विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 6 फायदे, जानें तरीका

विपरीत नौकासन का अभ्यास शरीर की कार्यक्षमता बढ़ाने और शारीरिक रूप से एक्टिव रहने के लिए बहुत उपयोगी है, जानें इसके फायदे और अभ्यास का तरीका।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 11, 2022Updated at: Apr 11, 2022
विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 6 फायदे, जानें तरीका

योग का नियमित अभ्यास शरीर ही नहीं मन और दिमाग को भी फिट और हेल्दी रखने में मदद करता है। अगर आप मेंटली और फिजिकली फिट रहने के साथ-साथ सकारात्मक रहना चाहते हैं तो रोजाना योगासनों का अभ्यास जरूर करना चाहिए। शरीर की अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग योगासनों का अभ्यास किया जाता है। विपरीत नौकासन (Reverse Boat Posture or Vipreet Naukasana) का नियमित अभ्यास शरीर की कार्यक्षमता को ठीक करने के साथ-साथ शरीर के कई अलग-अलग अंगों को बेहतर बनाने के लिए फायदेमंद माना जाता है। विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़ों को फायदा मिलता है और पेट पर मौजूद चर्बी को हटाने के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। सुबह खाली पेट इस योगासन का अभ्यास करना शरीर के लिए बहुत उपयोगी होता है। आइये जानते हैं विपरीत नौकासन का अभ्यास करने के फायदे और अभ्यास का तरीका।

विपरीत नौकासन के फायदे (Vipreet Naukasana Benefits in Hindi)

फेफड़ों की कार्यक्षमता सुधारने के लिए और पेट पर मौजूद एक्स्ट्रा चर्बी को दूर करने के लिए विपरीत नौकासन का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है। विपरीत नौकासन तीन शब्दों से मिलकर बना है जिसमें विपरीत का मतलब है उल्टा, नौका का अर्थ है नाव और आसन का अर्थ है मुद्रा। इस आसन का अभ्यास का करते समय आपके शरीर की मुद्रा नौकासन की तरह की होती है लेकिन नौकासन का अभ्यास करते समय आप पीठ के बल रहते हैं और इस योगासन का अभ्यास करते समय आप पेट के बल होते हैं। विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से मिलने वाले फायदे इस तरह हैं।

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1. पेट की चर्बी को कम करने के लिए विपरीत नौकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है। इसका नियमित अभ्यास करने से आपके पेट और कमर के आसपास मौजूद एक्स्ट्रा चर्बी को दूर करने में मदद मिलती है। पेट की चर्बी बर्न करने के लिए विपरीत नौकासन का अभ्यास करने के बाद गुनगुने पानी का सेवन करना फायदेमंद होते हैं।

2. आंखों से जुड़ी समस्याओं में विपरीत नौकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस योगासन के अभ्यास से आपके आंखों को बहुत फायदा मिलता है। आंख की रोशनी कमजोर होने पर या आंख से जुड़ी अन्य समस्याएं होने पर आपको इस योगासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए।

3. रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने के लिए और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए विपरीत नौकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। बुढ़ापे में रीढ़ की हड्डी कमजोर होने से आपको झुककर चलना पड़ता है। इस समस्या से भी छुटकारा पाने के लिए रोजाना विपरीत नौकासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

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4. शरीर को एक्टिव और फिट रखने के लिए विपरीत नौकासन का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद होता है। शरीर को संपूर्ण रूप से हेल्दी और फिट रखने के लिए आपको रोजाना विपरीत नौकासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इसका अभ्यास करने से आपको डिप्रेशन और स्ट्रेस जैसी मानसिक समस्याओं में भी फायदा मिलता है।

5. पाचन तंत्र का स्वस्थ रहना शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है तो इसकी वजह से आपका शरीर अस्वस्थ रह सकता है। पाचन तंत्र को मजबूत करने के लिए और शरीर की पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए इस योगासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

6. विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से आपके कंधे मजबूत होते हैं। इसका अभ्यास करने से हिप्स, आर्म्स आदि को बहुत फायदा मिलता है। नियमित रूप से विपरीत नौकासन का अभ्यास करने से आपके शरीर की मांसपेशियों को फायदा मिलता है।

विपरीत नौकासन का अभ्यास करने का तरीका (Vipreet Naukasana Steps in Hindi)

विपरीत नौकासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।

  • विपरीत नौकासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले आप पेट के बल योगा मैट पर लेट जाएं।
  • अब इसके बाद दोनों पैरों को एकसाथ मिला लें।
  • सिर जमीन पर रखें और हाथ सामने की तरफ फैलाएं।
  • इसके बाद सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर की तरफ से उठाते हुए ऊपर की तरफ ले जाएं।
  • इस दौरान सांसों को सामान्य रखें।
  • कुछ देर तक इसी तरह से उल्टी नाव की स्थिति में रहें।
  • अब सामान्य मुद्रा में वापस आएं।

रोजाना 8 से 10 बार इस योगासन का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद होता है। सुबह खाली पेट ही विपरीत नौकासन का अभ्यास करना चाहिए। इसके अलावा विपरीत नौकासन का अभ्यास करने के कुछ देर बाद गुनगुने पानी का सेवन जरूर करें तभी आपको इसका पूरा फायदा मिलेगा।

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