दौरा या स्ट्रोक का सामना करने का अधिक खतरा होता है। अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो लोग सामाजिक रूप से अलग-थलग हैं, उनकी तुलना में सामाजिक रूप से एकीकृत रहने वाला व्यक्ति ज्यादा स्वस्थ हृदय वाला होता है। अध्ययन में बताया गया है कि दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा जैसे उच्चरक्त चाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर का संतुलन खराब होना सोशल आइसोलेशन (social isolation) से भी जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं क्या कहता है ये अध्ययन।

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क्या कहता है ये अध्ययन

जर्मनी के एसेन में विश्वविद्यालय अस्पताल के शोधकर्ताओं (University Hospital in Essen, Germany) ने दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा और सोशल आइसोलेशन का स्वास्थ्य पर असर (how social isolation affects health) को लेकर एक शोध किया है। अध्ययन में शोधकर्ताओं  ने 4,316 व्यक्तियों (औसत आयु 59.1 वर्ष) से डेटा का विश्लेषण किया। शोध के प्रारंभ में प्रतिभागियों में से किसी को भी हृदय रोग नहीं था। इसके बाद कार्डियोवस्कुलर घटनाओं जैसे दिल का दौरा या स्ट्रोक और अध्ययन प्रतिभागियों के बीच 530 मौतों पर शोध किया। अन्य संभावित हृदय जोखिम कारकों के लिए समायोजन के बाद, शोधकर्ताओं ने पाया कि इनकी मौत में एक चीज सामान्य थी, वो ये कि ये सब किसी न किसी तरह से सोशल आइसोलेशन के शिकार थे। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि इस तरह का अलगाव मृत्यु के जोखिम को 47 प्रतिशत तक बढ़ा देता है।

लॉकडाउन में अकेलेपन को दूर करने के तरीके

COVID -19 संक्रमण से बचने के लिए, लोग सख्ती से सोशल आइसोलेशन के शिकार हो गए हैं, जो कि इस शोध के अनुनार हृदय स्वस्थ के लिए अच्छा नहीं है। तो आइए जानते हैं  लॉकडाउन में अकेलेपन को दूर करने के तरीके

घर में कोई न कोई पालतू जानवर पालें

अकेलापन दूर करने में पालतू जानवर आपको अकेलेपन को दूर करने में मदद कर सकते हैं और आपको सक्रिय रहने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं। इस तरह ये आपका तनाव दूर कर सकते हैं। कई अध्ययनों से यह भी पता चला है कि घर में कुत्ता या बिल्ली होने से आपके दिल के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है। आपके स्ट्रोक, हृदय रोग और समय से पहले मौत का खतरा कम हो सकता है।

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सामाजिक चीजों में शामिल होना

सामाजिक चीजों में शामिल होना आपको अच्छा महसूस करवा सकता है। जैसे कि आप घर वालों और रिश्तेदारों से बात करें और उनके साथ किसी चीज पर चर्चा करें। जैसे घर के किसी काम के बारे में या किसी और की कोई मदद करने के बारे में। कुल मिलाकर इतना कि आपको अकेला न लगे।

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पुराने दोस्तों से बात करें

पुराने दोस्तों से फिर से संकर्प करने की कोशिश करें, जिसके साथ आप लंबे समय से जुड़े न हों। चूंकि लॉकडाउन के कारण, उसे या उसे व्यक्तिगत रूप से देखना संभव नहीं हो सकता है, आप तकनीक का अच्छा उपयोग कर सकते हैं। वीडियो कॉल, टेक्स्ट मैसेज या सोशल मीडिया के जरिए उससे जुड़ने की कोशिश करें। लॉकडाउन के बाद या जब महामारी समाप्त हो जाती है तो एक साथ मिलने की योजना बनाएं।

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कुछ टारगेट सेट करें

हर किसी के पास एक टारगेट होना बेहद जरूरी है। ये इसलिए क्योंकि अगर ऐसा कुछ है जिसे करने में आपको आनंद आता है और जिसे जुनून के साथ करते हैं, तो ये आपको खुश रखता है। अगर आपके पास ऐसा कुछ नहीं है, तो आपना कोई जुनून ढूंढे और उसे पूरा करने की कोशिश करें। वहीं दूसरों के साथ अपने जुनून को साझा करने से आप अधिक दोस्ती तक खुलेंगे और साथ ही आपकी अपनी प्रतिभा भी बढ़ सकती है।

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